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महानगर की स्वच्छता परखने दिल्ली से आएगी टीम
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झांसी। स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 शुरू होने वाला है। महानगर की सफाई की जमीनी व्यवस्था परखने को अगले माह दिल्ली से केंद्रीय टीम यहां पहुंचेगी। इसकी रिपोर्ट का शहर की रैकिंग पर प्रभाव पड़ेगा।
पहले झांसी देश के साफ-सुथरे शहरों में 18वें स्थान पर था। अब नया सर्वेक्षण मार्च से होना है। इस बार 7500 अंकों पर शहरों की सफाई व्यवस्था परखी जाएगी। पिछले वर्ष इसके लिए 6000 अंक ही तय थे। नागरिकों को सुविधाएं मुहैया कराने के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इसके लिए तीन हजार अंक तय किए गए हैं। इसमें प्लास्टिक, पॉलीथिन पर प्रतिबंध, गीला-सूखा कूड़ा अलग करने का तरीका, अलग-अलग कूड़ा उठाने की व्यवस्था, कूड़े का बेहतर निस्तारण एवं सीवरेज की सफाई जैसे बिंदू शामिल किए गए हैं। पिछले वर्ष नगर निगम को महज 4389.49 अंकों से ही संतोष करना पड़ा था। इस बार अंबिकापुर जैसे छोटे शहरों से मुकाबला है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि निगम प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव परखेगी टीम
केंद्रीय टीम यहां सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव को परखेगी। सफाई के अलावा उपयोग के आधार पर इनका मूल्यांकन होगा। पिंक टॉयलेट के लिए अलग से अंक दिए जाएंगे। यहां बीकेडी चौराहे के पास पिंक टॉयलेट बना है लेकिन, अकसर इसमें ताला लटकता मिलता है।
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फीडबैक श्रेणी में बढ़े 450 अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर नंबर बढ़ाए गए हैं। इसमें पिछली बार के मुकाबले 450 अंकों की बढ़ोत्तरी की गई है। सफाई से संतुष्ट न रहने पर नागरिक अगर नाराज हुए तब इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
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पहले झांसी देश के साफ-सुथरे शहरों में 18वें स्थान पर था। अब नया सर्वेक्षण मार्च से होना है। इस बार 7500 अंकों पर शहरों की सफाई व्यवस्था परखी जाएगी। पिछले वर्ष इसके लिए 6000 अंक ही तय थे। नागरिकों को सुविधाएं मुहैया कराने के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इसके लिए तीन हजार अंक तय किए गए हैं। इसमें प्लास्टिक, पॉलीथिन पर प्रतिबंध, गीला-सूखा कूड़ा अलग करने का तरीका, अलग-अलग कूड़ा उठाने की व्यवस्था, कूड़े का बेहतर निस्तारण एवं सीवरेज की सफाई जैसे बिंदू शामिल किए गए हैं। पिछले वर्ष नगर निगम को महज 4389.49 अंकों से ही संतोष करना पड़ा था। इस बार अंबिकापुर जैसे छोटे शहरों से मुकाबला है। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम का कहना है कि निगम प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
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सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव परखेगी टीम
केंद्रीय टीम यहां सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव को परखेगी। सफाई के अलावा उपयोग के आधार पर इनका मूल्यांकन होगा। पिंक टॉयलेट के लिए अलग से अंक दिए जाएंगे। यहां बीकेडी चौराहे के पास पिंक टॉयलेट बना है लेकिन, अकसर इसमें ताला लटकता मिलता है।
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फीडबैक श्रेणी में बढ़े 450 अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर नंबर बढ़ाए गए हैं। इसमें पिछली बार के मुकाबले 450 अंकों की बढ़ोत्तरी की गई है। सफाई से संतुष्ट न रहने पर नागरिक अगर नाराज हुए तब इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।