फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   There are still many nursing masters in safety standards

सुरक्षा मानकों से मुंह मोड़े हैं अभी भी कई नर्सिंगहोम संचालक

Sun, 06 Aug 2017 12:43 AM IST
amarujala
amarujala Updated Sun, 06 Aug 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
There are still many nursing masters in safety standards
hospital jhansi news - फोटो : demo
झांसी।
विज्ञापन

शनिवार को फायर ब्रिगेड टीम ने जांच तो पता लगा कि अभी भी कुछ निजी अस्पतालों में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। झोकनबाग स्थिति क्रिश्चियन अस्पताल में 17 अग्निशमन यंत्र लगे हैं, लेकिन इनकी मियाद बहुत पहले ही खत्म हो चुकी है। जाहिर है कि ये किसी के काम के नहीं हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ अस्पतालों में पर्याप्त अग्निशमन यंत्र नहीं हैं तो कहीं खराब पड़े हैं। फायर ब्रिगेड विभाग ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी करेगा।

‘अमर उजाला’ द्वारा अभियान चलाने के बाद फायर ब्रिगेड विभाग की टीम नर्सिंग होम में सुरक्षा इंतजामों की लगातार जांच कर रही है। शनिवार को भी टीम ने पांच अस्पतालों में मानकों की पड़ताल की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि सबसे पहली विभाग की टीम झोकनबाग स्थित जेडी हॉस्पिटल पहुंची। यहां चार सिलेंडर सही मिले। मानक अनुसार एक अग्निशमन यंत्र कम था। जय आनंद अस्पताल में पांच सिलेंडर एक्सपायर और चार सही मिला। यहां पानी की टंकी तो है, मगर पाइप लाइन नहीं मिली। स्वाती अस्पताल में दो लगे अग्निशमन यंत्र लगे मिले। डॉ. लोहिया नेत्र चिकित्सालय तीन सिलेंडर सही और एक एक्सपायर मिला। सबसे बुरा हाल क्रिश्चियन नर्सिंग होम में मिला। यहां सभी 17 अग्निशमन यंत्र एक्यपायर मिले। उन्होंने बताया कि 2014-15 से इन्हें बदलवाया नहीं गया है। जांच के दौरान जिन-जिन नर्सिंग होम में कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस दिए जाएंगे। इसके बाद फिर जांच की जाएगी। सुधार नहीं होने पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed