{"_id":"61b50d2413500b093c776930","slug":"unmanned-equipment-took-up-reconnaissance-the-army-destroyed-the-enemies-jhansi-news-jhs210728699","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानवरहित उपकरण ने ली टोह, सेना ने दुश्मनों को किया नेस्तनाबूद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानवरहित उपकरण ने ली टोह, सेना ने दुश्मनों को किया नेस्तनाबूद
विज्ञापन
झांसी। कम जोखिम में सेना अपने ऑपरेशन को अंजाम दे सके, इसके लिए अनमेंड ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) को सेना में बढ़ावा दिया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इसमें स्वदेशी कंपनियों को आगे लाया जा रहा है। शनिवार को सेना के बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित कार्यक्रम में कंपनियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।
वीरान इलाके में बने एक मकान में सेना को दुश्मनों के छुपे होने का इनपुट मिला था। इस पर हथियारों से लैस सेना की एक टोली ने उस घर की ओर रुख कर लिया। टोली के आगेे छोटा सा अनमेंड ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) चल रहा था। ये व्हीकल मकान के भीतर प्रवेश कर लेता है। इससे पहले भीतर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उपकरण की मदद से भीतर की सारी तस्वीर सेना के पास आ जाती, जिसमें हथियारों से लैस लोग नजर आ रहे थे। इस पर सेना की टुकड़ी मकान पर धाबा बोल दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर देती है। ये और कुछ अन्य घटनाक्रम शनिवार को बबीना में सेना की फील्ड फायरिंग रेंज में देखने को मिले। मौका था स्वदेशी अनमेंड ग्राउंड व्हीकल के प्रदर्शन का, जिसमें इन्हें बनाने वाली देश की 12 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान बताया गया कि ये उपकरण टोही मिशन के साथ-साथ आकस्मिक स्थिति में सैनिकों तक हथियार पहुंचाने व घायल सैनिकों को निकालने तक में सक्षम हैं। इसके अलावा सेना में सरकार के आत्मनिर्भर भारत को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत सैन्य उपकरण बनाने वाली स्वदेशी कंपनियां व्हाइट टाइगर डिवीजन के बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने अपने 30 उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस दौरान एसोसिएशन ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) आशीष भट्टाचार्य ने बताया कि इस आयोजन में उपयोग और निर्माण करने वाले एक साथ हैं। उपयोग करने वालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर कंपनियां अपने उत्पाद तैयार करेंगी।
विज्ञापन
वीरान इलाके में बने एक मकान में सेना को दुश्मनों के छुपे होने का इनपुट मिला था। इस पर हथियारों से लैस सेना की एक टोली ने उस घर की ओर रुख कर लिया। टोली के आगेे छोटा सा अनमेंड ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) चल रहा था। ये व्हीकल मकान के भीतर प्रवेश कर लेता है। इससे पहले भीतर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उपकरण की मदद से भीतर की सारी तस्वीर सेना के पास आ जाती, जिसमें हथियारों से लैस लोग नजर आ रहे थे। इस पर सेना की टुकड़ी मकान पर धाबा बोल दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर देती है। ये और कुछ अन्य घटनाक्रम शनिवार को बबीना में सेना की फील्ड फायरिंग रेंज में देखने को मिले। मौका था स्वदेशी अनमेंड ग्राउंड व्हीकल के प्रदर्शन का, जिसमें इन्हें बनाने वाली देश की 12 कंपनियों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान बताया गया कि ये उपकरण टोही मिशन के साथ-साथ आकस्मिक स्थिति में सैनिकों तक हथियार पहुंचाने व घायल सैनिकों को निकालने तक में सक्षम हैं। इसके अलावा सेना में सरकार के आत्मनिर्भर भारत को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत सैन्य उपकरण बनाने वाली स्वदेशी कंपनियां व्हाइट टाइगर डिवीजन के बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने अपने 30 उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस दौरान एसोसिएशन ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) आशीष भट्टाचार्य ने बताया कि इस आयोजन में उपयोग और निर्माण करने वाले एक साथ हैं। उपयोग करने वालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर कंपनियां अपने उत्पाद तैयार करेंगी।
विज्ञापन