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आधी ट्रेनों में नहीं है सुरक्षा का इंतजाम

Fri, 27 Aug 2021 02:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 02:05 AM IST
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There is no security in half the trains
झांसी। ट्रेनों में दिन प्रतिदिन अपराध बढ़ते जा रहे हैं। सुरक्षा जवानों की कमी के कारण ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। वर्तमान में मंडल से प्रतिदिन 110 से अधिक सवारी ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें 32 ट्रेनों में जीआरपी व 30 ट्रेनों में आरपीएफ स्क्वॉड चलता है। बाकी ट्रेनों में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है।
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कोरोना काल में नियमित ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है। वर्तमान में 90 फीसदी से ज्यादा ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। झांसी से होकर दिल्ली, भोपाल, लखनऊ व इलाहाबाद रूट पर 24 घंटे में औसतन प्रतिदिन 110 से अधिक सवारी गाड़ियां गुजर रही हैं। मगर, रेलवे पचास फीसदी ट्रेनों में ही सुरक्षा के इंतजाम कर पा रहा है। हालांकि, रेलवे की दोनों सुरक्षा एजेंसी आरपीएफ व जीआरपी ने ट्रेन स्क्वॉड के लिए ट्रेनें बांट रखी हैं। शताब्दी एक्सप्रेस के अलावा रेल मंडल से रात के समय गुजरने वाली 30 प्रमुख ट्रेनों में सुरक्षा की दृष्टि से आरपीएफ ने स्क्वॉड तैनात करने का प्रावधान कर रखा है। इनमें से अधिकांश दक्षिण भारत की तरफ से आने - जाने वाली ट्रेनें हैं।
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इसी तरह जीआरपी को 48 ट्रेनें दी गई हैं। जीआरपी ने अनुभाग के अंतर्गत आने वाले झांसी, उरई, भीमसेन, ललितपुर, बांदा, महोबा व मानिकपुर थानों को ट्रेन स्क्वॉड के लिए बांट रखा है। जवानों की कमी के कारण जीआरपी भी 32 ट्रेनों में ही सुरक्षा दस्ता भेज पा रही है। इनमें झांसी थाने से अप और डाउन की बुंदेलखंड एक्सप्रेस, अप और डाउन की इंटरसिटी एक्सप्रेस, अप और डाउन की पुष्पक एक्सप्रेस, झांसी आगरा पैसेंजर, झांसी लखनऊ पैसेंजर, लखनऊ झांसी पैसेंजर, ललितपुर थाने से साबरमती एक्सप्रेस, सदर्न एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, लखनऊ चेन्नई एक्सप्रेस, भोपाल लखनऊ एक्सप्रेस में सुरक्षा दस्ता भेजा जा रहा है। इसी तरह कुछ अन्य ट्रेनों में उरई, भीमसेन, महोबा, बांदा थाने व कालपी तथा कर्वी चौकी से जवान भेजे जा रहे हैं।
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- पुष्पक व पटना इंदौर एक्सप्रेस की घटनाओं के बाद सभी ट्रेनों में स्क्वॅाड भेजना सुनिश्चित किया गया है। स्क्वॉड कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि ट्रेन किसी भी कारण से सेक्शन में खड़ी हो तुरंत नीचे उतरकर छानबीन करनी है। साथ ही कंट्रोल व डायल 100, 112 पर भी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जातेे हैं। रिक्त पदों के संबंध में प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है।

मोहम्मद इमरान, एसपी रेलवे ।
यह भी कारण
यह हालात जवानों की कमी के कारण बने हैं। दरअसल, आरपीएफ रिजर्व कंपनी के पास अभी 130 जवान हैं। एक स्क्वाएड में कम से कम एक हवलदार व तीन जवान चलते हैं। इसके अलावा वीआईपी मूवमेंट, वेतन सुरक्षा, बस रेड चेकिंग व अन्य बंदोबस्त ड्यूटी लगानी पड़ती है। अतिरिक्त व्यवस्थाओं के चक्कर में आरपीएफ को यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करना पड़ता है। अगर इन सभी ट्रेनों में स्क्वाएड चलाना है तो कम से कम 450 जवानों की आवश्यकता पड़ेगी। यही हाल जीआरपी का भी है।
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