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Jhansi News: गांव सिया और गांव औपारा फूट-फूटकर रोया
Thu, 23 Jan 2025 01:45 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 23 Jan 2025 01:45 AM IST
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गांव बड़ौरा के पास हुए सड़क हादसे में मृत करन और प्रद्दुम्न के शव उनके गांव लाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव। बड़ौरा चौराहे के पास मंगलवार को हुए सड़क हादसे में मृत तीनों दोस्तों के शव उनके गांव लाए गए। दोस्तों के शव देखकर हर कोई रोया। परिजन अपने आंसू नहीं संभाल पा रहे थे।
ग्राम सिया में जब करन विश्वकर्मा का शव पहुंचा तो मातम पसर गया। लोगों ने सोचा था कि वह सगाई के बाद आएगा। लेकिन, यहां तो नियति को कुछ और ही मंजूर था। शाम पांच बजे जैसे ही करन के शव को घर के पास गाड़ी से उतारा गया तो मां और भाई फूट-फूटकर रोने लगे। जब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो पूरा गांव शामिल हुआ। ग्राम प्रधान रघुराज सिंह ने बताया कि करन ट्रक ड्राइवर था। अपनी मेहनत से परिवार को संभाले हुए था।
वहीं, ग्राम औपारा में जब प्रद्दुम्न यादव का शव पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो गया। प्रधान प्रतिनिधि सत्यपाल यादव ने बताया कि प्रद्दुम्न के पिता का करीब 15 वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। उस समय वह बहुत छोटा था। इसके बाद प्रद्दुम्न एवं उसके बड़े भाई रोहित ने परिवार संभाला। मृतक की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी। गांव में एक लड़की की शादी थी। लेकिन जैसे ही इस घटना की खबर गांव में पहुंची तो सादगीपूर्ण तरीके से वैवाहिक कार्यक्रम की रस्में पूर्ण कराई गईं। वहीं, मध्य प्रदेश के सेंवड़ा के प्रद्दुम्न सेन के शव को उसके परिजन ले गए। वह चिरगांव में एक किराये के मकान में रहकर सैलून की दुकान खोले हुए था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव। बड़ौरा चौराहे के पास मंगलवार को हुए सड़क हादसे में मृत तीनों दोस्तों के शव उनके गांव लाए गए। दोस्तों के शव देखकर हर कोई रोया। परिजन अपने आंसू नहीं संभाल पा रहे थे।
ग्राम सिया में जब करन विश्वकर्मा का शव पहुंचा तो मातम पसर गया। लोगों ने सोचा था कि वह सगाई के बाद आएगा। लेकिन, यहां तो नियति को कुछ और ही मंजूर था। शाम पांच बजे जैसे ही करन के शव को घर के पास गाड़ी से उतारा गया तो मां और भाई फूट-फूटकर रोने लगे। जब शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो पूरा गांव शामिल हुआ। ग्राम प्रधान रघुराज सिंह ने बताया कि करन ट्रक ड्राइवर था। अपनी मेहनत से परिवार को संभाले हुए था।
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वहीं, ग्राम औपारा में जब प्रद्दुम्न यादव का शव पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो गया। प्रधान प्रतिनिधि सत्यपाल यादव ने बताया कि प्रद्दुम्न के पिता का करीब 15 वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। उस समय वह बहुत छोटा था। इसके बाद प्रद्दुम्न एवं उसके बड़े भाई रोहित ने परिवार संभाला। मृतक की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी। गांव में एक लड़की की शादी थी। लेकिन जैसे ही इस घटना की खबर गांव में पहुंची तो सादगीपूर्ण तरीके से वैवाहिक कार्यक्रम की रस्में पूर्ण कराई गईं। वहीं, मध्य प्रदेश के सेंवड़ा के प्रद्दुम्न सेन के शव को उसके परिजन ले गए। वह चिरगांव में एक किराये के मकान में रहकर सैलून की दुकान खोले हुए था।
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