{"_id":"530e51d3d0339927ad519eae7f1a8f59","slug":"the-way-to-prevent-drought-in-the-district-udyanikrn-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूखे ने रोका जिले के उद्यानीकरण का रास्ता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूखे ने रोका जिले के उद्यानीकरण का रास्ता
ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
झांसी। आपदाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों की दशा में सुधार के लिए शुरू की गई उद्यानीकरण की योजना सूखा के चलते जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। सरकार द्वारा आर्थिक प्रोत्साहन दिए जाने के बाद भी किसान इसे नहीं अपना रहे हैं। स्थिति यह है कि जनपद में यह योजना लक्ष्य के सापेक्ष आधी दूरी भी तय नहीं कर पाई है।
बुंदेलखंड के किसान प्राकृतिक आपदा के शिकार हैं। कभी बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है, तो कभी सूखा अन्नदाताओं को बदहाली में धकेल जाता है। बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र के किसानों को इस स्थिति से उबारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ‘बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र में नवीन उद्यान रोपण योजना’ शुरू की गई है। इसके तहत किसानों को अपने खेत में अमरूद, किन्नू, आम, जामुन, बेर आदि के पौधे रोपने होंगे।
इस पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रति हेक्टेअर तीन हजार रुपये मासिक भुगतान किया जाएगा। किसान को यह धनराशि तीन साल तक दी जाएगी। इसके तहत प्रदेश सरकार ने जिले को पहले ढाई सौ हेक्टेअर का लक्ष्य दिया था। अब यह बढ़ाकर पांच सौ एकड़ कर दिया गया है। लेकिन, जनपद में अब तक किसानों ने 106 हेक्टेअर भूमि में ही उक्त योजना को आत्मसात किया है। इसमें सबसे बढ़ी बाधा सूखा बन रहा है।
विज्ञापन
किसान नेता जवाहर राजपूत के अनुसार सूखे से मिट्टी में नमी नहीं बची है। ऐसे में उक्त पौधों को पनपने के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता होगी, जो देना संभव नहीं है। यह वजह है कि किसानों में उक्त योजना के प्रति विशेष रुझान नहीं है।
‘उक्त योजना किसानों के लिए भविष्य में लाभदायक साबित होगी। हालांकि, सूखे की वजह से किसान इसे अपनाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभाग किसानों को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।’
- डॉ. डीएस यादव, अधीक्षक- राजकीय उद्यान
बीज के लिए 20 हजार का अनुदान
झांसी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को बीज के लिए बीस हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। योजना के तहत किसानों को लौकी, तुरई, करेला व खीरा की खेती करनी होगी। योजना के तहत जनपद को 30 हेक्टेअर लक्ष्य दिया गया है। रजिस्ट्रेशन 25 फरवरी तक किए जाएंगे।
विज्ञापन
बुंदेलखंड के किसान प्राकृतिक आपदा के शिकार हैं। कभी बारिश उनकी मेहनत पर पानी फेर देती है, तो कभी सूखा अन्नदाताओं को बदहाली में धकेल जाता है। बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्र के किसानों को इस स्थिति से उबारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ‘बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र में नवीन उद्यान रोपण योजना’ शुरू की गई है। इसके तहत किसानों को अपने खेत में अमरूद, किन्नू, आम, जामुन, बेर आदि के पौधे रोपने होंगे।
विज्ञापन
इस पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रति हेक्टेअर तीन हजार रुपये मासिक भुगतान किया जाएगा। किसान को यह धनराशि तीन साल तक दी जाएगी। इसके तहत प्रदेश सरकार ने जिले को पहले ढाई सौ हेक्टेअर का लक्ष्य दिया था। अब यह बढ़ाकर पांच सौ एकड़ कर दिया गया है। लेकिन, जनपद में अब तक किसानों ने 106 हेक्टेअर भूमि में ही उक्त योजना को आत्मसात किया है। इसमें सबसे बढ़ी बाधा सूखा बन रहा है।
विज्ञापन
किसान नेता जवाहर राजपूत के अनुसार सूखे से मिट्टी में नमी नहीं बची है। ऐसे में उक्त पौधों को पनपने के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता होगी, जो देना संभव नहीं है। यह वजह है कि किसानों में उक्त योजना के प्रति विशेष रुझान नहीं है।
‘उक्त योजना किसानों के लिए भविष्य में लाभदायक साबित होगी। हालांकि, सूखे की वजह से किसान इसे अपनाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभाग किसानों को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।’
- डॉ. डीएस यादव, अधीक्षक- राजकीय उद्यान
बीज के लिए 20 हजार का अनुदान
झांसी। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किसानों को बीज के लिए बीस हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। योजना के तहत किसानों को लौकी, तुरई, करेला व खीरा की खेती करनी होगी। योजना के तहत जनपद को 30 हेक्टेअर लक्ष्य दिया गया है। रजिस्ट्रेशन 25 फरवरी तक किए जाएंगे।