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रोजाना तीन किलोमीटर दूर मोटर साइकिल से लाना पड़ता है पानी
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रोजाना तीन किलोमीटर दूर मोटर साइकिल से लाना पड़ता है पानी - मद्रासी कॉलोनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी, नारायण बाग, मास्टर कॉलोनी के हजारों लोगों को नहीं मिलता पीने का पानी अमर उजाला ब्यूरो झांसी। झांसी तीन साल पहले स्मार्ट सिटी में शुमार कर लिया गया लेकिन, अभी भी शहरी इलाके के कई मोहल्लों में लोगों को रोजाना पीने का पानी भी नहीं मिलता। लोगों को पीने का पानी कई किलोमीटर दूर से ढोकर लाना पड़ता है। बड़ागांव गेट बाहर के कई मोहल्लों में तो गर्मियां शुरू होते ही नलों का पानी पूरी तरह सूख जाता है। लोगों को मोटर साइकिल से पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ता है। झांसी का तकरीबन एक तिहाई शहरी इलाका पानी की जबर्दस्त किल्लत से जूझ रहा है। बड़ागांव गेट के बाहर के सत्यम कॉलोनी, मद्रासी कॉलोनी, अन्नपूर्णा कॉलोनी, नारायण बाग के आसपास का इलाका, मास्टर कॉलोनी समेत अन्य इलाकों में पानी के नल पूरी गर्मियों में सूख जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी के लिए यहां पाइप लाइन बिछाई गई है लेकिन अप्रैल से इनमें पानी आना बंद हो जाता है। लोगों ने इसकी कई बार शिकायत की लेकिन, आज तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। मास्टर कॉलोनी के आसपास के सैकड़ों घरों में भी पानी नहीं पहुंचता। यहां रहने वाले करीब तीन किलोमीटर दूर नारायण बाग के पास से रोजाना पानी लाकर पीते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है मांगने पर भी यहां टैंकर नहीं आते। - गर्मियों में पूरे बड़ागांव गेट के बाहर के इलाके में ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। टैंकर के सहारे ही लोगों को पानी मिल पाता है। योगेश कुशवाहा, सत्यम कॉलोनी - पानी की काफी परेशानी है। रोजाना टैंकर नहीं आता। टैंकर आने पर ही पानी मिल पाता है। शिवकुमार - पाइप लाइन बिछाई गई लेकिन, गर्मियों में पानी न मिले तब फायदा क्या, पानी के लिए सिर्फ टैंकर केसहारे बैठना पड़ता है। रामेश्वर - टैंकर नियमित नहीं आता। दो दिन के लिए पानी भरकर रखना पड़ता है। टंकी के बनने से ही समस्या खत्म होगी। फिरोज खान - गर्मियों में रोजाना पानी की जरूरत होती है लेकिन, टैंकर यहां नियमित नहीं भेजा जाता। एक टैंकर पानी भी जरूरत के लिहाज से कम होता है। कैलाश - पूरे मोहल्ले में किसी के घर पर पानी नहीं आता लेकिन, यहां सिर्फ एक टैंकर आता है। इससे सभी लोगों को पानी नहीं मिल पाता। विमला - हम लोगों को रोजाना नारायण बाग तक जाना पड़ता है। वहीं से गैलन भरकर पीने का पानी लाना पड़ता है। लोग मोटर साइकिल, स्कूटी से गैलन भरकर लाते हैं। दिनेश कुशवाहा, मॉस्टर कॉलोनी - टंकी नारायण बाग के पास बन रही लेकिन, उसका काम ही खत्म नहीं हो रहा। अगर टंकी जल्दी बन जाए तब हमारी मुसीबत खत्म हो। कमलेश -पानी के लिए काफी कोशिश करनी पड़ती है। किसी तरह पानी मिल पाता है। घरों से लोगों को नारायण बाग के पास तक जाना पड़ता है। कमला - टैंकर से पानी मिलने का कोई समय निश्चित नहीं होता। पूरा दिन टैंकर के इंतजार में ही खत्म हो जाता है। सुनीता देवी - जरूरत के लिहाज से टैंकर कम भेजे जाते हैं। पूरे मोहल्ले के लोगों को पानी नहीं मिल पाता। बृजेश - नल से पानी नहीं आता। पीने का पानी काफी दूर से लाना पड़ता है। इस वजह से पानी भरने में ही पूरा दिन बीत जाता है। पुष्पा - गर्मियों में जब पानी की जरूरत बढ़ जाती है तब पानी ही नहीं मिलता है। किसी तरह से हम लोग काम चलाते हैं। भारती जलस्तर नीचे हो जाने से नलकूप काम नहीं कर रहे हैं। यहां के लिए महायोजना के अंतर्गत कार्य कराया जा रहा है। जल्द ही इस क्षेत्र की समस्या खत्म हो जाएगी। कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
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