{"_id":"674515f14811e12366073848","slug":"third-line-from-prayagraj-to-manikpur-gets-approval-travel-to-mumbai-will-become-easier-jhansi-news-c-11-bly1006-441000-2024-11-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: प्रयागराज से मानिकपुर तक तीसरी लाइन को मिली मंजूरी, आसान होगा मुंबई का सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: प्रयागराज से मानिकपुर तक तीसरी लाइन को मिली मंजूरी, आसान होगा मुंबई का सफर
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रयागराज से मुंबई का सफर और आसान होगा। देश के इस महत्वपूर्ण रेलमार्ग के प्रयागराज-मानिकपुर रेलखंड पर तीसरी लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस रेल खंड के साथ पीएम मोदी की कैबिनेट ने भुसावल-खंडवा के बीच तीसरी और चौथी एवं जलगांव-मनमाड के बीच चौथी लाइन निर्माण को भी मंजूरी दे दी है।
अगले चार वर्ष में यह काम पूरा हो जाएगा। इस रेल लाइन को बिछाए जाने के साथ ही प्रयागराज के लोहगरा और मदरहा के बीच एक रेल फ्लाईओवर का भी निर्माण होगा। इससे न सिर्फ प्रयागराज-मुंबई, बल्कि प्रयागराज-झांसी रेलमार्ग पर भी पहले के मुकाबले रेल संचालन और आसान हो जाएगा। इस रेलखंड पर लगातार बढ़ रही ट्रेनों की संख्या को देखते हुए लंबे समय से यहां तीसरी लाइन बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही थी।
फिलहाल मोदी कैबिनेट ने 84 किमी लंबे इस रेलखंड पर तीसरी लाइन बनाए जाने की मंजूरी दी है। बता दें कि प्रयागराज-पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलखंड पर भी तीसरी लाइन बनाए जाने का कार्य बीते एक वर्ष से चल रहा है। छिवकी से लिंक जंक्शन के बीच भी तीसरी लाइन बिछाई जानी है।
विज्ञापन
बता दें सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 7,927 करोड़ रुपये (लगभग) की कुल लागत वाली रेल मंत्रालय की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें प्रयागराज (इरादतगंज)– मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) का भी निर्माण शामिल है। 1507 करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य पूरा होगा। इस रेल लाइन के बनने के बाद जहां एक ओर अतिरिक्त लोडिंग की सुविधा हो जाएगी तो वहीं मालगाड़ियों के ठहराव समय को 141 मिनट से घटाकर 30 मिनट कर दिया जाएगा। साथ ही 534 गांवों के साथ तकरीबन आठ लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी की भी उपलब्धता होगी।
इसके अलावा मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। इससे नासिक के त्र्यंबकेश्वर, खंडवा के ओंकारेश्वर और वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ में ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी में धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा।
विज्ञापन
प्रयागराज। प्रयागराज से मुंबई का सफर और आसान होगा। देश के इस महत्वपूर्ण रेलमार्ग के प्रयागराज-मानिकपुर रेलखंड पर तीसरी लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस रेल खंड के साथ पीएम मोदी की कैबिनेट ने भुसावल-खंडवा के बीच तीसरी और चौथी एवं जलगांव-मनमाड के बीच चौथी लाइन निर्माण को भी मंजूरी दे दी है।
अगले चार वर्ष में यह काम पूरा हो जाएगा। इस रेल लाइन को बिछाए जाने के साथ ही प्रयागराज के लोहगरा और मदरहा के बीच एक रेल फ्लाईओवर का भी निर्माण होगा। इससे न सिर्फ प्रयागराज-मुंबई, बल्कि प्रयागराज-झांसी रेलमार्ग पर भी पहले के मुकाबले रेल संचालन और आसान हो जाएगा। इस रेलखंड पर लगातार बढ़ रही ट्रेनों की संख्या को देखते हुए लंबे समय से यहां तीसरी लाइन बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही थी।
विज्ञापन
फिलहाल मोदी कैबिनेट ने 84 किमी लंबे इस रेलखंड पर तीसरी लाइन बनाए जाने की मंजूरी दी है। बता दें कि प्रयागराज-पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलखंड पर भी तीसरी लाइन बनाए जाने का कार्य बीते एक वर्ष से चल रहा है। छिवकी से लिंक जंक्शन के बीच भी तीसरी लाइन बिछाई जानी है।
विज्ञापन
बता दें सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 7,927 करोड़ रुपये (लगभग) की कुल लागत वाली रेल मंत्रालय की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें प्रयागराज (इरादतगंज)– मानिकपुर तीसरी लाइन (84 किमी) का भी निर्माण शामिल है। 1507 करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य पूरा होगा। इस रेल लाइन के बनने के बाद जहां एक ओर अतिरिक्त लोडिंग की सुविधा हो जाएगी तो वहीं मालगाड़ियों के ठहराव समय को 141 मिनट से घटाकर 30 मिनट कर दिया जाएगा। साथ ही 534 गांवों के साथ तकरीबन आठ लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी की भी उपलब्धता होगी।
इसके अलावा मुंबई-प्रयागराज-वाराणसी मार्ग पर अतिरिक्त यात्री ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। इससे नासिक के त्र्यंबकेश्वर, खंडवा के ओंकारेश्वर और वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ में ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ प्रयागराज, चित्रकूट, गया और शिरडी में धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को लाभ होगा।