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शुक्रास्त की वजह से 14 से थम जाएंगे मांगलिक कार्यक्रम
Jhansi
Updated Wed, 06 Dec 2017 01:24 AM IST
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- फोटो : demo
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शुक्रास्त की वजह से 14 दिसंबर से वैवाहिक और मांगलिक कार्यक्रम दो फरवरी तक के लिए थम जाएंगे। इसका कारण शुक्रास्त के साथ सूर्य का धनु राशि में प्रवेश भी है।
ज्यादातर लोग पंचांगों के आधार पर शुभ तिथियों में विवाह और मांगलिक कार्य करती हैं, लेकिन ऐसी तारीखें कम हैं। महंत विष्णु दत्त स्वामी के मुताबिक 14 दिसंबर से दो फरवरी 2018 तक शुक्रास्त यानि शुक्र तारे के अस्त होने से विवाह व मांगलिक कार्य थम जाएंगे। यह शुक्रास्त 14 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा, जो 2 फरवरी को सुबह 5:47 तक रहेगा। इसके अलावा 17 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा। सूर्य धनु राशि में सुबह 8:10 बजे प्रवेश करेंगे। इसे धनु की संक्रांति कहते है। 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मकर संक्रांति कहते है। उनके अनुसार शुक्रास्त के चलते बसंत पंचमी पर विवाह नहीं होंगे, लेकिन इस दौरान अभिजीत मुहूर्त होने से सामूहिक विवाह किए जा सकते है। पं. शांतनू पांडेय ने बताया कि धार्मिक मान्यता है कि खरमास में सूर्य के रथ में घोडे़ की जगह गधे होते है जिन्हें खर कहा जाता है। इस अवधि में विवाह, अनुष्ठान, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं होते है।
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ज्यादातर लोग पंचांगों के आधार पर शुभ तिथियों में विवाह और मांगलिक कार्य करती हैं, लेकिन ऐसी तारीखें कम हैं। महंत विष्णु दत्त स्वामी के मुताबिक 14 दिसंबर से दो फरवरी 2018 तक शुक्रास्त यानि शुक्र तारे के अस्त होने से विवाह व मांगलिक कार्य थम जाएंगे। यह शुक्रास्त 14 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा, जो 2 फरवरी को सुबह 5:47 तक रहेगा। इसके अलावा 17 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा। सूर्य धनु राशि में सुबह 8:10 बजे प्रवेश करेंगे। इसे धनु की संक्रांति कहते है। 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मकर संक्रांति कहते है। उनके अनुसार शुक्रास्त के चलते बसंत पंचमी पर विवाह नहीं होंगे, लेकिन इस दौरान अभिजीत मुहूर्त होने से सामूहिक विवाह किए जा सकते है। पं. शांतनू पांडेय ने बताया कि धार्मिक मान्यता है कि खरमास में सूर्य के रथ में घोडे़ की जगह गधे होते है जिन्हें खर कहा जाता है। इस अवधि में विवाह, अनुष्ठान, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं होते है।
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