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Jhansi News: धुआं रोकने की मशीन को ही लग गई धूल, पांच साल से बंद

Sat, 03 Oct 2026 02:25 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Sat, 03 Oct 2026 02:25 AM IST
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The smoke-control machine itself has gathered dust; it has been out of operation for five years.
झांसी। श्याम चौपड़ा मुक्तिधाम में चिताओं से निकलने वाले धुएं और धूल के कणों को रोकने के लिए लगाई गई मशीन अब खुद धूल फांक रही है। नगर निगम ने करीब पांच साल पहले 50 लाख रुपये से अधिक खर्च कर साइक्लोन सेपरेटर लगाया था। इसके लिए बिजली कनेक्शन भी लिया गया, लेकिन मशीन चलाने के लिए कर्मचारी की नियमित तैनाती नहीं की गई।
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नतीजा यह है कि प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए लगाई गई व्यवस्था लंबे समय से बंद पड़ी है और चिता जलने पर धुआं आसपास के क्षेत्र में फैलता रहता है। बता दें कि श्याम चौपड़ा मुक्तिधाम में रोजाना औसतन दो से तीन शवों का दहन होता है। एक शव के दहन में करीब 400 से 500 किलो लकड़ी आदि इस्तेमाल होने की बात बताई गई है। लकड़ी जलने से धुएं के साथ पार्टिकुलेट मैटर-10 और पीएम-2.5 जैसे कण निकलते हैं। मुक्तिधाम के आसपास आवासीय क्षेत्र भी है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनकैप) के तहत यहां साइक्लोन सेपरेटर लगाया गया था।
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बिजली कनेक्शन भी लिया, कर्मचारी नहीं लगाया
नगर निगम ने मशीन की स्थापना के साथ उसके संचालन के लिए लोड के अनुसार विद्युत कनेक्शन भी लिया था। लेकिन मशीन लगने के बाद से ही इसके नियमित संचालन के लिए नगर निगम की ओर से कर्मचारी तैनात नहीं किया गया।
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मुक्तिधाम सेवा समिति की ओर से शुरुआत में एक कर्मचारी ने कुछ दिन मशीन चलाई थी, लेकिन बाद में संचालन बंद हो गया। इसके बाद से मशीन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। यानी जिस उपकरण पर प्रदूषण कम करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए, उसकी उपयोगिता ही खत्म हो गई।

चिता जलती है, धुआं फैलता है
साइक्लोन सेपरेटर बंद होने की वजह से शव दहन के दौरान निकलने वाले धुएं और कणों को नियंत्रित करने की व्यवस्था काम नहीं कर रही है। चिता जलने के दौरान धुआं आसपास के वातावरण में फैलता है। मुक्तिधाम के आसपास आवासीय क्षेत्र होने से लोगों के लिए यह परेशानी का कारण बनता है।

संचालन के लिए नगर आयुक्त को पत्र
मुक्तिधाम सेवा समिति के सदस्यों ने हाल ही में नगर आयुक्त को पत्र देकर साइक्लोन सेपरेटर के संचालन के लिए कर्मचारी तैनात करने की मांग की है। समिति का कहना है कि मशीन का संचालन शुरू होने से शव दहन के दौरान निकलने वाले धुएं और कणों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। पत्र देने के बावजूद अब तक कर्मचारी की तैनाती नहीं हुई है।

ऐसे काम करता है साइक्लोन सेपरेटर
साइक्लोन सेपरेटर हवा या गैस के प्रवाह से धूल और ठोस कणों को अलग करने वाला यांत्रिक उपकरण है। इसमें दूषित हवा को तेज घुमावदार गति से अंदर भेजा जाता है। इससे अपेक्षाकृत भारी कण उपकरण की दीवार की ओर चले जाते हैं और नीचे जमा हो जाते हैं, जबकि अपेक्षाकृत साफ हवा ऊपर से बाहर निकलती है। मुक्तिधाम में इसे शव दहन से निकलने वाले कणों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लगाया गया था।
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संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी जाएगी। अगर साइक्लोन सेपरेटर को चलाने के लिए कर्मचारी की तैनाती की आवश्यकता है तो उच्चाधिकारियों से वार्ता कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - राहुल कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम

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साइक्लोन सेपरेटर के निर्माण में 50 लाख रुपये से अधिक खर्च हुए हैं, लेकिन जब से यह लगा है, तब से ही बंद पड़ा है। कुछ दिन पहले नगर आयुक्त को पत्र देकर इसके संचालन के लिए कर्मचारी तैनात करने की मांग की गई थी। - विकास खत्री, सचिव, श्याम चौपड़ा मुक्तिधाम समिति
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