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Jhansi News: महिला यात्री का शव ट्रेन से उतारने पर हंगामा, स्टेशन पर एक घंटे खड़ी रही एक्सप्रेस
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। शुक्रवार को गांधी नगर कैपिटल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में महिला यात्री की सफर के दौरान मौत हो गई। इसके बाद उसका शव झांसी में उतारने को लेकर बेटे ने हंगामा कर दिया। वह शव को ट्रेन में ही अपने साथ लेकर मिर्जापुर जाना चाहता था। काफी समझाने के बाद शव को झांसी में उतारा जा सका। इस कारण ट्रेन एक घंटे प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी रही।
मिर्जापुर के थाना विध्यांचल गेहपुरा अंतर्गत गांव नदनी-नदनी की निवासी 45 वर्षीय शिवा देवी पत्नी सुभाषचंद्र को आठ माह पहले सांस लेने में समस्या हुई थी। उनका पुत्र रोहित इलाज के लिए उन्हें अपने साथ अहमदाबाद ले गया था। वहां शिवा देवी के हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। रोहित ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मां बिल्कुल स्वस्थ हो गई थीं। एक माह पहले उन्हें लकवा मार गया। लकवा का इलाज भी अहमदाबाद में चल रहा था। बीते दिनों मां ने मिर्जापुर ले चलने की जिद की तो वह उन्हें लेकर बृहस्पतिवार को गांधीनगर कैपिटल-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के बी-3 कोच की 11 नंबर सीट पर प्रयागराज के लिए सवार हो गया। शुक्रवार की दोपहर लगभग 1.30 बजे ट्रेन जब ललितपुर से आगे निकली तो महिला को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। यह जानकारी टीटीई को देने पर उसने कंट्रोल रूम को फोन कर मदद मांगी। ट्रेन अपने निर्धारित समय से 15 मिनट की देरी से दोपहर 2.20 बजे झांसी पहुंची। इससे पहले रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। यहां जब रेल प्रशासन ने शव को ट्रेन से उतारने की बात कही तो बेटा मां का शव न उतारने की बात पर अड़ गया। इसके चलते काफी देर तक हंगामा होता रहा। मृतक महिला के पुत्र का कहना था कि उसके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह मां का शव एंबुलेंस से मिर्जापुर तक ले जा सके। काफी समझाने के बाद शव को ट्रेन से उतारा जा सका। इस दौरान ट्रेन एक घंटा स्टेशन पर ही खड़ी रही और दोपहर 3.20 बजे रवाना हो सकी।
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वर्जन
युवक ट्रेन से शव ले जाने की जिद पर अड़ा था। लेकिन, उसे इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती थी। काफी देर तक समझाने के बाद वह शव उतारने पर राजी हुआ। इसके बाद जीआरपी और रेल कर्मियों ने कागजी कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया।
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मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी।
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झांसी। शुक्रवार को गांधी नगर कैपिटल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में महिला यात्री की सफर के दौरान मौत हो गई। इसके बाद उसका शव झांसी में उतारने को लेकर बेटे ने हंगामा कर दिया। वह शव को ट्रेन में ही अपने साथ लेकर मिर्जापुर जाना चाहता था। काफी समझाने के बाद शव को झांसी में उतारा जा सका। इस कारण ट्रेन एक घंटे प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी रही।
मिर्जापुर के थाना विध्यांचल गेहपुरा अंतर्गत गांव नदनी-नदनी की निवासी 45 वर्षीय शिवा देवी पत्नी सुभाषचंद्र को आठ माह पहले सांस लेने में समस्या हुई थी। उनका पुत्र रोहित इलाज के लिए उन्हें अपने साथ अहमदाबाद ले गया था। वहां शिवा देवी के हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। रोहित ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मां बिल्कुल स्वस्थ हो गई थीं। एक माह पहले उन्हें लकवा मार गया। लकवा का इलाज भी अहमदाबाद में चल रहा था। बीते दिनों मां ने मिर्जापुर ले चलने की जिद की तो वह उन्हें लेकर बृहस्पतिवार को गांधीनगर कैपिटल-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के बी-3 कोच की 11 नंबर सीट पर प्रयागराज के लिए सवार हो गया। शुक्रवार की दोपहर लगभग 1.30 बजे ट्रेन जब ललितपुर से आगे निकली तो महिला को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। यह जानकारी टीटीई को देने पर उसने कंट्रोल रूम को फोन कर मदद मांगी। ट्रेन अपने निर्धारित समय से 15 मिनट की देरी से दोपहर 2.20 बजे झांसी पहुंची। इससे पहले रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। यहां जब रेल प्रशासन ने शव को ट्रेन से उतारने की बात कही तो बेटा मां का शव न उतारने की बात पर अड़ गया। इसके चलते काफी देर तक हंगामा होता रहा। मृतक महिला के पुत्र का कहना था कि उसके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह मां का शव एंबुलेंस से मिर्जापुर तक ले जा सके। काफी समझाने के बाद शव को ट्रेन से उतारा जा सका। इस दौरान ट्रेन एक घंटा स्टेशन पर ही खड़ी रही और दोपहर 3.20 बजे रवाना हो सकी।
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युवक ट्रेन से शव ले जाने की जिद पर अड़ा था। लेकिन, उसे इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती थी। काफी देर तक समझाने के बाद वह शव उतारने पर राजी हुआ। इसके बाद जीआरपी और रेल कर्मियों ने कागजी कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया।
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मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी।