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जल संकट के समाधान का इंतजार

Thu, 21 Mar 2019 12:27 AM IST
jhansi Published by: देवेंद्र कुमार Updated Thu, 21 Mar 2019 12:27 AM IST
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watter cricess in satyam colony
water problems - फोटो : amarujala
बड़ागांव गेट बाहर के इलाकों में पानी की समस्या नासूर बन चुकी है। भूगर्भ जल यहां रसातल में है, जबकि सरकार अब तक यहां पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था बना नहीं पाई है। गर्मी के सीजन में हर बार क्षेत्र में ये समस्या और भी गहरा जाती है। इसके अलावा हर चुनाव में ये समस्या बड़ा मुद्दा बनती है, नेताओं की ओर से आश्वासनों की बौछार होती है। लेकिन, चुनाव बाद भुला दिया जाता है।
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शहर के बड़ागांव गेट बाहर के क्षेत्र में सत्यम कॉलोनी, मद्रासी कॉलोनी, मास्टर कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी समेत कई कॉलोनियां व मुहल्ले है। इलाके की आबादी बीस हजार से अधिक है। व्यापारी और नौकरीपेशा वर्ग के लोगों की संख्या यहां अधिक है। क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या पानी की है। यहां भूगर्भ जल रसातल में है। हैंडपंप और बोरिंग से ज्यादा पानी नहीं निकलता है। गर्मी में ये पूरी तरह से सूख जाती हैं। जबकि, पाइप लाइन से भी जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोगों को पानी के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है। प्रशासन की ओर से टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन वो पर्याप्त नहीं होती है।
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विधानसभा या नगर निगम के चुनाव हों या फिर लोकसभा के, पिछले हर चुनाव में ये समस्या बड़ा मुद्दा रही है। सभी पार्टियों की ओर से इस समस्या के समाधान का भरोसा भी दिया गया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई प्रभावी काम नहीं हुआ। समस्या जस की तस बनी हुई है।
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बोले स्थानीय निवासी
इलाके में सालों से पानी की समस्या बनी हुई है, इस समस्या को दूर करने के लिए क ई बार स्थानीय नेताओें के साथ ही अधिकारियों से गुहार लगा चुके है, हर बार आश्वासन ही दिया जाता है। कार्यवाही नहीं होती।
- प्रियंका पाटकर

पानी की टंकी नहीं होने से इलाके में समस्या बनी हुई है, गर्मी के नजदीक आते ही बोरिंगों का पानी पूरी तरह से सूख जाता है, जिससे भारी जल संकट का सामना करना पड़ता है।

- संगीता गुप्ता

पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ता है। यहां-वहां से पानी का इंतजाम करना पड़ता है। क्षेत्र में पानी की टंकी का निर्माण होना आवश्यक है। हर चुनाव में आश्वासन तो मिलता है, पर बाद में सब भूल जाते हैं।
- सुनील, त्रिपाठी
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