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सैलानियों ने रानी के चित्रों को देखा, किला व रानीमहल का किया भ्रमण
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झांसी। विश्व धरोहर दिवस पर बृहस्पतिवार को किला और रानीमहल में प्रवेश निशुल्क रहा। ऐसे में सुहावने मौसम का हजारों सैलानियों ने किले व रानीमहल का भ्रमण कर आनंद उठाया। साथ ही रानी लक्ष्मीबाई को नमन किया। इसके साथ ही राजकीय संग्रहालय में लगाई गई फोटो प्रदर्शनी में लक्ष्मीबाई एवं बुंदेलखंड से संबंधित फोटो को लगाया गया।
विश्व धरोहर सप्ताह के अंतर्गत राजकीय संग्रहालय, क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई झांसी, इंटैक झांसी ललितपुर एवं बुंदेलखंड इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति शोध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने किया। प्रदर्शनी में गंगाधर राव की समाधि, रोरा के जंगल में पिसनारी दायी का मठ, पांडव वन के शिवलिंग, रानी लक्ष्मीबाई से संबंधित दस्तावेजों को फोटो में प्रस्तुत किया गया। साथ ही पवन वर्मा द्वारा रचित रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित चित्रों को भी प्रदर्शनी में लगाया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. एसके दुबे, संग्रहालय प्रभारी डॉ. उमा पाराशर, पूर्व आईएएस डॉ. प्रमोद अग्रवाल, मोहन नेपाली, राजीव शर्मा, मानवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। इधर किला में विश्व धरोहर सप्ताह के पहले दिन किले में निशुल्क प्रवेश रहने से हजारों सैलानी भ्रमण के लिए उमड़ पडे़। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षा सहायक अभिषेक सिंह ने लोगों को ऐतिहासिक किला के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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विश्व धरोहर सप्ताह के अंतर्गत राजकीय संग्रहालय, क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई झांसी, इंटैक झांसी ललितपुर एवं बुंदेलखंड इतिहास, पुरातत्व एवं संस्कृति शोध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा ने किया। प्रदर्शनी में गंगाधर राव की समाधि, रोरा के जंगल में पिसनारी दायी का मठ, पांडव वन के शिवलिंग, रानी लक्ष्मीबाई से संबंधित दस्तावेजों को फोटो में प्रस्तुत किया गया। साथ ही पवन वर्मा द्वारा रचित रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित चित्रों को भी प्रदर्शनी में लगाया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. एसके दुबे, संग्रहालय प्रभारी डॉ. उमा पाराशर, पूर्व आईएएस डॉ. प्रमोद अग्रवाल, मोहन नेपाली, राजीव शर्मा, मानवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। इधर किला में विश्व धरोहर सप्ताह के पहले दिन किले में निशुल्क प्रवेश रहने से हजारों सैलानी भ्रमण के लिए उमड़ पडे़। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षा सहायक अभिषेक सिंह ने लोगों को ऐतिहासिक किला के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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