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झांसी: दारोगा की मौत के बाद आई तबादले की चिट्ठी

Wed, 27 Nov 2019 06:34 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Wed, 27 Nov 2019 06:34 PM IST
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transfer letter came after inspector death in jhansi 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

थाना कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक संजीव कुमार जादौन ने एक साल पहले तबादले के आवेदन किया था। बुलंदशहर का रहने वाला यह दारोगा गृह जनपद के आसपास तैनाती चाहता था। मां की लंबे समय से तबीयत खराब होने की वजह से वो घर जाना चाहता था, ताकि वो मां की देखरेख कर सके। लेकिन, तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी ये इच्छा पूरी नहीं हो पा रही थी। घर को लेकर दारोगा हर समय चिंतित रहता था। तीन दिन पहले उसे मिनर्वा चौकी में दिल का दौरा पड़ा था। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया गया था। 

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हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर से दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया। दिल्ली में बुधवार की सुबह इलाज के दौरान दारोगा ने दम तोड़ दिया। दारोगा की मौत के बाद उसके तबादले का आदेश आया, जिसमें उसे आगरा जोन स्थानांतरित किया गया था। मौत के बाद आए तबादले का आदेश पुलिस महकमे में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।

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मदद को बढ़े थे कई हाथ

मृतक दारोगा संजीव कुमार जादौन के घर तीन माह पहले हादसा हो गया था। कुछ लोगों ने दारोगा की मां पर हमला गया था, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। इलाज में लंबा खर्च होने की वजह से दारोगा की माली हालत कमजोर हो गई थी। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दारोगा के इलाज के लिए पुलिस कर्मचारियों के बीच मुहिम चल गई थी। जिससे जितना हुआ, उसने उतना पैसा उसके खाते में जमा कराया। केवल झांसी ही नहीं, बल्की बाहरी जनपदों में तैनात पुलिस कर्मचारियों ने भी उसकी मदद की। इसके अलावा जन सामान्य के लोग भी सहायता को आगे आए।

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दो सौ पुलिस कर्मचारियों को घर की चिंता

जिले में दो सौ से अधिक पुलिस कर्मचारियों ने स्थानांतरण के आवेदन कर रखा है। सभी ने अपने गृह जनपद के पास तैनाती मांगी है। ज्यादातर दारोगाओं ने स्थानांतरण की वजह से घर की परेशानी बताई है। किसी की पत्नी बीमार है, तो किसी की माता-पिता जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं और उन्हें सेवा की आवश्यकता है। बावजूद, पुलिस कर्मचारियों की ये मांग पूरी नहीं हो पा रही है।

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