फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   vital informations to be given in income tax return

आयकर रिटर्न में कंपनी में भागीदारी, विदेश में संपत्ति की देने होगी जानकारी

Wed, 10 Jul 2019 07:45 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2019 07:45 PM IST
विज्ञापन
vital informations to be given in income tax return
आयकर रिटर्न में कंपनी में भागीदारी, विदेश में संपत्ति की देने होगी जानकारी
विज्ञापन

झांसी। आयकर रिटर्न में इस बार पूछा गया है कि आपकी विदेश में संपत्ति या किसी कंपनी में डायरेक्टर अथवा भागीदारी तो नहीं है। इस बार करदाता पुरानी व्यवस्था के तहत ही पैन से आधार नंबर लिंक होने पर ही रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। सिर्फ आधार नंबर से काम नहीं चलेगा। साथ ही 31 जुलाई के बाद पांच लाख से कम पर एक हजार रुपये और पांच लाख से अधिक पर पांच हजार जुर्माना जमा करने के बाद ही रिटर्न दाखिल होगा। करदाताओं ने रिटर्न दाखिल करने शुरू कर दिए हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अभी पुरुष व महिलाओं के लिए ढाई लाख रुपये, वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये और 80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक की आय पर टैक्स में छूट का प्रावधान कर रखा है। इसमेें ढाई लाख से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत, पांच लाख से दस लाख रुपये तक 20 प्रतिशत और 10 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। मगर, एक अप्रैल से टैक्स में नई छूट की व्यवस्था हो गई है। इसमें पांच लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना है, परंतु अगर आपकी आय पांच लाख से एक रुपये भी ज्यादा है तो पूर्व की तरह ढाई लाख से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत टैक्स देना है। हर बार की तरह 31 जुलाई तक कर दाताओें रिटर्न दाखिल करना है। इसके बाद रिटर्न दाखिल करने पर पांच लाख रुपये तक एक हजार रुपये और पांच लाख से ऊपर पर पांच हजार रुपये जुर्माना जमा करना करना होगा। यह जुर्माना ऑनलाइन या बैंक में चालान ने जमा किया जा सकता है।
विज्ञापन

31 दिसंबर के बाद दस हजार रुपये जुर्माना जमा करने होेंगे। साथ ही पूर्व की तरह पैन से आधार नंबर लिंक होना जरूरी है। दोनों का मिलान होने पर रिटर्न दाखिल होगा। अगर दोनों कार्डों की जानकारी में एक अक्षर की भी गलती है तो वह आपस में लिंक नहीं होंगे। बजट में इस बार घोषणा की गई है कि आधार से अकेले रिटर्न भरा जा सकेगा, यह व्यवस्था अगले साल से लागू होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

साथ ही पूर्व की तरह कर दाता को अपने सभी चालू खातों का नंबर आईएफएससी कोड के साथ भरना होगा। अगर कर दाता अपने चालू खातों के बारे में जानकारी छुपाता है तो पता लगने पर विभाग धारा 154 के तहत नोटिस जारी कर जवाब तलब कर सकता है। आईटीआर टू ए फार्म को उन करदाताओं को भरना है जिनके पास वेतन (सैलरी) के अलावा दो घर या इससे अधिक हैं। एक घर के अलावा अन्य घरों से आय अर्जित हो रही हो या ब्याज से आय प्राप्त हो रही हो। ऐसे कर दाताओं को यह फार्म भरना होगा। मालूम हो कि झांसी- ललितपुर परिक्षेत्र के 1.14 लाख करदाताओं में 60 हजार पांच लाख रुपये से अधिक आय दिखाते हैं। इसमें अधिकांश सरकारी नौकर और व्यापारी शामिल हैं।
रिटर्न दाखिल करने के लाभ
वर्तमान समय में हरेक को आयकर रिटर्न भरना आवश्यक है। रिटर्न ही व्यक्ति की पहचान बन गई है। हर खरीद बिक्री, लोन लेने आदि में रिटर्न की आवश्यकता पड़ती है। यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि अब पांच लाख रुपये तक टैक्स नहीं लगेगा। इसलिए रिटर्न दाखिल नहीं करना है। मगर रिटर्न दाखिल करना जरूरी है। चाहे वह शून्य टैक्स का भरा जाए।

निमेष खन्ना, चार्टर्ड अकाउंटेंट।
इन बदलाव को भी जानें
दो लाख तथा उससे अधिक धनराशि नकद में प्राप्त नहीं की जा सकती।
नकद में धनराशि प्राप्त करने पर 100 प्रतिशत अर्थदंड का प्रावधान।
नकद में सरकारी भुगतान, बैंक तथा डाकघर से प्राप्त राशि को अलग रखा गया।
नकद प्राप्त की धनराशि की सीमा 20 हजार से घटाकर 10 हजार की गई।
नकद प्राप्ति में जीवन बीमा का भुगतान, कृषि उत्पादन की श्रेणी को मुक्त रखा गया।
दो करोड़ की सीमा के अंदर आने वाले कारोबारियों का शुद्ध लाभ आठ की छह प्रतिशत पर आय की गणना। यह सुविधा उन कर दाताओं के लिए है तो डिजिटल भुगतान कर रहे हैं।
पूंजीगत लाभ की गणना 1981 की जगह 2001 के आधार पर।
पूंजीगत लाभ को निवेश करने की सीमा 36 माह से घटाकर 24 माह की।
अनुमान के आधार पर आय विवरणी दाखिल नहीं होगी।
रिटर्न दाखिल करने के लाभ
कभी कोई जांच हो जाए तो रिटर्न साक्ष्य के काम आता है।
रिटर्न भरने से आपकी आर्थिक हैसियत का पता लगता है।
कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी।
देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए।
अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो रिफंड क्लेम के लिए जरूरी।
रिटर्न से आपकी आय का प्रूफ भी होता है।
आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पैन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed