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‘छू लेंगे आकाश’ ने दी लक्ष्य पाने की प्रेरणा
Wed, 19 Dec 2018 01:52 AM IST
Priyesh Mishra
jhansi
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Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 19 Dec 2018 01:52 AM IST
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झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला फाउंडेशन और बाल चित्र समिति ने मंगलवार को महानगर के कस्तूरबा गांधी कन्या इंटर कॉलेज और आर्य कन्या इंटर कॉलेज में ‘छू लेंगे आकाश’ और ‘कारामती कोट’ बाल फिल्में दिखाई गईं। फिल्मों के माध्यम से बताया कि जीवन में कठिनाईयां चाहें जितनी भी आएं, हौसला नहीं हारना चाहिए।
कस्तूरबा गांधी कन्या इंटर कॉलेज प्रेमनगर में उत्साह से लबरेज छात्राओं ने वीरेंद्र सैनी द्वारा निर्देशित 90 मिनट की ‘छू लेंगे आकाश’ बाल फिल्म देखी। इसमें विकलांग लड़की सोनू के किरदार ने सभी को प्रभावित किया, जो अपना लक्ष्य पाने के लिए कठिनाईयों का सामना करती है। उसका लक्ष्य है कि वह डॉक्टर बने। फिल्म को देखने के बाद छात्राओं व शिक्षिकाओं ने कहा कि बाल फिल्में हमेशा सार्थक संदेश देती हैं, जिसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। इस अवसर पर शिक्षिकाओं में माया देवी, अर्चना वर्मा, सुनीता सिंह मौजूद रहीं।
वहीं, आर्य कन्या इंटर कॉलेज सीपरी में ‘कारामती कोट’ फिल्म छात्राओं को दिखाई गई, जिसमें रघु के चमत्कारी कोट ने सभी को हैरत में डाल दिया। फिल्म के जरिए बताया गया कि कैसे रघु अपने दोस्तों के बीच रघु सेठ बन जाता है। फिल्म देखकर उत्साहित छात्राओं ने कहा कि बाल फिल्में हमेशा रोचक रहती हैं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुमन श्रीवास्तव, प्रतिभा निरंजन, शुभ्रा मौजूद रहीं।
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आज इन स्कूलों में दिखाई जाएगी फिल्में
सुबह 9 बजे एल्पाइन स्कूल में तथा दोपहर 1 बजे डीएवी इंटर कॉलेज में बाल फिल्म महोत्सव के अंतर्गत फिल्म दिखाई जाएगी।
ये बोलीं छात्राएं
फिल्म में बाल कलाकारों की शरारतें बहुत अच्छी लगीं। ‘छू लेंगे आकाश’ फिल्म में सांप पकड़ना काफी रोचक लगा। - अलकुमा अख्तर, छात्रा
बाल फिल्में टेलीविजन पर कम दिखने को मिलती हैं। ‘छू लेंगे आकाश’ जैसी बाल फिल्म देखकर अच्छा लगता है। - पुष्पा यादव, छात्रा
फिल्म में सोनू का किरदार अच्छा लगा। जो विकलांग है, लेकिन उसका लक्ष्य है कि वह डॉक्टर बने। काफी प्रेरणादायक फिल्म रही। - रूबी रायकवार, छात्रा
‘छू लेंगे आकाश’ फिल्म में हिमाचल की खूबसूरत वादियां नजर आईं। इसमें बालिका शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। - उज्मा, छात्रा
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कस्तूरबा गांधी कन्या इंटर कॉलेज प्रेमनगर में उत्साह से लबरेज छात्राओं ने वीरेंद्र सैनी द्वारा निर्देशित 90 मिनट की ‘छू लेंगे आकाश’ बाल फिल्म देखी। इसमें विकलांग लड़की सोनू के किरदार ने सभी को प्रभावित किया, जो अपना लक्ष्य पाने के लिए कठिनाईयों का सामना करती है। उसका लक्ष्य है कि वह डॉक्टर बने। फिल्म को देखने के बाद छात्राओं व शिक्षिकाओं ने कहा कि बाल फिल्में हमेशा सार्थक संदेश देती हैं, जिसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। इस अवसर पर शिक्षिकाओं में माया देवी, अर्चना वर्मा, सुनीता सिंह मौजूद रहीं।
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वहीं, आर्य कन्या इंटर कॉलेज सीपरी में ‘कारामती कोट’ फिल्म छात्राओं को दिखाई गई, जिसमें रघु के चमत्कारी कोट ने सभी को हैरत में डाल दिया। फिल्म के जरिए बताया गया कि कैसे रघु अपने दोस्तों के बीच रघु सेठ बन जाता है। फिल्म देखकर उत्साहित छात्राओं ने कहा कि बाल फिल्में हमेशा रोचक रहती हैं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुमन श्रीवास्तव, प्रतिभा निरंजन, शुभ्रा मौजूद रहीं।
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आज इन स्कूलों में दिखाई जाएगी फिल्में
सुबह 9 बजे एल्पाइन स्कूल में तथा दोपहर 1 बजे डीएवी इंटर कॉलेज में बाल फिल्म महोत्सव के अंतर्गत फिल्म दिखाई जाएगी।
ये बोलीं छात्राएं
फिल्म में बाल कलाकारों की शरारतें बहुत अच्छी लगीं। ‘छू लेंगे आकाश’ फिल्म में सांप पकड़ना काफी रोचक लगा। - अलकुमा अख्तर, छात्रा
बाल फिल्में टेलीविजन पर कम दिखने को मिलती हैं। ‘छू लेंगे आकाश’ जैसी बाल फिल्म देखकर अच्छा लगता है। - पुष्पा यादव, छात्रा
फिल्म में सोनू का किरदार अच्छा लगा। जो विकलांग है, लेकिन उसका लक्ष्य है कि वह डॉक्टर बने। काफी प्रेरणादायक फिल्म रही। - रूबी रायकवार, छात्रा
‘छू लेंगे आकाश’ फिल्म में हिमाचल की खूबसूरत वादियां नजर आईं। इसमें बालिका शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है। - उज्मा, छात्रा