{"_id":"5df148b08ebc3e87e02199aa","slug":"vahan-parking-is-less-in-city-people-disturb-jhansi-news-jhs1547529103","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में वाहन पार्किंग का अभाव, परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में वाहन पार्किंग का अभाव, परेशानी
विज्ञापन
झांसी। शहर में वाहन पार्किंग का अभाव होेने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम की ओर से सिर्फ आठ जगहों के ठेके दिये गये हैं। सीपरी बाजार, इलाइट चौराहा, जेल चौराहा व कचहरी जैसे व्यस्त चौराहों के आस-पास कोई भी पार्किंग नहीं है। जिसके चलते वाहन चालकों द्वारा सड़क पर ही वाहन लगाते ही तुरंत ही यातायात विभाग द्वारा वाहन को उठा लिया जाता है। जिसके एवज में लोगों को अर्थिक दंड भुगतना पड़ रहा है।
महानगर में रानी महल के सामने, कोतवाली स्थित मोतीलाल कांप्लेक्स, सेंट ज्यूड अस्पताल, मैथली शरण गुप्त पार्क व रानी लक्ष्मीबाई पार्क, कानपुर बस स्टैंड, मंडी से कब्रिस्तान बाउंड्रीवॉल, विशाल मेगा मार्ट, कोतवाली से मिनर्वा चौराहा, रिसाला चुंगी से सिंचाई विभाग की बाउंड्रीवाल तक सिर्फ दस जगहों पर ही पार्किंग की व्यवस्था है। इसके अलावा शहर के कई व्यस्ततम इलाकों में कोई भी पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर व नो पार्किंग जोन में ही वाहनों को खड़ा करना पड़ रह है। सबसे अधिक परेशानी का सामना तब होता जब खड़ी कार या वाहन को यातायात विभाग द्वारा कब्जे में लिया जाता है। वाहन को छुड़ाने के लिए वाहन स्वामी को दो हजार रुपये का जुर्माना अदा करना होता है। ऐसे में यदि वाहन पार्क करने की जगह होती तो लोगों को जुर्माने से निजात मिल सकती है।
विज्ञापन
महानगर में रानी महल के सामने, कोतवाली स्थित मोतीलाल कांप्लेक्स, सेंट ज्यूड अस्पताल, मैथली शरण गुप्त पार्क व रानी लक्ष्मीबाई पार्क, कानपुर बस स्टैंड, मंडी से कब्रिस्तान बाउंड्रीवॉल, विशाल मेगा मार्ट, कोतवाली से मिनर्वा चौराहा, रिसाला चुंगी से सिंचाई विभाग की बाउंड्रीवाल तक सिर्फ दस जगहों पर ही पार्किंग की व्यवस्था है। इसके अलावा शहर के कई व्यस्ततम इलाकों में कोई भी पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर व नो पार्किंग जोन में ही वाहनों को खड़ा करना पड़ रह है। सबसे अधिक परेशानी का सामना तब होता जब खड़ी कार या वाहन को यातायात विभाग द्वारा कब्जे में लिया जाता है। वाहन को छुड़ाने के लिए वाहन स्वामी को दो हजार रुपये का जुर्माना अदा करना होता है। ऐसे में यदि वाहन पार्क करने की जगह होती तो लोगों को जुर्माने से निजात मिल सकती है।
विज्ञापन