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जलसंस्थान का स्टोर प्रभारी स्वयंभू बनकर करता था काम
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झांसी। जलसंस्थान ललितपुर का स्टोर प्रभारी स्वयंभू बनकर काम करता था। उसे न तो किसी आदेश की जरूरत पड़ती थी और न ही वह किसी का आदेश मानता था। वह स्वयंभू स्टोर मालिक की तरह काम करता था। स्टोर में कोई भी सामग्री लाना हो या कोई भी सामग्री किसी अवर अभियंता को देनी हो, इसकी जानकारी अधिशासी अभियंता को देने की जरूरत स्टोर प्रभारी को नहीं थी। जांच रिपोर्ट में स्टोर प्रभारी के खिलाफ स्टोर की सामग्री का परीक्षण कराने और तकनीकी जांच, नाप तौल और माल की गुणवत्ता की जांच कराने की सिफारिश की गई है।
मंडलायुक्त के आदेश पर हुई जांच में ललितपुर के स्टोर प्रभारी के कई कारनामे उजागर हुए हैं। इसमें बताया गया है कि वह इस तरह से काम करता था जैसे विभाग का कोई बड़ा अफसर हो।
उसे मुख्यालय से सामग्री मंगाने के लिए अथवा स्टोर से कोई सामग्री देने के लिए किसी अधिकारी को बताने की जरूरत महसूस नहीं होती थी, बल्कि मुख्यालय से कोई सामग्री लाने और अवर अभियंताओं को कोई भी सामग्री सीधे जारी कर देता था। अधिशासी अभियंता को न बताना उसकी कार्यप्रणाली में शामिल था। अधिशासी अभियंता इसको लेकर विभाग के उच्चाधिकारी को पत्र भी लिख चुके थे, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ा। स्टोर प्रभारी 2017 में निलंबित हो चुका था, लेकिन फिर काम पर लौट आया।
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जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टोर प्रभारी की कार्यशैली मनमानी है। ब्लाचिंग पाउडर की आपूर्ति, अभिलेखों में अनियमितताएं हैं। इसलिए सामग्री की सप्लाई की तकनीकी और गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
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मंडलायुक्त के आदेश पर हुई जांच में ललितपुर के स्टोर प्रभारी के कई कारनामे उजागर हुए हैं। इसमें बताया गया है कि वह इस तरह से काम करता था जैसे विभाग का कोई बड़ा अफसर हो।
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उसे मुख्यालय से सामग्री मंगाने के लिए अथवा स्टोर से कोई सामग्री देने के लिए किसी अधिकारी को बताने की जरूरत महसूस नहीं होती थी, बल्कि मुख्यालय से कोई सामग्री लाने और अवर अभियंताओं को कोई भी सामग्री सीधे जारी कर देता था। अधिशासी अभियंता को न बताना उसकी कार्यप्रणाली में शामिल था। अधिशासी अभियंता इसको लेकर विभाग के उच्चाधिकारी को पत्र भी लिख चुके थे, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली पर कोई असर नहीं पड़ा। स्टोर प्रभारी 2017 में निलंबित हो चुका था, लेकिन फिर काम पर लौट आया।
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जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टोर प्रभारी की कार्यशैली मनमानी है। ब्लाचिंग पाउडर की आपूर्ति, अभिलेखों में अनियमितताएं हैं। इसलिए सामग्री की सप्लाई की तकनीकी और गुणवत्ता की जांच कराई जाए।