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Jhansi News: ‘भगवान शिव से शुरू हुई योग की परंपरा, ऋषि मुनियों ने दुनिया तक पहुंचाया
Mon, 22 Jun 2026 02:29 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Mon, 22 Jun 2026 02:29 AM IST
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झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग की परंपरा आदियोगी भगवान शिव से शुरू हुई। ऋषि-मुनियों ने इसे पूरी दुनिया तक पहुंचाया। एक समय ऐसा भी आया, जब हम अपनी विरासत को भूल गए थे लेकिन प्रधानमंत्री के प्रयासों से भारत फिर अपनी सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व का अनुभव कर रहा है। वह रविवार को किले के मैदान पर आयोजित योग शिविर को संबोधित कर रहे थे।
सीएम योगी ने कहा कि 21 जून अहम तिथि हैं। इस दिन सबसे अधिक समय तक सूर्य का सानिध्य प्राप्त होता है। ऋषी परंपरा के अनुसार हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाकर जीवन जीना है। जिस प्राणी, वनस्पति को जितना अधिक सूर्य का सानिध्य मिलता है, उतना वह बड़ा होता और तेज होता है। क्षमतावान भी बनता है। सूर्य हमारी जीवंतता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि साल में दो बार मां भगवती के अनुष्ठान का कार्यक्रम होता है। पहला सर्दी घटते और गर्मी बढ़ने के मध्य काल में बसंत नवरात्रि और दूसरी गर्मी का सीजन खत्म होने और ठंडक बढ़ने के काल में शारदीय नवरात्रि होता है। ये मध्य काल ऊर्जा का काल होता है। उस ऊर्जा को अंत:करण में धारण करें। बोले कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मस्तिष्क का विद्यार्थी ही अपने जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। स्वस्थ शिक्षक ही अपने छात्रों को संस्कारित, स्वस्थ किसान ही खेती में लोगों के लिए प्रेरणा देता है। इसी तरह, स्वस्थ वैज्ञानिक ही भारत को नए-नए अनुसंधान दे पाएगा। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार बन सकता है।
योग के रंग में रंगा झांसी, निरोगी जीवन का मंत्र दे गए योगी
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को झांसी योग के रंग में रंगा नजर आए। रानी लक्ष्मीबाई के ऐतिहासिक किले की तलहटी पर स्थित मैदान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग करने के साथ ही पूरे प्रदेश को निरोगी जीवन का मंत्र दे गए।
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सीएम योगी ने कहा कि 21 जून अहम तिथि हैं। इस दिन सबसे अधिक समय तक सूर्य का सानिध्य प्राप्त होता है। ऋषी परंपरा के अनुसार हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाकर जीवन जीना है। जिस प्राणी, वनस्पति को जितना अधिक सूर्य का सानिध्य मिलता है, उतना वह बड़ा होता और तेज होता है। क्षमतावान भी बनता है। सूर्य हमारी जीवंतता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि साल में दो बार मां भगवती के अनुष्ठान का कार्यक्रम होता है। पहला सर्दी घटते और गर्मी बढ़ने के मध्य काल में बसंत नवरात्रि और दूसरी गर्मी का सीजन खत्म होने और ठंडक बढ़ने के काल में शारदीय नवरात्रि होता है। ये मध्य काल ऊर्जा का काल होता है। उस ऊर्जा को अंत:करण में धारण करें। बोले कि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मस्तिष्क का विद्यार्थी ही अपने जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। स्वस्थ शिक्षक ही अपने छात्रों को संस्कारित, स्वस्थ किसान ही खेती में लोगों के लिए प्रेरणा देता है। इसी तरह, स्वस्थ वैज्ञानिक ही भारत को नए-नए अनुसंधान दे पाएगा। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार बन सकता है।
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योग के रंग में रंगा झांसी, निरोगी जीवन का मंत्र दे गए योगी
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को झांसी योग के रंग में रंगा नजर आए। रानी लक्ष्मीबाई के ऐतिहासिक किले की तलहटी पर स्थित मैदान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग करने के साथ ही पूरे प्रदेश को निरोगी जीवन का मंत्र दे गए।
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