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‘फार्म ट्री’ एप से मिलेगा वृक्षों का ब्योरा
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फार्म ट्री एप की खबर में....... फार्म ट्री एप का लोगो।
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झांसी। बुंदेलखंड के किसानों को पेड़ों की प्रजातियों के बारे में जानकारी पाने के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए ‘फार्म ट्री’ एप विकसित किया है। इस एप के जरिए किसान 25 प्रजातियों के पेड़ों के बारे में जानकारी हासिल करने के साथ-साथ उनके उपयोग को लेकर जागरूक हो सकेंगे। शनिवार को संस्थान में युवा कृषक से एप की लांचिंग कराई गई।
बुंदेलखंड के वन क्षेत्रों में तमाम प्रजातियों के पेड़ हैं। इसमें से अधिकतर किसान पेड़ों की उपयोगिता से अनजान होने के कारण उनके प्रयोग से वंचित रह जाते हैं। इस दिशा में केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम ने पहल करते हुए फार्म ट्री एप विकसित किया।
संस्थान निदेशक ए. अरुणाचलम ने बताया कि किसानों द्वारा तकनीकी प्रगति को तेजी से अपनाया जा रहा है। मोबाइल आधारित शिक्षण, नवीनतम एवं अनुकूल प्रौद्योगिकी में रुचि रखने वाले किसानों के लिए एप बेहद उपयोगी है। फ ार्म ट्री एप में कृषि वानिकी, वृक्ष प्रजातियों की समस्त जानकारी जैसे सामान्य विवरण, संभावित क्षेत्र, उपयुक्त जलवायु, वन संवर्धन आवश्यकताएं, नर्सरी तकनीक, रोपण तकनीक, खरपतवार प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, उपयुक्त कृषि वानिकी पद्धति, उपयोग, बीज एवं पौध की उपलब्धता को सुंदर तस्वीरों के साथ बताया गया है। यह एप किसानों, वैज्ञानिकों, वानिकी के छात्रों, शोध कर्ताओं एवं व्यापारियों के लिए मददगार बनेगा। एप में कृषिवानिकी की कुछ सफ ल कहानियां भी बताई गई हैं। शनिवार को संस्थान में ग्राम परासई के युवा किसान कोमल सिंह यादव ने बटन दबा कर एप को लांच किया। इस मौके पर डॉ. आरपी द्विवेदी, डॉ. आशाराम आदि मौजूद रहे।
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इन पेड़ों की मिलेगी जानकारी
एप में कृषिवानिकी से संबंधित 25 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियां जैसे सागौन, बांस, चंदन, रक्त चंदन, महोगनी, शीशम, अरडू, सिरिस, सुबबूल, बबूल, नीम, महानीम, अंजन, भीमल, गम्हार, करंज, सिमल, ग्लिरिसीडिया, पोपलर, केजूरिना, मेंजियम, खेजड़ी, यूकेलिप्टस, अर्जुन और कदम आदि शामिल हैं। एप को विकसित करने वाली टीम में डॉ. आरएच रिजवी, डॉ. एके हांडा, डॉ. हृदेश अनुरागी, डॉ. आशाराम, डॉ. विष्णु आर, अभिषेक देव शामिल हैं।
ऐसे करें एप को डाउनलोड
एप को गूगल प्ले स्टोर पर cafri.farmtree लिखकर नि:शुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। साथ ही संस्थान की वेबसाइट पर भी दिए गए लिंक से एप डाउनलोड कर उपयोग किया जा सकता है।
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बुंदेलखंड के वन क्षेत्रों में तमाम प्रजातियों के पेड़ हैं। इसमें से अधिकतर किसान पेड़ों की उपयोगिता से अनजान होने के कारण उनके प्रयोग से वंचित रह जाते हैं। इस दिशा में केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम ने पहल करते हुए फार्म ट्री एप विकसित किया।
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संस्थान निदेशक ए. अरुणाचलम ने बताया कि किसानों द्वारा तकनीकी प्रगति को तेजी से अपनाया जा रहा है। मोबाइल आधारित शिक्षण, नवीनतम एवं अनुकूल प्रौद्योगिकी में रुचि रखने वाले किसानों के लिए एप बेहद उपयोगी है। फ ार्म ट्री एप में कृषि वानिकी, वृक्ष प्रजातियों की समस्त जानकारी जैसे सामान्य विवरण, संभावित क्षेत्र, उपयुक्त जलवायु, वन संवर्धन आवश्यकताएं, नर्सरी तकनीक, रोपण तकनीक, खरपतवार प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, उपयुक्त कृषि वानिकी पद्धति, उपयोग, बीज एवं पौध की उपलब्धता को सुंदर तस्वीरों के साथ बताया गया है। यह एप किसानों, वैज्ञानिकों, वानिकी के छात्रों, शोध कर्ताओं एवं व्यापारियों के लिए मददगार बनेगा। एप में कृषिवानिकी की कुछ सफ ल कहानियां भी बताई गई हैं। शनिवार को संस्थान में ग्राम परासई के युवा किसान कोमल सिंह यादव ने बटन दबा कर एप को लांच किया। इस मौके पर डॉ. आरपी द्विवेदी, डॉ. आशाराम आदि मौजूद रहे।
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इन पेड़ों की मिलेगी जानकारी
एप में कृषिवानिकी से संबंधित 25 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियां जैसे सागौन, बांस, चंदन, रक्त चंदन, महोगनी, शीशम, अरडू, सिरिस, सुबबूल, बबूल, नीम, महानीम, अंजन, भीमल, गम्हार, करंज, सिमल, ग्लिरिसीडिया, पोपलर, केजूरिना, मेंजियम, खेजड़ी, यूकेलिप्टस, अर्जुन और कदम आदि शामिल हैं। एप को विकसित करने वाली टीम में डॉ. आरएच रिजवी, डॉ. एके हांडा, डॉ. हृदेश अनुरागी, डॉ. आशाराम, डॉ. विष्णु आर, अभिषेक देव शामिल हैं।
ऐसे करें एप को डाउनलोड
एप को गूगल प्ले स्टोर पर cafri.farmtree लिखकर नि:शुल्क डाउनलोड किया जा सकता है। साथ ही संस्थान की वेबसाइट पर भी दिए गए लिंक से एप डाउनलोड कर उपयोग किया जा सकता है।