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ट्रैकमैन अब सीधे बनेंगे लुहार, लंबे इंतजार के बाद खुली राह
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झांसी। रेलवे ट्रैक की मरम्मत करने वाले सैकड़ों ट्रैक मैन को अब प्रमोशन पाने के लिए दो साल लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रमोशन अवधि पूरी होते ही उनको सीधे लुहार पद पर पदोन्नत कर दिया जाएगा। कार्मिक विभाग की लंबी कवायद के बाद यह रास्ता साफ हुआ है। इस फैसले से करीब डेढ़ सौ से अधिक ट्रैकमैन को फायदा होगा।
रेलवे में सबसे निचला पद ट्रैकमैन (1800 रुपये पे बैंड ) का होता है लेकिन, संरक्षा के लिहाज से यह सबसे आवश्यक होते हैं। लाइन फ्रैक्चर मिलने पर ट्रैक मैन को मौके पर भेजकर उसे दुरूस्त कराया जाता है। करीब दस साल सेवा के बाद ही इसकी पदोन्नति का नंबर आ पाता था। इसके बाद इनका प्रमोशन हैमरमैन पद (1900 रुपये पे बैंड) पर होता है। यहां उनको दो साल काम करना पड़ता है। इसके बाद उनका प्रमोशन लोहार (1900 रुपये पे बैंड) पद पर होता है लेकिन, हैमरमैन और लुहार का पे बैंड एक होने से इसका फायदा उनको नहीं मिल पाता था। दो साल इंतजार के बाद भी पे बैंड नहीं बदलता था। इसको देखते हुए ट्रैकमैन काफी समय से हैमरमैन के बजाए सीधे लोहार पद पर प्रमोट करने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग को देखते हुए कार्मिक विभाग ने एनसीआर मुख्यालय से इजाजत मांगी। कुछ समय पहले इसकी मंजूरी एनसीआर मुख्यालय से मिल गई। अब कार्मिक विभाग ने अंतिम अधिसूचना भी जारी कर दी। इसके जारी होने से ट्रैकमैन को प्रमोशन के लिए दो साल इंतजार नहीं करना होगा। मुख्य कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता का कहना है कि कागजी कार्रवाई अंतिम चरण में है। जल्द ही इसका लाभ ट्रैक मैन को दिया जाएगा।
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रेलवे में सबसे निचला पद ट्रैकमैन (1800 रुपये पे बैंड ) का होता है लेकिन, संरक्षा के लिहाज से यह सबसे आवश्यक होते हैं। लाइन फ्रैक्चर मिलने पर ट्रैक मैन को मौके पर भेजकर उसे दुरूस्त कराया जाता है। करीब दस साल सेवा के बाद ही इसकी पदोन्नति का नंबर आ पाता था। इसके बाद इनका प्रमोशन हैमरमैन पद (1900 रुपये पे बैंड) पर होता है। यहां उनको दो साल काम करना पड़ता है। इसके बाद उनका प्रमोशन लोहार (1900 रुपये पे बैंड) पद पर होता है लेकिन, हैमरमैन और लुहार का पे बैंड एक होने से इसका फायदा उनको नहीं मिल पाता था। दो साल इंतजार के बाद भी पे बैंड नहीं बदलता था। इसको देखते हुए ट्रैकमैन काफी समय से हैमरमैन के बजाए सीधे लोहार पद पर प्रमोट करने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग को देखते हुए कार्मिक विभाग ने एनसीआर मुख्यालय से इजाजत मांगी। कुछ समय पहले इसकी मंजूरी एनसीआर मुख्यालय से मिल गई। अब कार्मिक विभाग ने अंतिम अधिसूचना भी जारी कर दी। इसके जारी होने से ट्रैकमैन को प्रमोशन के लिए दो साल इंतजार नहीं करना होगा। मुख्य कार्मिक अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता का कहना है कि कागजी कार्रवाई अंतिम चरण में है। जल्द ही इसका लाभ ट्रैक मैन को दिया जाएगा।
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