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ट्रेन दौड़ाने की कोशिश में युवक गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:57 AM IST
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train jhansi news
- फोटो : demo
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पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के ए-1 श्रेणी में शामिल लखनऊ जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे है। शुक्रवार शाम चार बजे प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर खड़ी झांसी इंटरसिटी (11110) को एक युवक ने दौड़ाने की कोशिश से रेलवे प्रशासन के होश उड़ गए। इंजन में चढ़े युवक के हॉर्न बजाने से आनन-फानन मौके पर पहुंचे रेलवेकर्मियों ने पूछताछ की तो उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। फिलहाल जीआरपी कन्नौज के भुन्ना, ठठिया निवासी ऋषभ कुमार सिंह को रेलवे एक्ट की धाराओं में गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक किसी को उस पर शक न हो इसलिए वह लोको पायलट की ड्रेस पहनकर वॉकी-टॉकी लेकर चलता था। पता चला है कि वह अक्सर लोको पायलट की ड्रेस में कानपुर से लखनऊ के बीच सफर करता था। बता दें कि झांसी इंटरसिटी लखनऊ जंक्शन से शाम 4.40 बजे रवाना होती है। शुक्रवार को यह ट्रेन झांसी से दो घंटे की देरी से सुबह 7.55 बजे लखनऊ के लिए रवाना हुई थी।
‘ड्यूटी मेरी है, ट्रेन मैं चलाऊंगा’
रेलकर्मियों ने जब युवक से पूछताछ की तो उसने कहा ‘ड्यूटी मेरी है, ट्रेन मैं चलाऊंगा’। हालांकि युवक को गिरफ्तार करने के बाद ट्रेन रवाना कर दी गई।
ऐसे तो कोई भी ले जा सकता है ट्रेन
युवक इंजन में चढ़कर हॉर्न बजाता रहा और ड्राइवर मौके से गायब रहे। सुरक्षाबलों का आरोप है कि लोको पायलट के नहीं होने की वजह से युवक ट्रेन के इंजन में चढ़ गया। लोगों का कहना है कि जिस तरह से युवक ने इंजन में चढ़कर ट्रेन को दौड़ाने की कोशिश की इससे तो कोई भी इंजन में आसानी से चढ़ सकता है।
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कानपुर से कर रहा है आईटीआई
ऋषभ ने बताया कि वह इंटर पास है। वह कानपुर से आईटीआई कर रहा है। उसका दूर का भाई लोको पायलट है। उसी ने उसे इंजन के बारे में काफी जानकारी दी थी, जिसके बाद उसका ट्रेनों के संचालन में रुझान बढ़ा।
हाथ में वॉकी-टॉकी, बदन पर ड्राइवर की ड्रेस
आरपीएफ को ऋषभ के पास से वॉकी-टॉकी मिला है। इतना ही नहीं ऋषभ लोको पायलट की ड्रेस पहनकर आया था। उसने बताया कि ड्रेस पहने होने के कारण किसी को उस पर शक नहीं हुआ। ड्यूटी को लेकर कहासुनी होने पर उसकी पोल खुल गई और पकड़ा गया। उसने बताया कि उसके पिता बिजली विभाग में हैं।
हफ्तों से कर रहा था रेकी
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ऋषभ कानपुर से अक्सर लखनऊ आता था। वह चारबाग स्टेशन और लखनऊ जंक्शन की हफ्तों से रेकी कर रहा था। ट्रेन का इंजन खाली होने की तलाश में रहता था। शुक्रवार को जब इंजन खाली मिला तो उसने चलाने की कोशिश की।
अपरिचितों को इंजन में सफर करा रहे लोको पायलट
युवक की मानें तो वह अक्सर इंजन में बैठकर लखनऊ से कानपुर के बीच सफर करता था। लोको पायलटों को अर्दब में लेने के लिए वह ड्रेस पहनता था और उनसे संचालन की बारीकियों के बारे में पूछताछ करता था। वहीं, इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि लोको पायलट जिस तरह से अनजान व्यक्तियों को इंजन में सफर करा रहे हैं उससे भविष्य में ट्रेनों पर बड़े खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
युवक से हो रही पूछताछ‘
लखनऊ जंक्शन पर झांसी इंटरसिटी में ऋषभ कुमार सिंह ट्रेन चलाने के लिए चढ़ गया था, लेकिन जीआरपी व आरपीएफ ने सतर्कता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया। रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। युवक से पूछताछ चल रही है।’ -राहुल श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर, आरपीएफ
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‘ड्यूटी मेरी है, ट्रेन मैं चलाऊंगा’
रेलकर्मियों ने जब युवक से पूछताछ की तो उसने कहा ‘ड्यूटी मेरी है, ट्रेन मैं चलाऊंगा’। हालांकि युवक को गिरफ्तार करने के बाद ट्रेन रवाना कर दी गई।
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ऐसे तो कोई भी ले जा सकता है ट्रेन
युवक इंजन में चढ़कर हॉर्न बजाता रहा और ड्राइवर मौके से गायब रहे। सुरक्षाबलों का आरोप है कि लोको पायलट के नहीं होने की वजह से युवक ट्रेन के इंजन में चढ़ गया। लोगों का कहना है कि जिस तरह से युवक ने इंजन में चढ़कर ट्रेन को दौड़ाने की कोशिश की इससे तो कोई भी इंजन में आसानी से चढ़ सकता है।
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कानपुर से कर रहा है आईटीआई
ऋषभ ने बताया कि वह इंटर पास है। वह कानपुर से आईटीआई कर रहा है। उसका दूर का भाई लोको पायलट है। उसी ने उसे इंजन के बारे में काफी जानकारी दी थी, जिसके बाद उसका ट्रेनों के संचालन में रुझान बढ़ा।
हाथ में वॉकी-टॉकी, बदन पर ड्राइवर की ड्रेस
आरपीएफ को ऋषभ के पास से वॉकी-टॉकी मिला है। इतना ही नहीं ऋषभ लोको पायलट की ड्रेस पहनकर आया था। उसने बताया कि ड्रेस पहने होने के कारण किसी को उस पर शक नहीं हुआ। ड्यूटी को लेकर कहासुनी होने पर उसकी पोल खुल गई और पकड़ा गया। उसने बताया कि उसके पिता बिजली विभाग में हैं।
हफ्तों से कर रहा था रेकी
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ऋषभ कानपुर से अक्सर लखनऊ आता था। वह चारबाग स्टेशन और लखनऊ जंक्शन की हफ्तों से रेकी कर रहा था। ट्रेन का इंजन खाली होने की तलाश में रहता था। शुक्रवार को जब इंजन खाली मिला तो उसने चलाने की कोशिश की।
अपरिचितों को इंजन में सफर करा रहे लोको पायलट
युवक की मानें तो वह अक्सर इंजन में बैठकर लखनऊ से कानपुर के बीच सफर करता था। लोको पायलटों को अर्दब में लेने के लिए वह ड्रेस पहनता था और उनसे संचालन की बारीकियों के बारे में पूछताछ करता था। वहीं, इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि लोको पायलट जिस तरह से अनजान व्यक्तियों को इंजन में सफर करा रहे हैं उससे भविष्य में ट्रेनों पर बड़े खतरे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
युवक से हो रही पूछताछ‘
लखनऊ जंक्शन पर झांसी इंटरसिटी में ऋषभ कुमार सिंह ट्रेन चलाने के लिए चढ़ गया था, लेकिन जीआरपी व आरपीएफ ने सतर्कता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया। रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। युवक से पूछताछ चल रही है।’ -राहुल श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर, आरपीएफ