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विजिलेंस से कराई जाए अनाज घोटाले की जांच
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झांसी। डगरवाह में पिछले दिनों पकड़े गए अनाज घोटाले की जांच विजलेंस से कराने की आरएफसी ने संस्तुति की है। उन्होंने डिपो प्रबंधक की भूमिका को संदिग्ध करार देते हुए उसे हटाने के लिए एफसीआई के मंडल प्रबंधक को पत्र भेजा है।
डगरवाह गोदाम में अनियमितता की काफी समय से शिकायत मिल रही थी। इसे देखते हुए आरएफसी ने जांच के लिए 10 नवंबर को अफसरों की टीम गोदाम भेजी थी। पड़ताल में एक ट्रक से करीब 2.50 क्ंिवटल अनाज कम मिला। टीम सदस्यों ने जैसे ही कम अनाज मिलने की लिखा-पढ़ी शुरू की, वैसे ही गोदामकर्मियों ने टीम सदस्यों को धमकाना शुरू कर दिया। गोदाम को बंद करके वहां ताला लगा दिया गया। टीम को करीब एक घंटे तब बंधक बनाए रखा गया। घटना के बाद से अब एफसीआई एवं आरएफसी दोनों आमने-सामने आ गए हैं। एफसीआई जहां खुद को पाक-साफ बता रहा है वहीं, आरएफसी लगातार एफसीआई को कटघरे में खड़ा कर रहा है। इन सबके बीच आरएफसी ने गोदाम में गंभीर अनियमितता की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराए जाने की जरूरत बताते हुए इसकी संस्तुति कर दी। इसके अलावा उन्होंने डिपो प्रबंधक हरवंश भूषण की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की संस्तुति एफसीआई से की है।
दस दिन बाद अब शुरू हुआ उठान
विवाद के बाद से ही डगरवाह गोदाम से खाद्यान्न उठान बंद हो गया। तौल में गड़बड़ी को देखते हुए माप-बाट विभाग के जरिए धर्मकांटा का फिर से परीक्षण कराया गया। भारतीय खाद्य निगम एवं खाद्य विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में बाट का मापन हुआ। परीक्षण के बाद दोनों पक्षों की सहमति से कांटे को सील किया गया। इसके बाद अब जाकर खाद्यान्न उठान फिर से आरंभ हो सका है। एफआरसी के मुताबिक नियमित उठान शुरू करा दिया गया है।
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यह मामला गंभीर है। खाद्यान्न की घटतौली से शासन को गंभीर वित्तीय क्षति पहुंचाई गई है। इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराने के लिए पत्र भेजा गया है।
नरेंद्र कुमार
आरएफसी, संभागीय खाद्य नियंत्रक
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डगरवाह गोदाम में अनियमितता की काफी समय से शिकायत मिल रही थी। इसे देखते हुए आरएफसी ने जांच के लिए 10 नवंबर को अफसरों की टीम गोदाम भेजी थी। पड़ताल में एक ट्रक से करीब 2.50 क्ंिवटल अनाज कम मिला। टीम सदस्यों ने जैसे ही कम अनाज मिलने की लिखा-पढ़ी शुरू की, वैसे ही गोदामकर्मियों ने टीम सदस्यों को धमकाना शुरू कर दिया। गोदाम को बंद करके वहां ताला लगा दिया गया। टीम को करीब एक घंटे तब बंधक बनाए रखा गया। घटना के बाद से अब एफसीआई एवं आरएफसी दोनों आमने-सामने आ गए हैं। एफसीआई जहां खुद को पाक-साफ बता रहा है वहीं, आरएफसी लगातार एफसीआई को कटघरे में खड़ा कर रहा है। इन सबके बीच आरएफसी ने गोदाम में गंभीर अनियमितता की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराए जाने की जरूरत बताते हुए इसकी संस्तुति कर दी। इसके अलावा उन्होंने डिपो प्रबंधक हरवंश भूषण की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने की संस्तुति एफसीआई से की है।
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दस दिन बाद अब शुरू हुआ उठान
विवाद के बाद से ही डगरवाह गोदाम से खाद्यान्न उठान बंद हो गया। तौल में गड़बड़ी को देखते हुए माप-बाट विभाग के जरिए धर्मकांटा का फिर से परीक्षण कराया गया। भारतीय खाद्य निगम एवं खाद्य विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में बाट का मापन हुआ। परीक्षण के बाद दोनों पक्षों की सहमति से कांटे को सील किया गया। इसके बाद अब जाकर खाद्यान्न उठान फिर से आरंभ हो सका है। एफआरसी के मुताबिक नियमित उठान शुरू करा दिया गया है।
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यह मामला गंभीर है। खाद्यान्न की घटतौली से शासन को गंभीर वित्तीय क्षति पहुंचाई गई है। इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराने के लिए पत्र भेजा गया है।
नरेंद्र कुमार
आरएफसी, संभागीय खाद्य नियंत्रक