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शिक्षा मित्रों ने उमा भारती को घेरा
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Mon, 28 Sep 2015 01:25 AM IST
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झांसी। रविवार को शिक्षा मित्रों ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री एवं स्थानीय
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सांसद उमा भारती का घिराव कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उमा भारती ने शिक्षा
मित्रों को भरोसा दिया कि जल्द ही उनके हित में समाधानपरक रास्ता निकाला
जाएगा।
साथ ही उमा ने शिक्षा मित्रों की इस विषम परिस्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
शिक्षा मित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जोरदार नारेबाजी के साथ जुलूस निकालकर सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती का घिराव किया। शिक्षा मित्रों ने कहा कि वे पिछले डेढ़ दशक से बेसिक स्कूलों में अध्यापन कार्य कर रहे हैं, परंतु अब उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इस फैसले से आहत दर्जनों शिक्षा मित्र अपनी जान तक गंवा चुके हैं। उन्होंने शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की मांग की।
इस दौरान शिक्षा मित्रों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि शिक्षा मित्रों की वर्तमान परिस्थिति चिंता का विषय है। इस मामले में भाजपा उनके साथ खड़ी हुई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पहले ही यह एलान कर चुके हैं। समस्या का जल्द ही कोई समाधानपरक रास्ता निकाला जाएगा। उन्होंने शिक्षा मित्रों का आह्वान किया कि वे निराश होकर जान देने जैसा कदम न उठाएं। वह समस्या का अंत करें, अपने जीवन का नहीं। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि शिक्षा मित्रों की वर्तमान स्थिति के लिए प्रदेश सरकार दोषी है । राज्य सरकार को इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
इस मौके पर शिक्षा मित्र सुगर सिंह यादव, संजय यादव, संजीव यादव, अनिल साहू, वीरेंद्र श्रीवास्तव, पंकज वर्मा, राकेश नामदेव, इंदर यादव, राधेलाल यादव, लोकेश कुमार, उमेश यादव, प्रमोद गुप्ता, मनोज यादव, राजीव, अख्तर खान, राजीव पाठक, शीलेंद्र, फूल सिंह, भारती नायक, बृजेंद्र राय, राजेंद्र, अनिल कौशिक, आनंद समेले, राघवेंद्र पटेल, देवेंद्र चौरसिया, सनद नायक, जयहिंद, विजय पटेल, शोभा राय, वंदना साहू, रश्मि यादव, विनीता, शिल्पी, नम्रता, अर्चना यादव, क्रांति यादव, अंजली, रागिनी, मीतू परिहार, सुशीला, दीपक, नरेंद्र पटेल आदि मौजूद रहे।
भाजपा दफ्तर मेें चले लात-घूसे
झांसी। पार्टी के वफादार लोगों को नजरअंदाज कर पैसे लेकर दूसरे दलों से आए लोगों को टिकट देने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान जमकर लात-घूसे भी चले। पार्टी के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं के गुस्से का सामना करना पड़ा। इस हंगामे की वजह से पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रदेश उपाध्यक्ष की पत्रकार वार्ता स्थगित कर दी गई। बवाल के कारण भाजपा ने जिला पंचायत के प्रत्याशियों की सूची भी जारी नहीं की।
साथ ही उमा ने शिक्षा मित्रों की इस विषम परिस्थिति के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
शिक्षा मित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जोरदार नारेबाजी के साथ जुलूस निकालकर सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती का घिराव किया। शिक्षा मित्रों ने कहा कि वे पिछले डेढ़ दशक से बेसिक स्कूलों में अध्यापन कार्य कर रहे हैं, परंतु अब उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इस फैसले से आहत दर्जनों शिक्षा मित्र अपनी जान तक गंवा चुके हैं। उन्होंने शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की मांग की।
इस दौरान शिक्षा मित्रों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि शिक्षा मित्रों की वर्तमान परिस्थिति चिंता का विषय है। इस मामले में भाजपा उनके साथ खड़ी हुई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पहले ही यह एलान कर चुके हैं। समस्या का जल्द ही कोई समाधानपरक रास्ता निकाला जाएगा। उन्होंने शिक्षा मित्रों का आह्वान किया कि वे निराश होकर जान देने जैसा कदम न उठाएं। वह समस्या का अंत करें, अपने जीवन का नहीं। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि शिक्षा मित्रों की वर्तमान स्थिति के लिए प्रदेश सरकार दोषी है । राज्य सरकार को इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
इस मौके पर शिक्षा मित्र सुगर सिंह यादव, संजय यादव, संजीव यादव, अनिल साहू, वीरेंद्र श्रीवास्तव, पंकज वर्मा, राकेश नामदेव, इंदर यादव, राधेलाल यादव, लोकेश कुमार, उमेश यादव, प्रमोद गुप्ता, मनोज यादव, राजीव, अख्तर खान, राजीव पाठक, शीलेंद्र, फूल सिंह, भारती नायक, बृजेंद्र राय, राजेंद्र, अनिल कौशिक, आनंद समेले, राघवेंद्र पटेल, देवेंद्र चौरसिया, सनद नायक, जयहिंद, विजय पटेल, शोभा राय, वंदना साहू, रश्मि यादव, विनीता, शिल्पी, नम्रता, अर्चना यादव, क्रांति यादव, अंजली, रागिनी, मीतू परिहार, सुशीला, दीपक, नरेंद्र पटेल आदि मौजूद रहे।
भाजपा दफ्तर मेें चले लात-घूसे
झांसी। पार्टी के वफादार लोगों को नजरअंदाज कर पैसे लेकर दूसरे दलों से आए लोगों को टिकट देने का आरोप लगाते हुए भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल काटा। इस दौरान जमकर लात-घूसे भी चले। पार्टी के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं के गुस्से का सामना करना पड़ा। इस हंगामे की वजह से पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रदेश उपाध्यक्ष की पत्रकार वार्ता स्थगित कर दी गई। बवाल के कारण भाजपा ने जिला पंचायत के प्रत्याशियों की सूची भी जारी नहीं की।