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जीएसटी से बंधा व्यापार, सवाल अपार

Sat, 01 Jul 2017 01:36 AM IST
amarujala
amarujala Updated Sat, 01 Jul 2017 01:36 AM IST
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 Trade tied with GST, questions are immense
gst - फोटो : demo
झांसी। 
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आज से पूरे देश में एक सी टैक्स व्यवस्था लागू हो गई है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद अब कारोबारी को साल में 20 लाख से अधिक टर्नओवर पर टैक्स भरना होगा। हालांकि, अभी भी अधिकांश व्यापारियों के बीच जीएसटी को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। अभी भी उन्हें क्या होगा, कैसे होगा? जैसे सवाल परेशान किए हुए हैं।
जीएसटी में टैक्स की दरें 0,5,12, 18 और 28 प्रतिशत निर्धारित की गई हैं। इस व्यवस्था में व्यापारियों को हर महीने तीन और साल में कुल 37 बार रिटर्न दाखिल करना होगा। अभी साल में 13 बार ही रिटर्न दाखिल करने पड़ते हैं। जीएसटी में पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों को महीने की दस तारीख तक अपनी बिक्री और 17 तारीख तक खरीद का विवरण ऑनलाइन दाखिल करना होगा। साथ ही 20 तारीख तक जीएसटीएन पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करना होगा। इसके अतिरिक्त उन्हें वार्षिक रिटर्न भी दाखिल करना होगा। जबकि, अभी व्यापारियों को महीने में एक बार 20 तारीख तक रिटर्न भरना पड़ता है और साल में एक बार वार्षिक रिटर्न भरना पड़ता है।
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समाधान योजना में जरूर त्रैमासिक रिटर्न जमा करना है। समाधान योजना की राशि भी बढ़ाकर 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी गई है। जीएसटी में सभी ब्यौरे ऑनलाइल भरने हैं। व्यापारियों का कहना है कि इससे व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी। हां, यह फायदा जरूर होगा कि कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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‘वाणिज्य कर विभाग एक जुलाई को जीएसटी दिवस के रूप में मनाएगा। सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे कार्यालय में परिचर्चा का आयोजन होगा, जिसमें व्यापारी, अधिकारी और अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया गया है।’
लाखन सिंह, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन वाणिज्य कर।


इन पर टैक्स नहीं 
खाने-पीने और कुछ आवश्यक सेवाओं को जीएसटी से मुक्त रखा गया है। इसमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा सेवाएं, बच्चों की ड्राइंग और रंग की किताबें, फूल झाडू़, काजल, नमक, खजूर का गुड़, बिना मार्का प्राकृतिक शहद, खुला पनीर, लस्सी, दही, दूध, अंडे, गुड़, बिना मार्का बेसन, बिना मार्का मैदा, बिना मार्का मैदा, बिना मार्का आटा और खुले खाद्य अनाज शामिल है।


ये वस्तुएं महंगी हो जाएगी
चीनी, चायपत्ती, कॉफी के भुने दाने, खाद्य तेल, स्किम्ड दूध पाउडर, शिशुओं के लिए दूध का आहार, पैक्ड पनीर, काजू, किशमिश, पीडीएस केरोसिन, घरेलू केरोसिन, घरेलू एलपीजी, जूते-चप्पल, कपड़े, अगरबत्ती, कॉयर मैट, मक्खन, घी, बादाम, फ्रूट जूस, पैक्ड नारियल पानी, अचार, मुरब्बा, चटनी जैम, जैली छाता, मोबाइल, केश तेल, टूथपेस्ट, साबुन, पास्ता, कॉर्न फ्लैक्स, सूप, आइसक्रीम, टॉयलेट्रीज, कंप्यूटर और प्रिंटर जीएसटी के दायरे में आएंगे।
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