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संस्थान में छात्रों की सुरक्षा पुख्ता करें
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Wed, 27 May 2015 02:01 AM IST
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झांसी। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को संस्थान के अंदर और हॉस्टल में सुरक्षित माहौल देना होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों को पत्र जारी कर विद्यार्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी का हवाला देते हुए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
यूजीसी ने उच्चतर शैक्षिक संस्थानों से अपील की है कि वे अपने छात्रों को मानव निर्मित और प्राकृतिक रूप से होने वाले नुकसान से बचाएं व दुर्घटनाओं से सुरक्षा दें। इसके साथ ही इसको अध्यादेश में भी शामिल करें, जिससे शैक्षिक संस्थानों के परिसर सुरक्षा, दृढ़ता व शिक्षा के लिए निर्भीक माहौल देने के लिए मिसाल बनें। यूजीसी के सचिव जसपाल एस सिंधू द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि सभी शिक्षा संस्थानों के छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे, गार्ड सुरक्षा आदि अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। इसके अलावा छात्र की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू की जाए। यह प्रक्रिया शिक्षकों के लिए भी अपनाई जाए। संस्थान का अपना हेल्पलाइन नंबर होना भी जरूरी बताया, ताकि किसी भी दुर्घटना पर छात्र फौरन सूचना दे सकें।
तिमाही, छमाही में अभिभावक-शिक्षक बैठक जरूरी
झांसी। यूजीसी द्वारा जारी पत्र में संस्थान में छात्रों के लिए काउंसिलिंग सेल गठित करने पर बल दिया गया है। वहीं, तिमाही, छमाही में अभिभावकों-शिक्षकों की बैठक कराने की अपील की है। परिसर में चिकित्सीय सुविधाएं, एटीएम, अग्नि सुरक्षा प्रणाली, टाउन हॉल आदि की स्थापना के साथ-साथ बैठकें, लेक्चर एवं लैंगिक हिंसा पर चर्चा के लिए खुला मंच होना जरूरी बताया।
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यूजीसी ने उच्चतर शैक्षिक संस्थानों से अपील की है कि वे अपने छात्रों को मानव निर्मित और प्राकृतिक रूप से होने वाले नुकसान से बचाएं व दुर्घटनाओं से सुरक्षा दें। इसके साथ ही इसको अध्यादेश में भी शामिल करें, जिससे शैक्षिक संस्थानों के परिसर सुरक्षा, दृढ़ता व शिक्षा के लिए निर्भीक माहौल देने के लिए मिसाल बनें। यूजीसी के सचिव जसपाल एस सिंधू द्वारा जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि सभी शिक्षा संस्थानों के छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे, गार्ड सुरक्षा आदि अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। इसके अलावा छात्र की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू की जाए। यह प्रक्रिया शिक्षकों के लिए भी अपनाई जाए। संस्थान का अपना हेल्पलाइन नंबर होना भी जरूरी बताया, ताकि किसी भी दुर्घटना पर छात्र फौरन सूचना दे सकें।
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तिमाही, छमाही में अभिभावक-शिक्षक बैठक जरूरी
झांसी। यूजीसी द्वारा जारी पत्र में संस्थान में छात्रों के लिए काउंसिलिंग सेल गठित करने पर बल दिया गया है। वहीं, तिमाही, छमाही में अभिभावकों-शिक्षकों की बैठक कराने की अपील की है। परिसर में चिकित्सीय सुविधाएं, एटीएम, अग्नि सुरक्षा प्रणाली, टाउन हॉल आदि की स्थापना के साथ-साथ बैठकें, लेक्चर एवं लैंगिक हिंसा पर चर्चा के लिए खुला मंच होना जरूरी बताया।
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