{"_id":"68488c91c00381c7570e256b","slug":"today-guru-will-set-the-sound-of-wedding-shehnai-will-stop-jhansi-news-c-11-1-jhs1032-574624-2025-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: आज गुरु होंगे अस्त, थम जाएगी विवाह की शहनाइयों की गूंज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: आज गुरु होंगे अस्त, थम जाएगी विवाह की शहनाइयों की गूंज
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कोछाभांवर। बुधवार को गुरु (बृहस्पति) तारा अस्त होने के साथ ही विवाह की शहनाइयों की गूंज भी थम जाएगी। करीब पांच माह के इंतजार के पश्चात देवउठनी एकादशी से विवाह कार्य फिर से प्रारंभ होंगे।
महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार, 11 जून बुधवार की मध्य रात्रि को गुरु तारा अस्त हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में विवाह लग्न मुहूर्त के लिए गुरु व शुक्र का उदय होना महत्वपूर्ण होता है। उनके अनुसार छह जुलाई को देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निंद्रा में चार माह के लिए चले जाएंगे और चातुर्मास शुरू हो जाएंगे। ऐसे में नवंबर तक मांगलिक और विवाह कार्यों पर विराम लग जाएगा, जो फिर देवउठनी एकादशी से प्रारंभ होंगे।
विज्ञापन
आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार, अमूमन आषाढ़ माह में देवशयनी एकादशी से पहले तक विवाह लग्न मुहूर्त होते हैं, लेकिन गुरु ग्रह के अस्त होने से इस बार आषाढ़ में विवाह नहीं होंगे। हालांकि, चार जुलाई को भडली नवमी अबूझ मुहूर्त तिथि होने पर लोक परंपरा के अनुसार कुछ लोग विवाह कार्य कर सकते हैं।
विज्ञापन