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डीएफओ ने अपने आवासीय परिसर में लगे दो हरे-भरे पेड़ कटवा दिए
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झांसी। डीएफओ आवास में लगे दो हरे पेड़ों को कटवा दिया गया है। वन अधिकारी के आवास में लगे पेड़ों के कटने का हल्ला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो जांच बैठा दी गई। हालांकि इस संबंध में डीएफओ का कहना है कि पेड़ काफी झुक गए थे जिसके कारण कटवा दिया गया। कटे पेड़ गोल्डमोहर और शीशम के बताए जा रहे हैं।
झांसी में मुख्य वन संरक्षक कार्यालय से सटा हुआ डीएफओ आवास है। दीपावली नजदीक होने के कारण आवास में सफाई के साथ ही रंगाई पुताई का कार्य किया जा रहा है। आवास के इर्दगिर्द कई बेशकीमती पेड़ लगे हुए हैं । दो ऐसे पेड़ थे जो पचास साल से भी अधिक पुराने थे लेकिन इन दोनों पेड़ों को डीएफओ एमपी गौतम ने कटवा दिया है। इतना ही नहीं इन पेड़ों की लकड़ी को भी एक ठेकेदार को दे दिया गया है। जब इस संबंध में प्रभागीय वन अधिकारी एमपी गौतम से बात की गई तो उनका कहना था कि पेड़ काफी झुक गए थे। जिसके चलते कटवा दिए गए हैं। वहीं मुख्य वन संरक्षक केके सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह है नियम
नियमानुसार वन विभाग भी किसी पेड़ को नहीं काट सकता। पेड़ को काटने के लिए वन निगम को सूचित करना होगा। पेड़ काटने की अनुमति लेनी होगी। लेकिन इन दोनों को पेड़ों को बगैर किसी की अनुमति के ही काट दिया गया।
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झांसी में मुख्य वन संरक्षक कार्यालय से सटा हुआ डीएफओ आवास है। दीपावली नजदीक होने के कारण आवास में सफाई के साथ ही रंगाई पुताई का कार्य किया जा रहा है। आवास के इर्दगिर्द कई बेशकीमती पेड़ लगे हुए हैं । दो ऐसे पेड़ थे जो पचास साल से भी अधिक पुराने थे लेकिन इन दोनों पेड़ों को डीएफओ एमपी गौतम ने कटवा दिया है। इतना ही नहीं इन पेड़ों की लकड़ी को भी एक ठेकेदार को दे दिया गया है। जब इस संबंध में प्रभागीय वन अधिकारी एमपी गौतम से बात की गई तो उनका कहना था कि पेड़ काफी झुक गए थे। जिसके चलते कटवा दिए गए हैं। वहीं मुख्य वन संरक्षक केके सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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यह है नियम
नियमानुसार वन विभाग भी किसी पेड़ को नहीं काट सकता। पेड़ को काटने के लिए वन निगम को सूचित करना होगा। पेड़ काटने की अनुमति लेनी होगी। लेकिन इन दोनों को पेड़ों को बगैर किसी की अनुमति के ही काट दिया गया।
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