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आटो वालों ने बड़ा बाजार को किया बेजार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:51 AM IST
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बड़ा बाजार में आटो वालों की अराजकता सिर चढ़कर बोल रही है। लक्ष्मी गेट की ओर से प्रवेश करते ही सड़क पर आड़े-तिरछे सड़क घेरे खड़े आटो राह रोकते हैं। राहगीरों के साथ दुकानदार और कारोबारी परेशान हैं। इस तकलीफ की चिंता न तो नगर निगम को है और न ही ट्रैफिक और इलाकाई पुलिस को है।
बड़ा बाजार के आसपास आटो स्टैंड नहीं है। इस कारण बीच रोड पर ही आटो खड़े होते हैं। दिनभर जाम लगता है। बाकी कमी सड़क पर कब्जा करके लगी दुकानें पूरा कर रही हैं। वहां तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका तमाशबीन की रहती है। दिखावे के लिए कभीकभार डंडा फटकार देते हैं। एक ओर मानिक चौक है तो दूसरी ओर सुभाषगंज बाजार है। लक्ष्मी गेट की तरफ से आने वाले आटो रामलीला मैदान के पास जमावड़ा लगा लेते हैं। अक्सर दुकानदारों से झड़पें भी होती हैं।
कारोबारियों का दर्द
झगड़े पर उतारू रहते हैं
दुकान के पास आटो खड़ा कर देते हैं। ग्राहकों को आने में दिक्कत होती है। टोको को झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। बाजार में इन आटो वालों की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। कोई सुनने वाला नहीं है।
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दीपक, होजरी विक्रेता
दुकानदारी चौपट है
सवारी उतार कर मेरी दुकान के सामने ही आटो खडे़ कर देते हैं। टोकने पर कहते हैं कि स्टैंड नहीं है तो जहां जगह मिलेगी, वहां आटो खड़ा करेंगे। दुकानदारी चौपट है। अब इनसे कौन झगड़ा करे।
संजू, किराना व्यापारी
नगर निगम ने नहीं सुनता
आटो चालकों के आतंक की शिकायतें कई बार नगर निगम और पुलिस से कर चुके हैं। कोई समाधान नहीं हो सका। यहां तैनात पुलिसकर्मी भी इनकी मनमानी के आगे बेबस हो जाते हैं। आटो की संख्या बढ़ रही है, लेकिन इनके लिए स्टैंड नहीं बनाए गए।
राधे राय, अध्यक्ष बड़ा बाजार व्यापार मंडल
कार्रवाई करेंगे
आटो चालकों को सवारियां उतारने का स्थान निर्धारित है। ट्रैफिक में व्यवधान डालने वाले आटो चालकों पर कार्रवाई होती है। यातायात माह के बाद फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
सुभाष चंद्र यादव, यातायात उप निरीक्षक
आज से चलेगा अभियान
स्कूल के बच्चों को लाने वाले आटो को ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है। इधर-उधर की गलियों से आटो वहां आकर खड़े हो जाते हैं। शुक्रवार से बेतरतीब तरीके से आटो खड़े करने वाले चालकों पर कार्रवाई होगी।
आशीष मिश्रा, कोतवाली प्रभारी
बोले आटो चालक
आटो चालक प्रभूदयाल और सलीम ने का कहना कि अभी तक कहीं आटो स्टैंड तय नहीं किए गए हैं। इसलिए जहां सवारी मिलती है, वहां रोकना पड़ता है। कुछ जिद्दी आटो वाले सड़क घेर कर खड़े होते हैं और बदनाम सब हैं। कई बार नगर निगम से मांग की, लेकिन स्टैंड आज तक नहीं बना।
रजिस्ट्रेशन की थमी रफ्तार
नगर निगम में आटो रजिस्ट्रेशन के लिए अभी तक 1,500 आवेदन ही आए हैं, जबकि शहर में आठ हजार से अधिक आटो चल रहे हैं। आटो चालकों को स्टैंड और स्टापेज मुहैया कराने के लिए नगर निगम में 28 अगस्त को रजिस्ट्रेशन प्रारंभ हुए थे। 15 अक्टूबर को अंतिम तिथि थी। लाइसेंस प्रभारी जहीर अब्बासी ने बताया कि अब पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
शीघ्र ही बनेंगे स्टैंड
नगर आयुक्त बाहर गए हैं। उनके आते ही कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। आटो चालकों से रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा था। फिर स्टैंड और स्टापेज मुहैया करवाए जाएंगे। अभी पूरे रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो पाए हैं।
रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त
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बड़ा बाजार के आसपास आटो स्टैंड नहीं है। इस कारण बीच रोड पर ही आटो खड़े होते हैं। दिनभर जाम लगता है। बाकी कमी सड़क पर कब्जा करके लगी दुकानें पूरा कर रही हैं। वहां तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका तमाशबीन की रहती है। दिखावे के लिए कभीकभार डंडा फटकार देते हैं। एक ओर मानिक चौक है तो दूसरी ओर सुभाषगंज बाजार है। लक्ष्मी गेट की तरफ से आने वाले आटो रामलीला मैदान के पास जमावड़ा लगा लेते हैं। अक्सर दुकानदारों से झड़पें भी होती हैं।
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कारोबारियों का दर्द
झगड़े पर उतारू रहते हैं
दुकान के पास आटो खड़ा कर देते हैं। ग्राहकों को आने में दिक्कत होती है। टोको को झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। बाजार में इन आटो वालों की वजह से अक्सर जाम लग जाता है। कोई सुनने वाला नहीं है।
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दीपक, होजरी विक्रेता
दुकानदारी चौपट है
सवारी उतार कर मेरी दुकान के सामने ही आटो खडे़ कर देते हैं। टोकने पर कहते हैं कि स्टैंड नहीं है तो जहां जगह मिलेगी, वहां आटो खड़ा करेंगे। दुकानदारी चौपट है। अब इनसे कौन झगड़ा करे।
संजू, किराना व्यापारी
नगर निगम ने नहीं सुनता
आटो चालकों के आतंक की शिकायतें कई बार नगर निगम और पुलिस से कर चुके हैं। कोई समाधान नहीं हो सका। यहां तैनात पुलिसकर्मी भी इनकी मनमानी के आगे बेबस हो जाते हैं। आटो की संख्या बढ़ रही है, लेकिन इनके लिए स्टैंड नहीं बनाए गए।
राधे राय, अध्यक्ष बड़ा बाजार व्यापार मंडल
कार्रवाई करेंगे
आटो चालकों को सवारियां उतारने का स्थान निर्धारित है। ट्रैफिक में व्यवधान डालने वाले आटो चालकों पर कार्रवाई होती है। यातायात माह के बाद फिर से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
सुभाष चंद्र यादव, यातायात उप निरीक्षक
आज से चलेगा अभियान
स्कूल के बच्चों को लाने वाले आटो को ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है। इधर-उधर की गलियों से आटो वहां आकर खड़े हो जाते हैं। शुक्रवार से बेतरतीब तरीके से आटो खड़े करने वाले चालकों पर कार्रवाई होगी।
आशीष मिश्रा, कोतवाली प्रभारी
बोले आटो चालक
आटो चालक प्रभूदयाल और सलीम ने का कहना कि अभी तक कहीं आटो स्टैंड तय नहीं किए गए हैं। इसलिए जहां सवारी मिलती है, वहां रोकना पड़ता है। कुछ जिद्दी आटो वाले सड़क घेर कर खड़े होते हैं और बदनाम सब हैं। कई बार नगर निगम से मांग की, लेकिन स्टैंड आज तक नहीं बना।
रजिस्ट्रेशन की थमी रफ्तार
नगर निगम में आटो रजिस्ट्रेशन के लिए अभी तक 1,500 आवेदन ही आए हैं, जबकि शहर में आठ हजार से अधिक आटो चल रहे हैं। आटो चालकों को स्टैंड और स्टापेज मुहैया कराने के लिए नगर निगम में 28 अगस्त को रजिस्ट्रेशन प्रारंभ हुए थे। 15 अक्टूबर को अंतिम तिथि थी। लाइसेंस प्रभारी जहीर अब्बासी ने बताया कि अब पुलिस को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
शीघ्र ही बनेंगे स्टैंड
नगर आयुक्त बाहर गए हैं। उनके आते ही कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी। आटो चालकों से रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा था। फिर स्टैंड और स्टापेज मुहैया करवाए जाएंगे। अभी पूरे रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो पाए हैं।
रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त