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लिखने की आदत नहीं रही, अब परीक्षा में लिखा नहीं जा रहा

Fri, 25 Feb 2022 12:41 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 12:41 AM IST
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There is no habit of writing, now it is not being written in the exam
झांसी। कोर्ट ने भी विद्यार्थियों के ऑफलाइन परीक्षा पर मुहर लगा दी है। बोर्ड परीक्षाओं का समय नजदीक है। कुछ विद्यालयों में दसवीं और बारहवीं की प्री-बोर्ड परीक्षा प्रारंभ हो चुकी है। लेकिन विद्यार्थियों को परीक्षाओं में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई समय से कक्षाएं ऑनलाइन संचालित किए जाने के कारण विद्यार्थियों की लिखने की आदत लगभग छूट गई थी। लिखने की आदत छूट जाने से अब विद्यार्थियों को परीक्षा में प्रश्नपत्र हल करने में दिक्कत हो रही है। लिखावट बिगड़ना, प्रश्नों को समझ न पाना, लिखने में हाथ दर्द, एकाग्रचित न हो पाना जैसी समस्याओं से विद्यार्थी जूझ रहे हैं। वहीं विद्यार्थियों का कहना है कि अभी तो पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं हो पाया है और प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गईं।
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अभिभावकों से प्री-बोर्ड परीक्षा के पहले बात कर उनको यह बताया गया था कि बच्चों पर ध्यान दें। उनको मोबाइल से दूर रखें क्योंकि अब तो कक्षाएं भी ऑफलाइन हो रही हैं। इस समय स्वयं अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करें, उन्हें लिखने का प्रयास कराएं। - नितिन विलियम्स, ब्लू वेल्स स्कूल
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प्री-बोर्ड परीक्षा सिर्फ विद्यार्थियों को ही उनकी क्षमता का आंकलन कराने के लिए है, इसलिए विद्यार्थी अपने मन में किसी प्रकार का डर न रखें। मोबाइल को कम से कम इस्तेमाल करें, और किताबों से पढ़े। साथ ही लिखने का प्रयास रोज करें, अपनी लिखने की गति बढ़ाएं। - प्रीति खत्री, शीयरवुड स्कूल
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इतना सारा लिखने की आदत छूट गई है, तो लिखते लिखते हाथ दर्द होने लगते हैं। - अभय रावत,
पाठ्यक्रम ही पूरा नहीं हुआ अभी तो और प्रीबोर्ड परीक्षाएं शुरू करवा दी हैं। - इस्प्रीत सिंह
क्लॉस ऑनलाइन पढ़ी है लेकिन अब पेपर ऑफलाइन हो रहे हैं तो डर लग रहा है। - अनुकृति चौधरी
लिखने वक्त एकाग्रचित ही नहीं हो पा रहे, क्योंकि पढ़ा सब ऑनलाइन ही है। - अनुष्का गोस्वामी
सेमेस्टर वन ही दिसंबर में खत्म हुए थे और फरवरी में फिर से पेपर आ गए। - रिंकी वर्मा
टाइपिंग स्पीड अच्छी हो गई लेकिन हाथ से लिखने की आदत छूट गई। - महक कंचन
सेमेस्टर वन का रिजल्ट ही बहुत देर से आया, एक हफ्ते बाद प्री-बोर्ड शुरू हो गए। - शकलेंद्र खान
लिखने की स्पीड बहुत धीमी हो गई है, जिससे पेपर पूरा नहीं कर पा रहे हैं। - नुपुर कारनानी
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