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झांसी: वाटर एटीएम के लिए लगाई जा रही सेंट्रल यूनिट का काम जिस तारीख को पूरा होना था, उस दिन हुआ शुभारंभ, अधिकारी दे रहे अजीब तर्क
Wed, 06 Jan 2021 01:20 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2021 01:20 AM IST
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वाटर एटीएम के लिए काम शुरू करते मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
महानगर को स्मार्ट बनाने के लिए झांसी स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अजब-गजब कारनामा हुआ है। महानगर में वाटर एटीएम के लिए लगाई जा रही सेंट्रल यूनिट का काम जिस महीने में पूरा होना था, उस महीने काम शुरू किया गया। स्मार्ट सिटी के अधिकारी पानी की व्यवस्था न हो पाने से काम में देरी होने का तर्क दे रहे हैं। लेकिन अधूरे निर्माण कार्य अधिकारियों के तकनीकी ज्ञान पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
महानगर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 10 स्थानों पर वाटर एटीएम लगाने का निर्माण कार्य किया जाना है। इसके लिए लक्ष्मीबाई पार्क के पास वाटर एटीएम और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। यहां पर लगे बोर्ड पर दी गई सूचनाओं के मुताबिक निर्माण कार्य पूरी होने की तिथि 26 नवंबर 2020 थी, लेकिन खास बात यह है कि निर्माण पूरा होने वाले महीने मेें काम की शुरुआत की गई। ऐसे में स्मार्ट सिटी के कामों और कार्य योजनाएं तैयार करने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का तर्क है कि वाटर एटीएम के लिए पानी की व्यवस्था न होने से निर्माण की तिथि आगे बढ़ाई गई है, लेकिन बोर्ड पर अंकित तिथि निर्माण कार्यों के हालात उजागर कर रही है। इसे लेकर पार्षद महेश गौतम का कहना है कि वाटर एटीएम का काम तो कई साल पहले प्रस्तावित था, तो अधिकारियों ने तब पानी की उपलब्धता को लेकर जानकारी क्यों नहीं की? पार्षद विकास खत्री का कहना है कि स्मार्ट सिटी के काम पिछड़ते जा रहे हैं। कोई काम पूरा नहीं होता है, बस तारीखें आगे बढ़ा दी जाती हैं।
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स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी और अधिशासी अभियंता अमित शर्मा का कहना है कि सेंट्रल यूनिट में पानी का ट्रीटमेंट भी होना है। इसके लिए बोरिंग कराने के साथ जल निगम से कनेक्शन भी लिया गया है। लेकिन कई बार बोरिंग के दौरान पानी नहीं मिला। तो कई बार जल निगम की पाइपलाइन नहीं मिली। जिसके चलते काम में देरी हुई है। अब ठेकेदार को फरवरी तक इसे पूरा करने के लिए कहा गया है।
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महानगर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 10 स्थानों पर वाटर एटीएम लगाने का निर्माण कार्य किया जाना है। इसके लिए लक्ष्मीबाई पार्क के पास वाटर एटीएम और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। यहां पर लगे बोर्ड पर दी गई सूचनाओं के मुताबिक निर्माण कार्य पूरी होने की तिथि 26 नवंबर 2020 थी, लेकिन खास बात यह है कि निर्माण पूरा होने वाले महीने मेें काम की शुरुआत की गई। ऐसे में स्मार्ट सिटी के कामों और कार्य योजनाएं तैयार करने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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स्मार्ट सिटी के अधिकारियों का तर्क है कि वाटर एटीएम के लिए पानी की व्यवस्था न होने से निर्माण की तिथि आगे बढ़ाई गई है, लेकिन बोर्ड पर अंकित तिथि निर्माण कार्यों के हालात उजागर कर रही है। इसे लेकर पार्षद महेश गौतम का कहना है कि वाटर एटीएम का काम तो कई साल पहले प्रस्तावित था, तो अधिकारियों ने तब पानी की उपलब्धता को लेकर जानकारी क्यों नहीं की? पार्षद विकास खत्री का कहना है कि स्मार्ट सिटी के काम पिछड़ते जा रहे हैं। कोई काम पूरा नहीं होता है, बस तारीखें आगे बढ़ा दी जाती हैं।
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स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी और अधिशासी अभियंता अमित शर्मा का कहना है कि सेंट्रल यूनिट में पानी का ट्रीटमेंट भी होना है। इसके लिए बोरिंग कराने के साथ जल निगम से कनेक्शन भी लिया गया है। लेकिन कई बार बोरिंग के दौरान पानी नहीं मिला। तो कई बार जल निगम की पाइपलाइन नहीं मिली। जिसके चलते काम में देरी हुई है। अब ठेकेदार को फरवरी तक इसे पूरा करने के लिए कहा गया है।