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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Two days ago, a letter regarding wedding preparations was shared; today came the news of the Prince's passing.

Jhansi News: दो दिन पहले विवाह की तैयारियों का पत्र साझा किया, आज मिली राजकुमार के निधन की खबर

Mon, 14 Sep 2026 02:17 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 02:17 AM IST
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Two days ago, a letter regarding wedding preparations was shared; today came the news of the Prince's passing.
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। इसे संयोग कहें या टेलीपेथी... महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के पुत्र राजकुमार सिंह के निधन के बाद उनके भाई और हॉकी खिलाड़ी पूर्व ऑलंपियन अशोक ध्यानचंद की सोशल मीडिया पोस्ट पढ़कर हर कोई भावुक है। शुक्रवार 11 सितंबर को अशोक ध्यानचंद ने राजकुमार सिंह के जबलपुर में होने वाले विवाह की तैयारियों के सिलसिले में लिखा गया एक पुराना पत्र साझा किया था। इसके ठीक दो दिन बाद रविवार को राजकुमार सिंह के निधन की खबर मिली। अशोक ध्यानचंद ने खुद इस संयोग को लेकर लिखा, “कुछ अजीब सी बात है या...... टेलीपेथी.... दुखद।” इसके साथ उन्होंने राजकुमार जी को श्रद्धांजलि दी।
जिस भाई के साथ जुड़ी पुरानी यादों और परिवार के एक महत्वपूर्ण प्रसंग को अशोक ध्यानचंद ने दो दिन पहले साझा किया था, उसी भाई के हमेशा के लिए चले जाने की खबर ने इस पोस्ट को और मार्मिक बना दिया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए मेजर ध्यानचंद के पत्र में राजकुमार सिंह के जबलपुर में होने वाले विवाह की तैयारियों का संदर्भ है। तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह पत्र कुछ ही समय बाद राजकुमार सिंह की यादों से जुड़ी एक भावुक दस्तावेज बन जाएगा।
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कोलकाता ले गए थे अशोक, वहीं सीखी हॉकी
राजकुमार सिंह का अपने छोटे भाई अशोक ध्यानचंद के जीवन में भी खास स्थान था। अशोक ध्यानचंद के अनुसार, राजकुमार ही उन्हें पहली बार कोलकाता लेकर गए थे। वहीं से उन्होंने हॉकी खेलना सीखा और आगे चलकर भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला। इस तरह दोनों भाइयों के बीच रिश्ता केवल परिवार का नहीं, बल्कि हॉकी के मैदान से भी गहराई से जुड़ा था।
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राजकुमार सिंह ने भारतीय टीम की ओर से विदेशी टीमों के खिलाफ टेस्ट मैच खेले और वर्ष 1970 के एशियाड में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया। वेटरन हॉकी में भी सक्रिय रहे और वर्ष 1986 में लंदन में आयोजित वेटरन हॉकी विश्व कप में हिस्सा लिया। रेलवे की ओर से करीब 15 बार राष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेले। कोलकाता के मोहन बागान क्लब से भी उनका लंबे समय तक जुड़ाव रहा।
करीब 25 वर्षों से झांसी में रह रहे राजकुमार सिंह ने वर्ष 1967 में ईस्टर्न रेलवे, कलकत्ता से नौकरी शुरू की थी। वर्ष 2001 में सेंट्रल रेलवे में आ गए और स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद से सेवानिवृत्त हुए। रविवार शाम नंदनपुरा मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

एक पत्र... और दो दिन बाद अंतिम विदाई
11 सितंबर को साझा किया गया विवाह की तैयारियों का पत्र अब राजकुमार सिंह की जिंदगी से जुड़ी एक ऐसी याद बन गया है, जिसे परिवार शायद लंबे समय तक संजोकर रखेगा। अशोक ध्यानचंद की भावुक पंक्ति—“कुछ अजीब सी बात है या... टेलीपेथी...”—भाई के निधन के असहनीय संयोग को बयां करती है।

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52 साल पहले लिखा था पत्र
मेजर ध्यानचंद ने 11 जून 1974 को जबलपुर के तत्कालीन सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी को पत्र लिखकर राजकुमार सिंह के विवाह में आमंत्रित किया था। पत्र में उन्होंने विवाह समारोह में आने का निमंत्रण देने के साथ ही शादी से जुड़ीं व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी थी। अशोक ध्यानचंद ने यही पुराना पत्र सोशल मीडिया पर साझा किया।
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