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Jhansi News: आधी सदी पुरानी जर्जर लाइनें बदलने की आखिर आई सुध, 28 करोड़ मांगे
Mon, 31 Aug 2026 01:58 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:58 AM IST
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झांसी। महानगर में पुरानी और जर्जर पाइप लाइनों में जगह-जगह लीकेज होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। आधी सधी से ज्यादा पुरानी लगभग 30 किलोमीटर लंबी इन लाइनों को बदलने के लिए नगर निगम ने शासन को प्रस्ताव दिया है। 28.19 करोड़ रुपये की मांग की है। मंजूरी मिलते ही इनकी जगह नई पाइप लाइन डालने का काम शुरू हो जाएगा।
पुराने शहर के नरसिंह राव टौरिया, गंदीगर टपरा, गुसाईंपुरा, खत्रयाना, टकसाल, खटिकयाना, इतवारी गंज, मुहल्ला पन्नालाल, पुरानी नझाई, लक्ष्मणगंज, गोपाल नीखरा आदि क्षेत्रों में सन 1972 में पाइप लाइन डाली गई थी। इसी दरम्यान सीपी मिशन कंपाउंड में भी पाइप लाइन बिछाई गई थी। तब इस पाइप लाइन की समयसीमा 40 साल तय की गई थी। मौजूदा समय में यह पाइप लाइन 54 साल पुरानी हो चुकी है।
ऐसे में महानगर के विभिन्न वार्डों में पुरानी और जर्जर पेयजल पाइप लाइनों के कारण लोगों को पेयजल आपूर्ति में परेशानी हो रही है। विभिन्न स्थानों पर पाइप लाइनों में लीकेज और क्षतिग्रस्त होने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित होने के साथ ही जलभराव और अन्य समस्याएं भी हो रही हैं।
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यह मुद्दा बीते एक अगस्त को हुई प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में भी उठा था, जिस पर पुरानी और जर्जर पेयजल लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त अथवा बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जल संस्थान की ओर से पत्र लिखकर जल निगम नगरीय निर्माण खंड से परीक्षण कराकर पुरानी अथवा जर्जर पाइप लाइनों को बदलने के लिए एस्टीमेट तैयार कराया गया।
दो एस्टीमेट भेज
जल निगम ने 7.58 करोड़ और 20.61 करोड़ के दो अलग-अलग एस्टीमेट तैयार कर जल संस्थान को सौंपे। इसके बाद जल संस्थान के महाप्रबंधक की ओर से नगर आयुक्त को एस्टीमेट भेजा गया। अब नगर आयुक्त ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को इस संबंध में पत्र भेजा है, जिसमें पेयजल लाइनों को बदलने के लिए 28.19 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की मांग की गई है।
अब तक बदली जा चुकी
इतने किमी पाइप लाइन
अमृत कार्यक्रम के तहत फेज-1 में 265.40 किलोमीटर और फेज-2 में 288.16 किलोमीटर के सापेक्ष 278.16 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जा चुकी है। अमृत 2.0 के तहत 270 किलोमीटर के सापेक्ष 190.50 किलोमीटर लाइन बिछाने का काम किया जा चुका है। बची हुई पाइप लाइन डालने के बाद कवरेज शत-प्रतिशत पूरा हो जाएगा।
जर्जर और पुरानी लाइन लाइनों को बदलने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट प्राप्त होते ही इन लाइनों को बदलवाने का काम शुरू कराया जाएगा।
-आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त।
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पुराने शहर के नरसिंह राव टौरिया, गंदीगर टपरा, गुसाईंपुरा, खत्रयाना, टकसाल, खटिकयाना, इतवारी गंज, मुहल्ला पन्नालाल, पुरानी नझाई, लक्ष्मणगंज, गोपाल नीखरा आदि क्षेत्रों में सन 1972 में पाइप लाइन डाली गई थी। इसी दरम्यान सीपी मिशन कंपाउंड में भी पाइप लाइन बिछाई गई थी। तब इस पाइप लाइन की समयसीमा 40 साल तय की गई थी। मौजूदा समय में यह पाइप लाइन 54 साल पुरानी हो चुकी है।
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ऐसे में महानगर के विभिन्न वार्डों में पुरानी और जर्जर पेयजल पाइप लाइनों के कारण लोगों को पेयजल आपूर्ति में परेशानी हो रही है। विभिन्न स्थानों पर पाइप लाइनों में लीकेज और क्षतिग्रस्त होने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित होने के साथ ही जलभराव और अन्य समस्याएं भी हो रही हैं।
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यह मुद्दा बीते एक अगस्त को हुई प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में भी उठा था, जिस पर पुरानी और जर्जर पेयजल लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त अथवा बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जल संस्थान की ओर से पत्र लिखकर जल निगम नगरीय निर्माण खंड से परीक्षण कराकर पुरानी अथवा जर्जर पाइप लाइनों को बदलने के लिए एस्टीमेट तैयार कराया गया।
दो एस्टीमेट भेज
जल निगम ने 7.58 करोड़ और 20.61 करोड़ के दो अलग-अलग एस्टीमेट तैयार कर जल संस्थान को सौंपे। इसके बाद जल संस्थान के महाप्रबंधक की ओर से नगर आयुक्त को एस्टीमेट भेजा गया। अब नगर आयुक्त ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को इस संबंध में पत्र भेजा है, जिसमें पेयजल लाइनों को बदलने के लिए 28.19 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की मांग की गई है।
अब तक बदली जा चुकी
इतने किमी पाइप लाइन
अमृत कार्यक्रम के तहत फेज-1 में 265.40 किलोमीटर और फेज-2 में 288.16 किलोमीटर के सापेक्ष 278.16 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जा चुकी है। अमृत 2.0 के तहत 270 किलोमीटर के सापेक्ष 190.50 किलोमीटर लाइन बिछाने का काम किया जा चुका है। बची हुई पाइप लाइन डालने के बाद कवरेज शत-प्रतिशत पूरा हो जाएगा।
जर्जर और पुरानी लाइन लाइनों को बदलने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट प्राप्त होते ही इन लाइनों को बदलवाने का काम शुरू कराया जाएगा।
-आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त।