{"_id":"6599bce05d219617f20e022a","slug":"there-is-a-lot-of-frost-paan-chandera-seller-has-turned-black-jhansi-news-c-11-1-jhs1019-239059-2024-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: खूब पड़ रहा पाला... काला पड़ गया पान चंदेरा वाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: खूब पड़ रहा पाला... काला पड़ गया पान चंदेरा वाला
विज्ञापन
जतारा (झांसी)। बनारस के बाद पूरे देश के लोगों की पसंद बना चंदेरा का पान पाला पड़ने से बदरंग हो रहा है। जिस पान के मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत आठ राज्यों के लोग शौकीन हैं, वह पान काला पड़ चुका है। बरेजे में लगे पान के पत्ते टूटकर गिर रहे हैं। इससे पान की खेती करने वालों को नुकसान हुआ है।
पिछले करीब दस दिनों से मौसम खराब है। भीषण सर्दी में पाले की मार फसलों पर पड़ रही है। पान भी इससे अछूता नहीं है। मध्यप्रदेश में जतारा तहसील क्षेत्र के चंदेरा में पाला पड़ने से 30 एकड़ में लगी पान की फसल कमजोर हो गई है। पाले ने पान को काला कर दिया है। चंदेरा के 25 से ज्यादा किसानों को पाले ने नुकसान पहुंचाया है। अखिल भारतीय पान चौरसिया समाज के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष एनडी चौरसिया ने बताया कि चंदेरा का पान बाहर की मंडियों में भेजा जाता है। मगर पिछले कई साल से पान पर मौसम की मार पड़ रही है। इस बार पाला पड़ने से फसल कमजोर हो गई है। गांव चंदेरा में हरप्रसाद चौरसिया, गोरेलाल चौरसिया, प्यारेलाल, श्यामलाल, मातादीन, कुंवरलाल, जानकी हर नारायण, सीताराम भज्जू, कैलाश, अंकित, घनश्याम, रामकिशन, रमेश, बालकिशन, प्रमोद, रामगोपाल अनंतराम चौरसिया के खेतों में लगा पान खराब होने लगा है।
पंजाब और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में जाता है पान
टीकमगढ़ जनपद के जतारा और चंदेरा में बड़े पैमाने पर पान की खेती होती है। यहां के किसानों के लिए आजीविका चलाने का एक मात्र जरिया भी यही है। यहां का पान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश समेत उत्तर प्रदेश के लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, बरेली, प्रयागराज, बांदा, सहारनपुर, मेरठ, चित्रकूट तक जाता है। ऐसा माना जाता है कि चंदेरा के देसी पान का स्वाद बेमिसाल होता है।
विज्ञापन
हड़ताल ने भी पान किसानों को दिया दर्द
पिछले दिनों हिट एंड रन कानून के विरोध में हुई ट्रक चालकों की हड़ताल ने भी पान किसानों को दर्द दिया। भारतीय चौरसिया समाज के अध्यक्ष संजीव चौरसिया बताते हैं कि हड़ताल के चलते ट्रकों का संचालन न होने से डोलियों में रखे पान सूखकर बेकार हो गए।
चंदेरा में 30 एकड़ से भी ज्यादा भूमि पर होती है पान की खेती
पचास से भी ज्यादा परिवार जुड़े हैं पान की खेती से
पान किसानों के लिए प्रतिवर्ष विभाग में योजना आती है। पान किसानों को 25 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। राजस्व विभाग द्वारा सर्वे कराकर फसलों की क्षतिपूर्ति का आकलन कराया जाएगा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। - धर्मेंद्र मौर्य, उद्यान अधिकारी, जतारा (मध्यप्रदेश)
किसानों ने जानकारी दी है। जल्द ही पान की खराब हुई फसल का सर्वे किया जाएगा। शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। - अजय झा, तहसीलदार, लिधौरा मध्यप्रदेश
विज्ञापन
पिछले करीब दस दिनों से मौसम खराब है। भीषण सर्दी में पाले की मार फसलों पर पड़ रही है। पान भी इससे अछूता नहीं है। मध्यप्रदेश में जतारा तहसील क्षेत्र के चंदेरा में पाला पड़ने से 30 एकड़ में लगी पान की फसल कमजोर हो गई है। पाले ने पान को काला कर दिया है। चंदेरा के 25 से ज्यादा किसानों को पाले ने नुकसान पहुंचाया है। अखिल भारतीय पान चौरसिया समाज के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष एनडी चौरसिया ने बताया कि चंदेरा का पान बाहर की मंडियों में भेजा जाता है। मगर पिछले कई साल से पान पर मौसम की मार पड़ रही है। इस बार पाला पड़ने से फसल कमजोर हो गई है। गांव चंदेरा में हरप्रसाद चौरसिया, गोरेलाल चौरसिया, प्यारेलाल, श्यामलाल, मातादीन, कुंवरलाल, जानकी हर नारायण, सीताराम भज्जू, कैलाश, अंकित, घनश्याम, रामकिशन, रमेश, बालकिशन, प्रमोद, रामगोपाल अनंतराम चौरसिया के खेतों में लगा पान खराब होने लगा है।
विज्ञापन
पंजाब और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में जाता है पान
टीकमगढ़ जनपद के जतारा और चंदेरा में बड़े पैमाने पर पान की खेती होती है। यहां के किसानों के लिए आजीविका चलाने का एक मात्र जरिया भी यही है। यहां का पान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश समेत उत्तर प्रदेश के लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, बरेली, प्रयागराज, बांदा, सहारनपुर, मेरठ, चित्रकूट तक जाता है। ऐसा माना जाता है कि चंदेरा के देसी पान का स्वाद बेमिसाल होता है।
विज्ञापन
हड़ताल ने भी पान किसानों को दिया दर्द
पिछले दिनों हिट एंड रन कानून के विरोध में हुई ट्रक चालकों की हड़ताल ने भी पान किसानों को दर्द दिया। भारतीय चौरसिया समाज के अध्यक्ष संजीव चौरसिया बताते हैं कि हड़ताल के चलते ट्रकों का संचालन न होने से डोलियों में रखे पान सूखकर बेकार हो गए।
चंदेरा में 30 एकड़ से भी ज्यादा भूमि पर होती है पान की खेती
पचास से भी ज्यादा परिवार जुड़े हैं पान की खेती से
पान किसानों के लिए प्रतिवर्ष विभाग में योजना आती है। पान किसानों को 25 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। राजस्व विभाग द्वारा सर्वे कराकर फसलों की क्षतिपूर्ति का आकलन कराया जाएगा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। - धर्मेंद्र मौर्य, उद्यान अधिकारी, जतारा (मध्यप्रदेश)
किसानों ने जानकारी दी है। जल्द ही पान की खराब हुई फसल का सर्वे किया जाएगा। शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। - अजय झा, तहसीलदार, लिधौरा मध्यप्रदेश