फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   water level low every day

दिनों दिन गिरता जा रहा भूजलस्तर..

Wed, 26 May 2021 01:07 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 26 May 2021 01:07 AM IST
विज्ञापन
water level low every day
झांसी। महानगर में हैंडपंपों के सहारे रहने वाले लोगों को पानी की परेशानी झेलनी पड़ रही है। कारण, हैंडपंपों का जलस्तर दिनोंदिन नीचे जा रहा है। इस कारण जिन हैंडपंपों में दो महीने पहले साठ फीट पाइप होने के बाद भी भरपूर पानी आता था, अब अस्सी फिट पाइप डाले जा चुके हैं, लेकिन कम पानी आ रहा है। इस समस्या का कोई समाधान नहीं है।
विज्ञापन

महानगर में बहुत से क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पानी की पाइप लाइन नहीं है और भूजल के लिहाज से क्षेत्र सूखा है। भूगर्भ विभाग के अनुसार महानगर में जमीन के अंदर चट्टान की एक परत निकली हुई ह्रै, यदि अस्सी फिट तक पानी मिल गया तो ठीक अन्यथा की स्थिति में चट्टान आने के कारण बोरिंग ड्राई हो जाती है। कई क्षेत्रों में पाइप लाइन नहीं होने के कारण अधिकांश लोग हैंडपंप पर निर्भर हैं।
विज्ञापन

महानगर में सवा लाख से अधिक मकान हैं, जबकि लगभग चालीस हजार घरों तक पाइप लाइन के जरिये पानी पानी पहुंचता है। इसके लिए माताटीला बांध, पहूंज बांध और बराठा पेयजल योजना से पानी आता है। इसके अलावा 3286 हैंडपंप लगे हुए हैं। इनमें से 56 हैंडपंप बेकार हो चुके हैं, क्योंकि इनमें पानी नहीं आता है। मई में पानी का स्तर नीचे चले जाने के कारण भी अधिकांश हैंडपंपाें ने पानी देना कम कर दिया है।अधिकतर हैंडपंपों में अस्सी फिट तक पाइप डाल दिए गए हैं। क्योंकि महानगर में भूमिगत पानी का औसत 80 फिट है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलस्तर घटने से समस्या बढ़ी
महानगर में तीन प्राचीन तालाब आंतियाताल, पानी वाली धर्मशाला और लक्ष्मीताल हैं। ऐसा पहली बार हुआ कि तीनों तालाब सूखे पड़े हैं। इस कारण इन तालाबों के इर्दगिर्द करीब दो सौ से तीन सौ मीटर तक भूजल स्तर कम हो गया है। इससे यहां लगे हैंडपंप सूख गए हैं। करीब तीस हैंडपंप ऐसे हैं, जो पहले कभी नहीं सूखे, लेकिन तालाबों में पानी नहीं होने के कारण सूख गए हैं। इन क्षेत्रों में नरसिंहराव टौरिया, दरीगरान, लक्ष्मणगंज, गायत्री मंदिर, आंतियाताल, लक्ष्मीगेट रोड, सागर गेट समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं।

बाहरी क्षेत्र में अधिक शिकायतें
महानगर के बाहरी क्षेत्र की अधिकांश आबादी हैंडपंप पर निर्भर है। इस कारण यहां हैंडपंपों पर भीड़ रहती है। यही कारण है कि बाहरी क्षेत्र में लगे हैंडपंपों के खराब होने की अधिक शिकायतें आ रही हैं। बड़ागांव गेट बाहर क्षेत्र, डड़ियापुरा, उन्नाव गेट, भांडेरी गेट, कोछाभांवर, वीरांगना नगर, महाराणा प्रताप नगर, भगवंतपुरा, सिमरधा, सिल्वर्ट गंज, गरियागांव, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, कपूर टेकरी आदि मोहल्लों में हैंडपंपों पर अधिक लोड है।
महानगर में भूजल स्तर सीमित है। इसी सीमित जल से ही हम अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हैं।
- कुलदीप सिंह
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
भूजल का साठ प्रतिशत से अधिक दोहन हो रहा है, जबकि पानी का रीचार्ज बहुत कम हो रहा है। इसलिए पानी की बचत करने की आदत डालने की जरूरत है।
- शशांक शेखर सिंह, सहायक अभियंता, भूगर्भ विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed