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Jhansi News: हवाई हमला होते ही बज उठा सायरन, बचाव को दौड़ पड़ीं रेस्पांस टीमें
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुधवार शाम करीब 4:20 बजे अचानक पुलिस लाइन में आकाश से आग के गोले गिरने लगे। गोले गिरते ही आग लग गई। इसके तुरंत बाद सायरन बज उठा। आवाज सुनकर दमकल गाड़ियों समेत रेस्पांस टीम सक्रिय हो गईं। थोड़ी देर में दमकल गाड़ियां पहुंच गईं। बचाव कार्य आंरभ हो गया।
यह दृश्य मॉक डि्रल का था। गृह मंत्रालय के निर्देश पर बुधवार शाम पुलिस लाइन में आपात स्थितियों में बचाव कार्य का प्रदर्शन हुआ। करीब चालीस मिनट के बीच हवाई हमले के साथ आगजनी एवं घायलों के बचाव करते हुए अस्पताल पहुंचाने का तरीका बताया गया। सिविल डिफेंस की अलग-अलग यूनिट समेत दमकल एवं एंबुलेंस टीम के सदस्यों ने इसमें हिस्सा लिया। तहसील स्तर पर भी मॉक ड्रिल हुई।
आकस्मिक परिस्थितियों में बिजली बंद करने, इमारत के अंदर खुद को सुरक्षित करने, ऊंची इमारतों के बचाव समेत अन्य अभ्यास कराए गए। हवाई हमले की स्थिति में बचाव के तरीके समझाए गए। जिलाधिकारी मृदृल चौधरी ने कहा बचाव के तरीके समझाने के साथ आसपास के लोगों को इस बारे में सचेत करने की जरूरत है। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल समेत तमाम वरिष्ठ पुलिस अफसर मौजूद रहे।
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मॉकड्रिल सफलता पूर्वक हुई। सभी पक्ष इसमें शामिल रहे। गाइड लाइन के मुताबिक ब्लैक आउट डि्रल भी कराई गई। आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसमें पुलिस बल, दमकलकर्मी, एंबुलेंस समेत अन्य सेवाओं के सदस्य शामिल रहे।
- बीबी जीटीएस मूर्ति, एसएसपी, झांसी
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ब्लैक आउट को लेकर हलाकान रहे लोग
इलाइट चौराहे के पास बंद रखी गई लाइट
हवाई हमले के दौरान बचाव की मॉक डि्रल होनी थी लेकिन, महानगर के तमाम हिस्सों में लोग ब्लैक आउट का इंतजार करते रहे। कुछ सोशल मीडिया अकांउट से रात नौ बजे पूरे महानगर में ब्लैक आउट होने पर अंधेरा छा जाने की बात कही गई। रात में घरों की भी बिजली बंद करने की अपील की जाने लगी। इसकी पुष्टि के लिए अफसरों के फोन भी घनघनाते रहे। तमाम लोग बिजली घर भी पता लगाने पहुंचे हालांकि ब्लैक आउट सिर्फ इलाइट चौराहे के आसपास इलाके में ही होना था। रात नौ बजे कुछ देर के लिए यहां आसपास की लाइट बंद करके परीक्षण किया गया। इस दौरान एसएसपी समेत अन्य अफसर भी पहुंचे। घरों की लाइट भी बंद रखने को कहा गया जबकि महानगर के अन्य हिस्सों में इसका कोई प्रभाव नहीं रहा।
इनसेट
सायरन बना रहा आकर्षण का केंद्र
सिविल डिफेंस कार्यकर्ता सायरन बजाने के लिए जिस उपकरण को लेकर आए थे, वह सभी के आकर्षण का केंद्र बन गया। सिविल डिफेंस अफसरों के मुताबिक मैनुअल तरीके से काम करने वाले इस यंत्र का इस्तेमाल 1962 की लड़ाई के दौरन भी किया गया था। इसकी मदद से इलाइट चौराहा एवं किले के पास भी सायरन बजाया गया।
