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बुवाई आरंभ होते ही खाद की ओवररेटिंग शुरू
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झांसी। रबी बुवाई आरंभ होते ही खाद विक्रेताओं ने मनमाने तरीके से यूरिया की ओवररेटिंग शुरू कर दी। कई जगहों पर पचास से सत्तर रुपये प्रति बोरी अतिरिक्त वसूला जा रहा है। इसकी शिकायत कृषि अफसरों से भी की गई लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
इन दिनों गेहूं समेत रबी की दूसरी फसलों के लिए बुवाई हो रही है। बुवाई शुरू होने के साथ यूरिया की मांग एकाएक बढ़ गई। मांग में इजाफा होने के साथ ही खाद दुकानदारों ने मनमानी शुरू कर दी। रक्सा, टहरौली, समेत कई जगहों पर ओवररेटिंग की शिकायतें मिल रही हैं। टहरौली की खडैनी साधन सहकारी समिति में पिछले कई दिनों से प्रति बोरी पचास रुपये से अधिक वसूले जाने की शिकायत किसान कर रहे हैं। इसी तरह रक्सा में भी खाद की कालाबाजारी हो रही है लेकिन, शिकायतों के बावजूद इस पर कोई रोकथाम नहीं हो रही जबकि पिछले माह तक खाद की कालाबाजारी रोकने को लेकर सरकार की ओर से तमाम दावे किए गए थे। कालाबाजारी पर रोक लगाने को इस बार नई व्यवस्था में खाद के नकदी लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। नकदी से खाद न मिलने पर जहां आम किसान परेशान हैं वहीं, कालाबाजारी करने वालों पर इसका कोई भी प्रभाव नहीं पड़ा है। जिला कृषि अधिकारी केके सिंह का कहना है कि कृषि टीम लगातार निगरानी कर रही है। जहां की शिकायतें मिल रही हैं, वहां टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।
दस एकड़ जमीन के लिए करीब तीस बोरी यूरिया और 10 बोरी डीएपी की आवश्यता है लेकिन, एक बोरी पर सत्तर रुपये अतिरिक्त मांगे जा रहे हैं। इस वजह से वापस लौटना पड़ा।
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कैलाश विश्वकर्मा, पुनावली कला
दुकानदार खाद की मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। पानी न बरसने से किसान सिंचाई को लेकर पहले ही परेशान हैं। अब खाद की अतिरिक्त कीमत भी चुकानी पड़ रही है।
गंगाराम कुशवाहा, डगरवाहा
खाद की दुकानों में मनमानी कीमत वसूली जा रही है। शिकायत का भी कोई असर नहीं हो रहा। मनमानी कीमत की वजह से तमाम किसान अभी तक खाद नहीं खरीद सके।
रविप्रकाश, पुनावली कला
15 एकड़ जमीन के लिए करीब 45 बोरी खाद की जरूरत है लेकिन, हर बोरी के लिए अतिरिक्त पैसे मांगे जा रहे हैं। इस वजह से अभी तक खाद नहीं खरीदी।
विष्णु प्रताप, रक्सा
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इन दिनों गेहूं समेत रबी की दूसरी फसलों के लिए बुवाई हो रही है। बुवाई शुरू होने के साथ यूरिया की मांग एकाएक बढ़ गई। मांग में इजाफा होने के साथ ही खाद दुकानदारों ने मनमानी शुरू कर दी। रक्सा, टहरौली, समेत कई जगहों पर ओवररेटिंग की शिकायतें मिल रही हैं। टहरौली की खडैनी साधन सहकारी समिति में पिछले कई दिनों से प्रति बोरी पचास रुपये से अधिक वसूले जाने की शिकायत किसान कर रहे हैं। इसी तरह रक्सा में भी खाद की कालाबाजारी हो रही है लेकिन, शिकायतों के बावजूद इस पर कोई रोकथाम नहीं हो रही जबकि पिछले माह तक खाद की कालाबाजारी रोकने को लेकर सरकार की ओर से तमाम दावे किए गए थे। कालाबाजारी पर रोक लगाने को इस बार नई व्यवस्था में खाद के नकदी लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। नकदी से खाद न मिलने पर जहां आम किसान परेशान हैं वहीं, कालाबाजारी करने वालों पर इसका कोई भी प्रभाव नहीं पड़ा है। जिला कृषि अधिकारी केके सिंह का कहना है कि कृषि टीम लगातार निगरानी कर रही है। जहां की शिकायतें मिल रही हैं, वहां टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी।
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दस एकड़ जमीन के लिए करीब तीस बोरी यूरिया और 10 बोरी डीएपी की आवश्यता है लेकिन, एक बोरी पर सत्तर रुपये अतिरिक्त मांगे जा रहे हैं। इस वजह से वापस लौटना पड़ा।
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कैलाश विश्वकर्मा, पुनावली कला
दुकानदार खाद की मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। पानी न बरसने से किसान सिंचाई को लेकर पहले ही परेशान हैं। अब खाद की अतिरिक्त कीमत भी चुकानी पड़ रही है।
गंगाराम कुशवाहा, डगरवाहा
खाद की दुकानों में मनमानी कीमत वसूली जा रही है। शिकायत का भी कोई असर नहीं हो रहा। मनमानी कीमत की वजह से तमाम किसान अभी तक खाद नहीं खरीद सके।
रविप्रकाश, पुनावली कला
15 एकड़ जमीन के लिए करीब 45 बोरी खाद की जरूरत है लेकिन, हर बोरी के लिए अतिरिक्त पैसे मांगे जा रहे हैं। इस वजह से अभी तक खाद नहीं खरीदी।
विष्णु प्रताप, रक्सा