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दो साल में मुख्यमंत्री के दो दौरे, फिर भी नहीं बदले हालात
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झांसी। दो साल के दरम्यान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को दूसरी बार चिरगांव ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलारा के गांव मुराटा पहुंचे। बावजूद, गांव के हालात में कोई खास परिवर्तन नहीं आया है। ग्रामीण अब भी पुरानी समस्याओं से ही जूझ रहे हैं।
मुख्यमंत्री पहली बार 30 जून 2020 को मुराटा गए थे। यहां उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की आधारशिला रखी थी। जबकि, रविवार को दूसरी बार काम की रफ्तार देखने पहुंचे। 23 महीने में मुख्यमंत्री का दूसरी बार मुराटा गांव का दौरा रहा। इसी बीच अफसरों का लगातार यहां आवागमन बना रहा। बावजूद, गांव की परिस्थितियां नहीं बदली हैं। ग्रामीणों को अब भी पुरानी समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। गांव के एक ओर से निकला नाला ग्रामीणों की बड़ी समस्या है। बारिश होने पर ये पानी से लबालब भर जाता है। ग्रामीणों को मजबूरी में पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इससे हर समय खतरा बना रहता है। गांव के भीतर की कई सड़कों की भी दशा ठीक नहीं है। सड़कें ऊबड़खाबड़ हैं। विद्यालय में सिर्फ कक्षा पांचवीं तक की पढ़ाई होना भी ग्रामीणों के बीच बड़ा मुद्दा है।
चार महीने नाला भरा रहता है। इससे आने जाने में बहुत परेशानी होती है। आवागमन में हमेशा खतरा बना रहता है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- रति
मुख्यमंत्री दो बार गांव में आ गए। फिर भी ज्यादा सुधार नहीं हुआ। गांव की ज्यादातर सड़कें ऊबड़-खाबड़ हैं, जिससे आने जाने में परेशानी होती है।
- शिरोमन
गांव में स्थित बेसिक स्कूल में पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ाई होती है। छठवीं से लोगों को दूर जाना पड़ता है। गांव में हाईस्कूल खोला जाना जरूरी है।
- सतीश सिंह जादौन
जहां प्लांट बन रहा है, वहीं तक अच्छी सड़क बना दी गई है। तीन सौ मीटर सड़क और बना दी जाए तो ग्रामीणों की आवागमन की समस्या खत्म हो जाएगी।
- शारदा
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मुख्यमंत्री पहली बार 30 जून 2020 को मुराटा गए थे। यहां उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना की आधारशिला रखी थी। जबकि, रविवार को दूसरी बार काम की रफ्तार देखने पहुंचे। 23 महीने में मुख्यमंत्री का दूसरी बार मुराटा गांव का दौरा रहा। इसी बीच अफसरों का लगातार यहां आवागमन बना रहा। बावजूद, गांव की परिस्थितियां नहीं बदली हैं। ग्रामीणों को अब भी पुरानी समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। गांव के एक ओर से निकला नाला ग्रामीणों की बड़ी समस्या है। बारिश होने पर ये पानी से लबालब भर जाता है। ग्रामीणों को मजबूरी में पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इससे हर समय खतरा बना रहता है। गांव के भीतर की कई सड़कों की भी दशा ठीक नहीं है। सड़कें ऊबड़खाबड़ हैं। विद्यालय में सिर्फ कक्षा पांचवीं तक की पढ़ाई होना भी ग्रामीणों के बीच बड़ा मुद्दा है।
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चार महीने नाला भरा रहता है। इससे आने जाने में बहुत परेशानी होती है। आवागमन में हमेशा खतरा बना रहता है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- रति
मुख्यमंत्री दो बार गांव में आ गए। फिर भी ज्यादा सुधार नहीं हुआ। गांव की ज्यादातर सड़कें ऊबड़-खाबड़ हैं, जिससे आने जाने में परेशानी होती है।
- शिरोमन
गांव में स्थित बेसिक स्कूल में पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ाई होती है। छठवीं से लोगों को दूर जाना पड़ता है। गांव में हाईस्कूल खोला जाना जरूरी है।
- सतीश सिंह जादौन
जहां प्लांट बन रहा है, वहीं तक अच्छी सड़क बना दी गई है। तीन सौ मीटर सड़क और बना दी जाए तो ग्रामीणों की आवागमन की समस्या खत्म हो जाएगी।
- शारदा