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खेतों को सप्ताह भर और मिलेगा पानी
ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2016 01:53 AM IST
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झांसी। किसानों की मांग पर गुरसरांय व पहूज नहर प्रणाली से जुड़ी नहरों में अभी एक हफ्ते और पानी चलता रहेगा। बांधों में पानी की स्थिति देखने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
पहूज बांध में पानी की उपलब्धता के हिसाब से इस बार 20 किलोमीटर नहरों के जाल में पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। 21 दिन का रोस्टर तैयार किया गया। 13 नवंबर से पहूंज बांध से जुड़ी नहरों को चलाया जा रहा है। तय रोस्टर के हिसाब से चार दिसंबर को समय पूरा हो गया था।
चूंकि, पंद्रह किलोमीटर तक ही पानी पहुंच सका था, इसके चलते बांध में पानी की उपलब्धता को देखते हुए रोस्टर को और बढ़ा दिया गया था। यह निरंतर जारी है। अब मुख्य अभियंता ने निर्देश दिया है कि बांध का जलस्तर 758 फीट पर पहुंचने तक पानी छोड़ने का काम जारी रखा जाए।
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इस हिसाब से दस जनवरी तक आराम से पानी छोड़ा जा सकेगा।
इसी तरह गुरसरांय नहर प्रणाली को बीस दिसंबर को बंद करने के उपरांत किसानों की मांग पर 28 दिसंबर से तीन जनवरी तक के लिए दोबारा खोल दिया गया था। किसानों की मांग और आने पर मुख्य अभियंता ने एक सप्ताह और पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं।
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पहूज बांध में पानी की उपलब्धता के हिसाब से इस बार 20 किलोमीटर नहरों के जाल में पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। 21 दिन का रोस्टर तैयार किया गया। 13 नवंबर से पहूंज बांध से जुड़ी नहरों को चलाया जा रहा है। तय रोस्टर के हिसाब से चार दिसंबर को समय पूरा हो गया था।
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चूंकि, पंद्रह किलोमीटर तक ही पानी पहुंच सका था, इसके चलते बांध में पानी की उपलब्धता को देखते हुए रोस्टर को और बढ़ा दिया गया था। यह निरंतर जारी है। अब मुख्य अभियंता ने निर्देश दिया है कि बांध का जलस्तर 758 फीट पर पहुंचने तक पानी छोड़ने का काम जारी रखा जाए।
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इस हिसाब से दस जनवरी तक आराम से पानी छोड़ा जा सकेगा।
इसी तरह गुरसरांय नहर प्रणाली को बीस दिसंबर को बंद करने के उपरांत किसानों की मांग पर 28 दिसंबर से तीन जनवरी तक के लिए दोबारा खोल दिया गया था। किसानों की मांग और आने पर मुख्य अभियंता ने एक सप्ताह और पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं।