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खिसनी बुजुर्ग व खुर्द में भीषण जल संकट
ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2016 01:09 AM IST
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झांसी। बंगरा ब्लाक के पठारी क्षेत्र में बसे ग्राम खिसनी बुजुर्ग व खिसनी खुर्द में भीषण जल संकट व्याप्त है। पेयजल आपूर्ति के लिए बनाई गई योजना भी फेल हो गई है, वहीं गांवों के सिर्फ एक तिहाई हैंडपंप ही काम कर रहे हैं।
सीडीओ के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अफसरों की टीम ने डीपीआरओ के नेतृत्व में गांव का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली।
खिसनी बुजुर्ग में 2292 की आबादी को पानी उपलब्ध कराने के लिए 28 हैंडपंप लगे हैं, इनमें से 18 का जलस्तर नीचे चला गया है। दो को रीबोर कराया जाना है, जबकि चार हैंडपंप काम कर रहे हैं। चार हैंडपंप यहां ऐसे हैं, जिनमें कभी पानी आता है तो कभी चला जाता है।
वहीं, खिसनी खुर्द में 4041 लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 53 हैंडपंप लगे हैं। इनमें से 29 का जल स्तर नीचे चला गया है, जबकि सिर्फ 24 हैंडपंप ही पानी दे रहे हैं। ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए विशाल कुआं खोदकर ट्यूबवेल लगाकर पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन कुआं सूखने के कारण पेयजल योजना से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
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डीपीआरओ केके सिंह के नेतृत्व में पहुंचे अधिशासी अभियंता जल संस्थान आरएस यादव, सहायक अभियंता जल निगम एसके गौर, सहायक अभियंता एके सक्सेना ने गांव का निरीक्षण किया और वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।
डीपीआरओ केके सिंह ने बताया कि दोनों गांव पठारी क्षेत्र में हैं, ऐसे में यहां पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। पेयजल योजना के लिए बने कुएं में ब्लास्ट कराना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि वह घनी आबादी में है।
आने वाले दिनों में यहां पानी की समस्या और विकराल हो सकती है, ऐसे में टैंकरों से ही पेयजल आपूर्ति कराने का विकल्प बचेगा।
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सीडीओ के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अफसरों की टीम ने डीपीआरओ के नेतृत्व में गांव का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली।
खिसनी बुजुर्ग में 2292 की आबादी को पानी उपलब्ध कराने के लिए 28 हैंडपंप लगे हैं, इनमें से 18 का जलस्तर नीचे चला गया है। दो को रीबोर कराया जाना है, जबकि चार हैंडपंप काम कर रहे हैं। चार हैंडपंप यहां ऐसे हैं, जिनमें कभी पानी आता है तो कभी चला जाता है।
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वहीं, खिसनी खुर्द में 4041 लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 53 हैंडपंप लगे हैं। इनमें से 29 का जल स्तर नीचे चला गया है, जबकि सिर्फ 24 हैंडपंप ही पानी दे रहे हैं। ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए विशाल कुआं खोदकर ट्यूबवेल लगाकर पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन कुआं सूखने के कारण पेयजल योजना से आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
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डीपीआरओ केके सिंह के नेतृत्व में पहुंचे अधिशासी अभियंता जल संस्थान आरएस यादव, सहायक अभियंता जल निगम एसके गौर, सहायक अभियंता एके सक्सेना ने गांव का निरीक्षण किया और वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।
डीपीआरओ केके सिंह ने बताया कि दोनों गांव पठारी क्षेत्र में हैं, ऐसे में यहां पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है। पेयजल योजना के लिए बने कुएं में ब्लास्ट कराना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि वह घनी आबादी में है।
आने वाले दिनों में यहां पानी की समस्या और विकराल हो सकती है, ऐसे में टैंकरों से ही पेयजल आपूर्ति कराने का विकल्प बचेगा।