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बच्चों के विवाद पर वर्चस्व की जंग में हुई हत्या
ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:34 AM IST
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झांसी। बच्चों के विवाद के बाद वर्चस्व की जंग में शनिवार की रात मसीहागंज में रामकिशन अहिरवार की हत्या की गई थी। यह खुलासा रविवार को एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने हत्या के 16 घंटे में पकड़े गए तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद किया है।
सीपरी बाजार थानांतर्गत मैला की टौरिया मसीहागंज में बच्चों के विवाद के बाद शनिवार की रात करीब साढ़े दस बजे अपना वर्चस्व दिखाने को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें दोनों तरफ से करीब आधा घंटे पथराव और फायरिंग हुई। संघर्ष के दौरान गोली लगने से रामकिशन (42) की मौत हो गई। इस मामले में उर्मिला देवी ने देर रात रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका पति रामकिशन, देवर वीर बहादुर, पुत्र कोमल, भतीजा राजू व मनीष पड़ोसी शिवकुमार के घर के बाहर बैठे थे। तभी मोहल्ले के अखिलेश रजक, केशव रजक पुत्रगण नौमीलाल और मुकेश पुत्र दीनदयाल अहिरवार आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट करते हुए तमंचों से फायर किए। अखिलेश ने गोली चलाई, जिसमें उसके पति की मौत हो गई।
एसएसपी के आदेश पर सीपरी बाजार थानाध्यक्ष ने टीम के साथ संभावित स्थानों पर दबिश दी। रविवार की दोपहर टीम ने फिल्टर चौराहा से हत्यारोपी अखिलेश, केशव और मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। अखिलेश के पास से एक तमंचा व कारतूस, मुकेश के पास से तमंचा व कारतूस का खोखा बरामद हुआ। पूछताछ में उन्होंने बताया कि मोहल्ले में अपने वर्चस्व को कायम रखने के लिए रामकिशन की हत्या की है।
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पुलिस टीम को पांच हजार का पुरस्कार
रामकिशन हत्याकांड के खुलासे व हत्यारोपियों की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने सीपरी बाजार थानाध्यक्ष कामता प्रसाद, उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह व पुत्तन लाल प्रजापति की टीमों को पांच हजार रुपये से पुरस्कृत किया है।
रिमांड पर लेकर की जाएगी पूछताछ
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार तीनों हत्यारोपियों को कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उनके रिकार्ड से जाहिर होता है कि वह कई और वारदातों में लिप्त रहे हैं। यही नहीं तीनों के शरणदाताओं के बारे में भी पता किया जाएगा।
एक माह पहले जेल से बाहर आया था मारा गया रामकिशन
एसएसपी के अनुसार मृतक रामकिशन अहिरवार भी अपराधी प्रवृत्ति का था। वह करीब एक माह पहले ही जेल से छूटकर आया था। उसके खिलाफ भी कई मामले पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं। इसकी वजह से दोनों गुटों के बीच वर्चस्व का विवाद चल रहा था।
हत्या, लूट व डकैती के 14 मामले दर्ज
पकड़े गए अखिलेश के खिलाफ सीपरी बाजार, कोतवाली, नवाबाद, प्रेमनगर, शिवपुरी व दतिया में लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के करीब 14 मुकदमे दर्ज हैं।
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सीपरी बाजार थानांतर्गत मैला की टौरिया मसीहागंज में बच्चों के विवाद के बाद शनिवार की रात करीब साढ़े दस बजे अपना वर्चस्व दिखाने को लेकर दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें दोनों तरफ से करीब आधा घंटे पथराव और फायरिंग हुई। संघर्ष के दौरान गोली लगने से रामकिशन (42) की मौत हो गई। इस मामले में उर्मिला देवी ने देर रात रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका पति रामकिशन, देवर वीर बहादुर, पुत्र कोमल, भतीजा राजू व मनीष पड़ोसी शिवकुमार के घर के बाहर बैठे थे। तभी मोहल्ले के अखिलेश रजक, केशव रजक पुत्रगण नौमीलाल और मुकेश पुत्र दीनदयाल अहिरवार आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट करते हुए तमंचों से फायर किए। अखिलेश ने गोली चलाई, जिसमें उसके पति की मौत हो गई।
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एसएसपी के आदेश पर सीपरी बाजार थानाध्यक्ष ने टीम के साथ संभावित स्थानों पर दबिश दी। रविवार की दोपहर टीम ने फिल्टर चौराहा से हत्यारोपी अखिलेश, केशव और मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। अखिलेश के पास से एक तमंचा व कारतूस, मुकेश के पास से तमंचा व कारतूस का खोखा बरामद हुआ। पूछताछ में उन्होंने बताया कि मोहल्ले में अपने वर्चस्व को कायम रखने के लिए रामकिशन की हत्या की है।
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पुलिस टीम को पांच हजार का पुरस्कार
रामकिशन हत्याकांड के खुलासे व हत्यारोपियों की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने सीपरी बाजार थानाध्यक्ष कामता प्रसाद, उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह व पुत्तन लाल प्रजापति की टीमों को पांच हजार रुपये से पुरस्कृत किया है।
रिमांड पर लेकर की जाएगी पूछताछ
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार तीनों हत्यारोपियों को कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। उनके रिकार्ड से जाहिर होता है कि वह कई और वारदातों में लिप्त रहे हैं। यही नहीं तीनों के शरणदाताओं के बारे में भी पता किया जाएगा।
एक माह पहले जेल से बाहर आया था मारा गया रामकिशन
एसएसपी के अनुसार मृतक रामकिशन अहिरवार भी अपराधी प्रवृत्ति का था। वह करीब एक माह पहले ही जेल से छूटकर आया था। उसके खिलाफ भी कई मामले पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं। इसकी वजह से दोनों गुटों के बीच वर्चस्व का विवाद चल रहा था।
हत्या, लूट व डकैती के 14 मामले दर्ज
पकड़े गए अखिलेश के खिलाफ सीपरी बाजार, कोतवाली, नवाबाद, प्रेमनगर, शिवपुरी व दतिया में लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराधों के करीब 14 मुकदमे दर्ज हैं।