फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Water less will be wheat crop start research start

कम पानी में होगी गेहूं की फसल, शोध जारी

Sun, 07 Feb 2021 12:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Feb 2021 12:44 AM IST
विज्ञापन
Water less will be wheat crop start research start
झांसी। बुंदेलखंड में पानी की कमी को देखते हुए गेहूं की ऐसी किस्म विकसित करने की कोशिश हो रही, जिसमें पानी की कम जरूरत पड़ती हो। इसके लिए कृषि शोध संस्थान में गेहूं की छह प्रजातियों पर शोध किया जा रहा है। अभी तक के परीक्षण में इनके परिणाम सकारात्मक आएं हैं। इनके सफल होने पर इसके बीज बुंदेलखंड में वितरित किए जाएंगे।
विज्ञापन

शोध संस्थान की ओर से मोंठ समेत अन्य सरकारी फर्म में गेहूं की कुछ किस्में उपजाई जा रहीं। बुंदेलखंड के भौगोलिक वातावरण के मुताबिक इनका परीक्षण कराया जा रहा। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक सामान्यता गेहूं की फसल के लिए न्यूनतम चार-पांच सिंचाई करनी पड़ती है। इससे फसल की लागत में काफी इजाफा हो जाता है। इसे देखते हुए ऐसी किस्म तैयार करने की कोशिश हो रही है। जिसमें पानी की जरूरत कम पड़े। इसके लिए एच डब्ल्यू-711, एचयूडब्ल्यू-706, एनडब्ल्यू6048, के-1415 जैसी नई किस्मों का परीक्षण चल रहा है। इनके लिए बारिश के पानी के अलावा सिर्फ एक-दो सिंचाई की ही जरूरत पड़ती है लेकिन, पैदावार सामान्य होती है। अभी खेतों में ज्यादातर केअस्सी-27, के तिरानबे-51, कल्याण सोना किस्म की बुवाई होती है। इनसे करीब 18-20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले दो साल की बुवाई में एच डब्ल्यू-711 से 18.11 क्विंटल, एचयूडब्ल्यू-706 से 18 क्विंटल, एनडब्ल्यू 6048 से 17.34 क्विंटल, के-1415 से 21.78 क्विंटल का उत्पादन हुआ। उपनिदेशक का कहना है यह इनके परीक्षण का आखिरी वर्ष है। इसके बाद इनकी संस्तुति की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed