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77 लाख के घोटाले में सिंचाई विभाग के एक्सईएन समेत तीन निलंबित
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झांसी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता, कैशियर और खंडीय लेखाधिकारी को बिना एग्रीमेंट के 77.35 लाख का भुगतान करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर इन तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की भी सिफारिश कर दी गई है। शासन की इस कड़े एक्शन के बाद सिंचाई विभाग के अफसरों में खलबली मची है। इस घोटाले का खुलासा अमर उजाला ने ही जून माह में किया था।
बेतवा प्रखंड के तत्कालीन एक्सईएन संजय कुमार को पिछले सीजन में नहरों की सफाई, मरम्मत कार्य कराने के लिए भारी बजट दिया गया था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक एक्सईएन ने कैशियर अजीत कुमार एवं खंडीय लेखाधिकारी संतोष प्रजापति के साथ मिलकर बिना एग्रीमेंट किए सभी फर्मों के बीच करीब 77.35 लाख रुपये बांट दिए। एडवांस के नाम पर इन फार्मों को भारी-भरकम रकम दे दी गई। जबकि मौके पर कोई काम नहीं हुआ। इस घोटाले का सबसे पहले खुलासा अमर उजाला ने 12 जून के अंक में किया। मामले के उजागर होते ही महकमे में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में अधीक्षण अभियंता केबी लाल ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। जांच कमेटी ने भी अनियमितता की पुष्टि करते हुए पाया कि बिना एग्रीमेंट किए पूरा पैसा छह फार्मों में बांटा गया। जांच कमेटी ने अधिशासी अभियंता संजय कुमार, कैशियर अजीत कुमार एवं लेखाधिकारी संतोष प्रजापति की भूमिका संदिग्ध बताई। इसके बाद उपसचिव, उप्र शासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने प्रमुख अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन से आरोपी एक्सईएन संजय कुमार, अजीत कुमार एवं संतोष को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे दिए।
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बेतवा प्रखंड के तत्कालीन एक्सईएन संजय कुमार को पिछले सीजन में नहरों की सफाई, मरम्मत कार्य कराने के लिए भारी बजट दिया गया था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक एक्सईएन ने कैशियर अजीत कुमार एवं खंडीय लेखाधिकारी संतोष प्रजापति के साथ मिलकर बिना एग्रीमेंट किए सभी फर्मों के बीच करीब 77.35 लाख रुपये बांट दिए। एडवांस के नाम पर इन फार्मों को भारी-भरकम रकम दे दी गई। जबकि मौके पर कोई काम नहीं हुआ। इस घोटाले का सबसे पहले खुलासा अमर उजाला ने 12 जून के अंक में किया। मामले के उजागर होते ही महकमे में हड़कंप मच गया।
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आनन-फानन में अधीक्षण अभियंता केबी लाल ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। जांच कमेटी ने भी अनियमितता की पुष्टि करते हुए पाया कि बिना एग्रीमेंट किए पूरा पैसा छह फार्मों में बांटा गया। जांच कमेटी ने अधिशासी अभियंता संजय कुमार, कैशियर अजीत कुमार एवं लेखाधिकारी संतोष प्रजापति की भूमिका संदिग्ध बताई। इसके बाद उपसचिव, उप्र शासन अशोक कुमार श्रीवास्तव ने प्रमुख अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन से आरोपी एक्सईएन संजय कुमार, अजीत कुमार एवं संतोष को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे दिए।
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