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झांसी। बुधवार शाम करीब 4:20 बजे अचानक पुलिस लाइन में आकाश से आग के गोले गिरने लगे। गोले गिरते ही आग लग गई। इसके तुरंत बाद सायरन बज उठा। आवाज सुनकर दमकल गाड़ियों समेत रेस्पांस टीम सक्रिय हो गईं। थोड़ी देर में दमकल गाड़ियां पहुंच गईं। बचाव कार्य आंरभ हो गया।
यह दृश्य मॉक डि्रल का था। गृह मंत्रालय के निर्देश पर बुधवार शाम पुलिस लाइन में आपात स्थितियों में बचाव कार्य का प्रदर्शन हुआ। करीब चालीस मिनट के बीच हवाई हमले के साथ आगजनी एवं घायलों के बचाव करते हुए अस्पताल पहुंचाने का तरीका बताया गया। सिविल डिफेंस की अलग-अलग यूनिट समेत दमकल एवं एंबुलेंस टीम के सदस्यों ने इसमें हिस्सा लिया। तहसील स्तर पर भी मॉक ड्रिल हुई।
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आकस्मिक परिस्थितियों में बिजली बंद करने, इमारत के अंदर खुद को सुरक्षित करने, ऊंची इमारतों के बचाव समेत अन्य अभ्यास कराए गए। हवाई हमले की स्थिति में बचाव के तरीके समझाए गए। जिलाधिकारी मृदृल चौधरी ने कहा बचाव के तरीके समझाने के साथ आसपास के लोगों को इस बारे में सचेत करने की जरूरत है। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल समेत तमाम वरिष्ठ पुलिस अफसर मौजूद रहे।
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मॉकड्रिल सफलता पूर्वक हुई। सभी पक्ष इसमें शामिल रहे। गाइड लाइन के मुताबिक ब्लैक आउट डि्रल भी कराई गई। आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसमें पुलिस बल, दमकलकर्मी, एंबुलेंस समेत अन्य सेवाओं के सदस्य शामिल रहे।
- बीबी जीटीएस मूर्ति, एसएसपी, झांसी
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ब्लैक आउट को लेकर हलाकान रहे लोग
इलाइट चौराहे के पास बंद रखी गई लाइट
हवाई हमले के दौरान बचाव की मॉक डि्रल होनी थी लेकिन, महानगर के तमाम हिस्सों में लोग ब्लैक आउट का इंतजार करते रहे। कुछ सोशल मीडिया अकांउट से रात नौ बजे पूरे महानगर में ब्लैक आउट होने पर अंधेरा छा जाने की बात कही गई। रात में घरों की भी बिजली बंद करने की अपील की जाने लगी। इसकी पुष्टि के लिए अफसरों के फोन भी घनघनाते रहे। तमाम लोग बिजली घर भी पता लगाने पहुंचे हालांकि ब्लैक आउट सिर्फ इलाइट चौराहे के आसपास इलाके में ही होना था। रात नौ बजे कुछ देर के लिए यहां आसपास की लाइट बंद करके परीक्षण किया गया। इस दौरान एसएसपी समेत अन्य अफसर भी पहुंचे। घरों की लाइट भी बंद रखने को कहा गया जबकि महानगर के अन्य हिस्सों में इसका कोई प्रभाव नहीं रहा।
इनसेट
सायरन बना रहा आकर्षण का केंद्र
सिविल डिफेंस कार्यकर्ता सायरन बजाने के लिए जिस उपकरण को लेकर आए थे, वह सभी के आकर्षण का केंद्र बन गया। सिविल डिफेंस अफसरों के मुताबिक मैनुअल तरीके से काम करने वाले इस यंत्र का इस्तेमाल 1962 की लड़ाई के दौरन भी किया गया था। इसकी मदद से इलाइट चौराहा एवं किले के पास भी सायरन बजाया गया।