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झांसी में बुखार से नवजात समेत दो की मौत
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झांसी/मोंठ। झांसी में भी बुखार कहर बनकर टूटना शुरू हो गया है। शनिवार को बुखार पीड़ित एक नवजात शिशु की मौत हो गई, जबकि आगरा में रह रहे झांसी के युवक ने भी वायरल की चपेट में आने से दम तोड़ दिया।
मोंठ के लालनपुरा निवासी ब्रजेश की पत्नी की डिलीवरी अमरौख स्वास्थ्य उपकेंद्र में शुक्रवार को हुई थी। डिलीवरी के कुछ घंटे बाद नवजात को बुखार आ गया। शनिवार की दोपहर वह बच्चे को मेडिकल कॉलेज ला रहे थे। हालत बिगड़ने पर मोंठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
वहीं, एक सिगरेट कंपनी मेें कार्यरत बबीना निवासी सैयद नासिर अली का पुत्र सैयद काशिफ अली (18) एक साल से आगरा के न्यू अशोक नगर निवासी अपने चाचा सैयद मोहसिन अली के यहां रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। 12 सितंबर को उसे परीक्षा देनी थी। बुधवार को उसे बुखार आया। परिजनों ने नजदीकी अस्पताल में इलाज कराया। शनिवार की सुबह तकरीबन दस बजे काशिफ को अचानक बेचैनी हुई। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। इसी दौरान वह अचेत हो गया। परिवार के लोग उसे अस्पताल लेकर भागे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शाम को उसका शव झांसी लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।
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बच्चे के जन्म के बाद तुरंत बुखार आने का कारण सैप्सिस होता है। यदि बुखार तीन दिन के अंदर आया है तो मां से या फिर किसी व्यक्ति के छूने से बच्चे तक संक्रमण पहुंचता है। वायरल के चलते जन्म के 24 घंटे में मौत नहीं होती। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
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मोंठ के लालनपुरा निवासी ब्रजेश की पत्नी की डिलीवरी अमरौख स्वास्थ्य उपकेंद्र में शुक्रवार को हुई थी। डिलीवरी के कुछ घंटे बाद नवजात को बुखार आ गया। शनिवार की दोपहर वह बच्चे को मेडिकल कॉलेज ला रहे थे। हालत बिगड़ने पर मोंठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
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वहीं, एक सिगरेट कंपनी मेें कार्यरत बबीना निवासी सैयद नासिर अली का पुत्र सैयद काशिफ अली (18) एक साल से आगरा के न्यू अशोक नगर निवासी अपने चाचा सैयद मोहसिन अली के यहां रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। 12 सितंबर को उसे परीक्षा देनी थी। बुधवार को उसे बुखार आया। परिजनों ने नजदीकी अस्पताल में इलाज कराया। शनिवार की सुबह तकरीबन दस बजे काशिफ को अचानक बेचैनी हुई। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। इसी दौरान वह अचेत हो गया। परिवार के लोग उसे अस्पताल लेकर भागे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शाम को उसका शव झांसी लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।
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बच्चे के जन्म के बाद तुरंत बुखार आने का कारण सैप्सिस होता है। यदि बुखार तीन दिन के अंदर आया है तो मां से या फिर किसी व्यक्ति के छूने से बच्चे तक संक्रमण पहुंचता है। वायरल के चलते जन्म के 24 घंटे में मौत नहीं होती। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।