फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The way to establish an eye bank will be clear as soon as permission is received.

Jhansi News: अनुमति मिलते ही साफ हो जाएगा नेत्र बैंक बनने का रास्ता

Mon, 13 Jul 2026 02:53 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Mon, 13 Jul 2026 02:53 AM IST
विज्ञापन
The way to establish an eye bank will be clear as soon as permission is received.
- शासन को भेजे एनएबीएच व हॉस्पिटल रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज, कॉर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा होगी आसान
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी मेडिकल कॉलेज में जल्द नेत्र बैंक बनने का वर्षों पुराना सपना साकार होगा। शासन ने अंतिम औपचारिकताओं के तहत अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नंबर और एनएबीएच प्रमाण-पत्र मांगा था। जिसे कॉलेज प्रशासन ने भेज दिया है। अब अनुमति पत्र जारी होने के बाद नेत्र बैंक की स्थापना का रास्ता साफ हो जाएगा।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार वर्ष 2012 से मेडिकल कॉलेज में नेत्र बैंक स्थापित कराने के प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए आवश्यक उपकरणों की सूची और लागत का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। करीब छह माह पहले मानव अंग व ऊतक प्रत्यारोपण नियम-2014 के तहत पंजीकरण के लिए शासन की टीम ने निरीक्षण कराया था। टीम में शामिल राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन के नेत्र रोग विभाग के आचार्य डॉ. राजनाथ सिंह कुशवाहा और स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एटा की सहायक आचार्य डॉ. अंजू सिंह ने नेत्र बैंक के पक्ष में रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। इसके बाद पिछले महीने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करने का अनुरोध शासन को भेजा। मुख्यालय ने औपचारिक प्रक्रिया के तहत अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नंबर और एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स) प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के लिए कहा। जिसे भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आधारभूत सुविधाओं से लेकर सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
विज्ञापन

:::::::::::::::::
नेत्र बैंक बनने से होंगे यह फायदे
कॉर्निया दान सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जा सकेगा।
कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए दूसरे शहरों नहीं जाना होगा।
नेत्रदान के बाद ऊतक का शीघ्र उपयोग संभव होगा।
बुंदेलखंड के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिलेगी।

नेत्र बैंक की स्थापना की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शासन से अनुमति मिलते ही इसे शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी जाएगी। डॉ. जितेंद्र कुमार, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed