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कोरोना काल में खपा दिया गया हजारों लीटर नकली सैनिटाइजर
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झांसी। कोरोना काल में जनपद में नकली सैनिटाइजर की खूब बिक्री हुई है। हजारों लीटर नकली सैनिटाइजर खपा दिया गया है। लोग नकली सैनिटाइजर अपने हाथों पर मलते रहे और जालसाजों ने अपनी जेबें खूब भरीं। इसकी पुष्टि औषधि प्रशासन विभाग के सैंपल से हुई है। इसके अलावा दर्द की दवा से लेकर ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन तक मानक पर खरे नहीं उतर पाए हैं।
कोरोना काल में न सिर्फ घर-घर में सैनिटाइजर खरीदकर लोगों ने रख लिया, बल्कि हर व्यक्ति अपने जेब में इसकी शीशी रखे रहा। कोरोना जब पीक पर था तो झांसी में प्रतिदिन पांच हजार लीटर से भी ज्यादा सैनिटाइजर की बिक्री हुईं। कई लोगों ने सैनिटाइजर बनाकर बेचना भी शुरू कर दिया। मौके का फायदा उठाकर जालसाज भी सक्रिय हो गए। सैनिटाइजर के नाम पर उन्होंने पानी मिलाकर तक बेचा। वहीं, कइयों ने नाम मात्र का अल्कोहल डाला। औषधि प्रशासन विभाग ने पहले भी नकली सैनिटाइजर के कई मामले पकड़े हैं। अब फिर से इसके सैंपल फेल हो गए हैं।
बताया गया कि औषधि प्रशासन विभाग ने कोरोना काल में 56 सैंपल लिए हैं। इसमें जालौन से 30, झांसी से 21 और ललितपुर से पांच सैंपल जांच के लिए भेजे गए। हाल ही में प्रयोगशाला ने जांच कर अपनी रिपोर्ट भेजी है। झांसी में एक और जालौन में तीन नमूने फेल मिले हैं। जालौन में इंस्टेंट हैंड सैनिटाइजर का नमूना फेल मिला है। इसमें एल्कोहल की मात्रा कम मिली है, जिसका मुख्य कार्य ही वायरस को खत्म करना होता है। साथ ही दर्द की जेल बीटाजेसिट का नमूना भी फेल मिला है। उल्टी की दवा स्टेमिन भी मानकों पर खरी नहीं उतर सकी है। वहीं, झांसी में ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन का नमूना फेल हो गया है। इसके न तो मानक पूरे मिले और न ही कहां बना और एक्सपायरी डेट क्या है, इसकी जानकारी थी।
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बीटाजेसिट जेल, स्टेमिन, इंस्टेंट हैंड सैनिटाइजर और ऑक्सीटोसिन के नमूने फेल हो गए हैं। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद अब इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - अतुल उपाध्याय, सहायक औषधि आयुक्त, औषधि प्रशासन विभाग।
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कोरोना काल में न सिर्फ घर-घर में सैनिटाइजर खरीदकर लोगों ने रख लिया, बल्कि हर व्यक्ति अपने जेब में इसकी शीशी रखे रहा। कोरोना जब पीक पर था तो झांसी में प्रतिदिन पांच हजार लीटर से भी ज्यादा सैनिटाइजर की बिक्री हुईं। कई लोगों ने सैनिटाइजर बनाकर बेचना भी शुरू कर दिया। मौके का फायदा उठाकर जालसाज भी सक्रिय हो गए। सैनिटाइजर के नाम पर उन्होंने पानी मिलाकर तक बेचा। वहीं, कइयों ने नाम मात्र का अल्कोहल डाला। औषधि प्रशासन विभाग ने पहले भी नकली सैनिटाइजर के कई मामले पकड़े हैं। अब फिर से इसके सैंपल फेल हो गए हैं।
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बताया गया कि औषधि प्रशासन विभाग ने कोरोना काल में 56 सैंपल लिए हैं। इसमें जालौन से 30, झांसी से 21 और ललितपुर से पांच सैंपल जांच के लिए भेजे गए। हाल ही में प्रयोगशाला ने जांच कर अपनी रिपोर्ट भेजी है। झांसी में एक और जालौन में तीन नमूने फेल मिले हैं। जालौन में इंस्टेंट हैंड सैनिटाइजर का नमूना फेल मिला है। इसमें एल्कोहल की मात्रा कम मिली है, जिसका मुख्य कार्य ही वायरस को खत्म करना होता है। साथ ही दर्द की जेल बीटाजेसिट का नमूना भी फेल मिला है। उल्टी की दवा स्टेमिन भी मानकों पर खरी नहीं उतर सकी है। वहीं, झांसी में ऑक्सीटोसिन के इंजेक्शन का नमूना फेल हो गया है। इसके न तो मानक पूरे मिले और न ही कहां बना और एक्सपायरी डेट क्या है, इसकी जानकारी थी।
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बीटाजेसिट जेल, स्टेमिन, इंस्टेंट हैंड सैनिटाइजर और ऑक्सीटोसिन के नमूने फेल हो गए हैं। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद अब इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - अतुल उपाध्याय, सहायक औषधि आयुक्त, औषधि प्रशासन विभाग।