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कूड़े से बनेगी बिजली, लगेगा पावर प्लांट

Fri, 27 Dec 2019 01:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Dec 2019 01:21 AM IST
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Waistage will be made light stablis power plant
झांसी। कूड़े से बिजली पैदा की जाएगी। इसके लिए झांसी में प्लांट लगेगा। नगर निगम इसके लिए एक निजी कंपनी से करार करने जा रहा है। यहां कूड़े से रोजाना करीब पांच मेगावाट बिजली बनाई जाएगी। कंपनी से करार से पहले इस प्रस्ताव को सदन में भी रखा जाएगा।
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शहर से रोजाना करीब 250 मीट्रिक टन सूखा-गीला कूड़ा निकलता है। इस कूड़े को खुले में बने डंपिंग ग्राउंड में फेंका जाता है जबकि एनजीटी ने इस पर सख्ती से रोक लगा रखी है। इन पांबदियों के चलते नगर निगम ने वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है। इसके तहत कूड़े का भी उपयोग किया जाएगा।
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निगम अधिकारियों के मुताबिक क्लीज ऊर्जा सिस्टम मुंबई नामक कंपनी ने इस कार्य में दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी कूड़ा से बिजली बनाएगी। निगम रोजाना कंपनी को सूखा कूड़ा उपलब्ध कराएगा। इसमें सभी प्रकार के प्लास्टिक, रबर, कपड़े, कागज समेत जलने वाली सभी प्रकार की वस्तु शामिल होंगी। शुरूआत में करीब पांच मेगावाट बिजली प्रतिदिन उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
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निगम कंपनी को जमीन उपलब्ध कराएगा। इसके बाद पूरे प्रोजेक्ट के संचालन की जिम्मेदारी कंपनी की रहेगी। निगम इसमें कोई पैसा खर्च नहीं करेगा। उसे सिर्फ प्लांट तक कूड़ा पहुंचाना होगा। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम के मुताबिक शनिवार को सदन की मंजूरी के लिए प्रस्ताव पेश किया जाएगा। उसके बाद शासन से भी औपचारिक मंजूरी ली जाएगी। पूरे प्लांट पर करीब तीस करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।
छोटे-छोटे गुटके चलाएंगे टरबाइन
प्लांट में सूखे कूड़े का एकत्रित करके उसे पहले एक समान रूप में परिवर्तित किया जाएगा। उसके बाद मशीनों से उसके छोटे-छोटे गुटके तैयार किए जाएंगे। उच्च तापमान पर ये गुटके विशाल रिएक्टर में डाले जाएंगे। इनके माध्यम से निकली गैस को एकत्रित करके उनसे टरबाइन चलेंगे जिससे बिजली उत्पन होगी।
नियामक आयोग की मंजूरी जरूरी
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिए कई सारी औपचारिकताएं पूरी करनी हाेंगी। शासन से प्लांट लगाए जाने की मंजूरी के बाद बिजली नियामक आयोग से भी मंजूरी लेनी होगी। मंजूरी के बाद ही इससे पैदा होने वाली बिजली की खरीद हो सकेगी। नियामक आयोग की मंजूरी के बाद कंपनी अपना स्लैब तैयार कर सकेगी।
बढ़ेगी कूड़े की मांग
अगर यह प्लांट चल निकला तब आने वाले समय में कूड़े की मांग में भी तेजी से इजाफा होगा। इससे सड़कों पर खुले में कूड़ा पड़ा नजर नहीं आएगा। प्लांट संचालन के लिए सबसे अधिक सूखे कूड़े की मांग रहती है। रोजाना करीब चार सौ पांच सौ मीट्रिक टन सूखे कूड़े की जरूरत होगी, जबकि अभी सिर्फ 250 एमटी कूड़ा ही निकल रहा है। इस योजना के शुरू होने से कचरे के ढेर खत्म किए जा सकेंगे।
कई जगह फ्लाप भी हो चुके प्लांट
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट कानपुर में कुछ वर्ष पहले शुरू हुआ लेकिन सूखा कूड़ा नियमित न मिलने की वजह से उसमें ताला लग गया। यहां डोर-टू-डोर कचरा में गड़बड़ी होने से योजना परवान नहीं चढ़ सकी। इसी तरह प्रयागराज में भी काफी समय से इसकी कवायद चल रही लेकिन, वहां भी सूखा कूड़ा न मिलने की वजह से यह आरंभ नहीं हो पा रहा है। हालांकि, कंपनी के अधिकारियों ने झांसी में प्लांट चलने की उम्मीद जताई है।

सदन की बैठक कल
झांसी। नगर निगम सदन की बैठक शनिवार को आहूत की गई है। प्रभारी सदन हरगोविंद सिंह यादव की ओर से जारी एजेंडा के मुताबिक बैठक में सालिड वेस्ट प्रोसेस के लिए वेस्ट टू एनर्जी पद्धति पर कार्य शुरू करने को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। बैठक सुबह साढ़े ग्यारह बजे आरंभ होगी।
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