{"_id":"63c2ed138e8d303ed94f573c","slug":"thousand-rupees-invest-but-only-one-rupees-made-parcha-jhansi-news-jhs2370095153-2023-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: एक रुपये का पर्चा, जांच कराने में हजारों का खर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: एक रुपये का पर्चा, जांच कराने में हजारों का खर्चा
विज्ञापन
झांसी। दूर दराज से मरीज नर्सिंगहोमों में बैठने वाले डॉक्टरों की मोटी फीस से बचने, नि:शुल्क दवा मिलने और रियायती दरों पर जांच होने की आस लेकर मेडिकल कॉलेज आते हैं। मगर यहां उनकी उम्मीदों को करारा झटका लग रहा है। इन दिनों सीटी स्कैन और एक्सरे मशीन खराब पड़ी हैं। सिर्फ सिर की एमआरआई जांच हो पा रही है। एक रुपये का पर्चा बनवाने के बाद रोगियों को हजारों रुपये खर्च करके निजी सेंटरों पर जांच करानी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना 20 मरीज एमआरआई की जांच कराने के लिए आते हैं। इसमें सिर, स्पाइन, घुटने और एड़ी की एमआरआई जांच होती है। इन दिनों मशीन के कुछ पार्ट्स खराब होने की वजह से सिर्फ सिर की एमआरआई जांच हो पा रही है। ऐसे में रोजाना 12 से 15 मरीजों को निजी सेंटरों पर जाकर जांच करानी पड़ रही है। वहीं, सीटी स्कैन मशीन भी पिछले सप्ताह से खराब चल रही है। इस वजह से रोजाना 60 से 70 मरीजों को पैसे खर्च करके बाहर से जांच करवानी पड़ रही है। वहीं, तीन महीने पहले ही इमरजेंसी में आई डिजिटल एक्सरे मशीन भी जवाब दे गई है। बताया गया कि इस मशीन से क्षमता से अधिक एक्सरे की जांच कराने की वजह से ये पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ी हुई है। ऐसे में रोगियों को जांच कराने के लिए ओपीडी बिल्डिंग तक की भागदौड़ करनी पड़ रही है। मगर वहां पर एक ही मशीन होने से मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है। ऐसे में मरीज फिर निजी सेंटर पर जाकर 250 रुपये खर्च करके जांच करवाते हैं।
ये है जांच के शुल्क में अंतर
जांच मेडिकल कॉलेज बाहर
एमआरआई 2000 6000
सीटी स्कैन 600 से 1000 4000
सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन काफी पुरानी हो चुकी हैं। वहीं, डिजिटल एक्सरे मशीन हल ही में खराब हुई है। तीनों ही मशीनें जल्द सुधर जाएंगी। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में रोजाना 20 मरीज एमआरआई की जांच कराने के लिए आते हैं। इसमें सिर, स्पाइन, घुटने और एड़ी की एमआरआई जांच होती है। इन दिनों मशीन के कुछ पार्ट्स खराब होने की वजह से सिर्फ सिर की एमआरआई जांच हो पा रही है। ऐसे में रोजाना 12 से 15 मरीजों को निजी सेंटरों पर जाकर जांच करानी पड़ रही है। वहीं, सीटी स्कैन मशीन भी पिछले सप्ताह से खराब चल रही है। इस वजह से रोजाना 60 से 70 मरीजों को पैसे खर्च करके बाहर से जांच करवानी पड़ रही है। वहीं, तीन महीने पहले ही इमरजेंसी में आई डिजिटल एक्सरे मशीन भी जवाब दे गई है। बताया गया कि इस मशीन से क्षमता से अधिक एक्सरे की जांच कराने की वजह से ये पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ी हुई है। ऐसे में रोगियों को जांच कराने के लिए ओपीडी बिल्डिंग तक की भागदौड़ करनी पड़ रही है। मगर वहां पर एक ही मशीन होने से मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है। ऐसे में मरीज फिर निजी सेंटर पर जाकर 250 रुपये खर्च करके जांच करवाते हैं।
विज्ञापन
ये है जांच के शुल्क में अंतर
जांच मेडिकल कॉलेज बाहर
एमआरआई 2000 6000
सीटी स्कैन 600 से 1000 4000
सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन काफी पुरानी हो चुकी हैं। वहीं, डिजिटल एक्सरे मशीन हल ही में खराब हुई है। तीनों ही मशीनें जल्द सुधर जाएंगी। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन