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पेयजल महायोजना के पूरे होने में लगेंगे तीन साल इस बार गर्मियों में फिर पानी के लिए तरसेगा अपना शहर

Thu, 13 Feb 2020 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2020 01:33 AM IST
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watter problem
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झांसी। गर्मियों में शहर की दो लाख आबादी को इस बार भी पानी के संकट का सामना करना पड़ेगा। उनको पानी जुटाने के लिए हैंडपंप व टैंकरों का सहारा लेना पड़ेगा। कई इलाकों में लोगों को रात- रात भर पानी आने का इंतजार करना होगा। हालांकि, पेयजल महायोजना पर काम चल रहा है, लेकिन इसके अभी तीन साल तक पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
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महानगर में तब्दील हो गया झांसी आज भी प्यास बुझाने के मामले में किसी छोटे शहर सरीखा ही है। अब भी एक चौथाई बड़ी आबादी सरकारी पेयजल व्यवस्था पर निर्भर होने की बजाय हैंडपंप या अन्य स्रोतों पर ही आश्रित है। महानगर में छह लाख की आबादी है, जिनमें से चार लाख लोगों तक जल संस्थान की पाइप लाइन पहुंची है। ऐसे में गर्मियों में तो हालात बेहद खराब हो जाते हैं। उस समय हैंडपंप भी कोढ़ में खाज का काम करते हैं। जल स्तर नीचे जाने से पानी नहीं निकलता। ऐसे में लोगों के पास जल संस्थान के टैंकरों से मुहैया कराए जाने वाले पानी के सिवा कोई विकल्प नहीं बचता है। जलापूर्ति की यह व्यवस्था पिछले तीन दशकों से एक जैसी ही है, जबकि, इस अवधि में आबादी में तीन गुना बढ़ोतरी हो चुकी है। महानगर के 36 से अधिक मुहल्ले सिर्फ इसी वजह से जल संकट झेलने को विवश हैं। इस बार भी इन क्षेत्र के लोगों को जलसंकट का सामना करना होगा।
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जलसंस्थान ने गर्मियों को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की मदद से 39 स्टील के नए टैंकर मांगे गए हैं। बजट मिलते ही उनको गवर्मेंट ई मार्केटिंग के माध्यम से खरीदा जाएगा। साथ ही हैंडपंप मरम्मत, टैंकर संचालन, मोटर पंप बदलने आदि कार्यों के लिए नगर निगम से 8.50 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है।
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कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान।
प्यास बुझाने को जूझती बड़ी आबादी
- हैंडपंप या अन्य स्रोतों पर निर्भर हैं महानगर के कई इलाकों के लोग
- गर्मी में हालात हो जाते हैं बेकाबू, हैंडपंप भी छोड़ जाते हैं साथ
आंकड़ों में शहर
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कुल आबादी: 5,90,000
वार्ड की संख्या: 60
इतने हैं मकान: 1.30 लाख
घरेलू जल कनेक्शन : 45,992
स्टैंड पोस्ट: 150 (आधे से अधिक खराब)
हैंडपंपों की संख्या: 3221
यह है पानी की आवश्यकता
83.82 एमएलडी: पानी की है आवश्यकता
70.45 एमएलडी: पानी की हो रही आपूर्ति
आपूर्ति के साधन
टंकियों की कुल संख्या: 13
नल- कूपों की संख्या- 29
यहां हैं पानी की किल्लत
करगुवां जी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रताप नगर, वकील कॉलोनी, राजपूत कालोनी, वीरांगना नगर, मयूर विहार कॉलोनी, सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गड़ियागांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, सीपरी बाजार क्षेत्र के मसीहागंज समेत कई छोटी कॉलोनियाें में पानी की समस्या है।
पानी के लिए घर से दूर लगे हैंडपंप तक जाना पड़ता है। वृद्धों के लिए अधिक मुश्किल होती है। हर बार उम्मीद थी कि समस्या से निजाम मिल जाएगी, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। - पंकज कुमार।

पानी संकट के कारण पूरा घर परेशान रहता है। यह समस्या पिछले कई साल से झेल रहा हूं। उम्मीद थी कि इस बार महायोजना पूरी हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। - नंदलाल राय।
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