फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The robot repairs the wheels of the old coach in just 24 hours, not 72 hours

Jhansi News: 72 घंटे नहीं महज 24 घंटे में रोबोट पुराने कोच के पहियों को कर देता है दुरुस्त

Tue, 27 May 2025 02:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 May 2025 02:06 AM IST
विज्ञापन
The robot repairs the wheels of the old coach in just 24 hours, not 72 hours

विज्ञापन


पंकज कश्यप



झांसी। एक साल पहले चार करोड़ की लागत से रेलवे वर्कशॉप में स्थापित ऑटोमेटिक रोबोट केे माध्यम से 72 घंटे में होने वाला काम अब महज 24 घंटे में पूरा हो रहा है। रोबोट अपने आप कोच को पिट पर लाता है और कंप्यूटर के माध्यम से आवश्यकता अनुसार एंट्री करने के बाद पुराने पहियों को ठीक कर देता है। रोबोट एक माह में 88 पहियों को दुरुस्त करने में सक्षम है।

नगरा स्थित रेलवे वर्कशॉप में पहले पहियों के सर्फेस टर्न करने का काम मैनुअल रेलवे कर्मचारियों की मदद से किया जाता था। तब यह काम तीन दिन में पूरा होता था। वह इसलिए क्योंकि पहले कोच को पहियों से क्रेन की मदद से अलग किया जाता था। उसके बाद पहियों को कर्मचारी मशीन के माध्यम से उन्हें नया बनाने का काम करते थे। इस कार्य में तीन दिन तक लग जाते थे। पुरानी पद्धति से काम करना थोड़ा जोखिम भरा होता था। इसे देखते हुये वर्कशॉप के अधिकारियों ने पुलिया नं. 9 स्थित कोच केयर सेंटर में एक साल पहले चार करोड़ से रोबोट खरीदा। इसे स्थापित कर दिया गया। यह रोबोट वर्कशॉप मंडल के अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए काफी कामगर साबित हो रहा है।
विज्ञापन




यह करता है रोबोट



रोबोट की खासियत यह है कि कोच को पिटवेल तक ले जाने के लिए इंजन की जरूरत नहीं होती। वह कोच को खींचकर निर्धारित स्थान पर ले जाता है। वहां पहले अधिकारी कोच के पहियों की जांच करते हैं। आवश्यकता अनुसार ग्राइंड करने के लिये कंप्यूटर में फीडिंग करते हैं। इसके बाद कोच के दोनों पहिये इस रोबोट पर घूमकर ग्राइंड होने लगते हैं। काम पूरा होने के बाद रोबोट खुद काम करना बंद कर देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले गोरखपुर भेजे जाते थे कोच

पहले पुरानी लेथ मशीन झांसी मंडल के पास थी। उस पर काम समय पर पूरा न होने के कारण कोचों को गोरखपुर भेजा जाता था पर अब कोच के पहिये की मरम्मत नवीन कोच केयर सेंटर में हो रही है। इसके अलावा अन्य मंडलों के खराब कोच को भी दुरुस्त करने का काम हो रहा है।




वर्जन

पुरानी लेथ मशीन पर काम समय पर पूरा नहीं होता था पर अब इस रोबोट से काम आसान हो गया है। यदि काम ज्यादा नहीं हो तो एक कोच के पहियों को एक दिन में ग्राइंड कर लिया जाता है। काम ज्यादा होने पर डेढ़ दिन लग जाता है। हाल ही में हुबली के एक कोच के पहियों को दुरुस्त कर रवाना किया गया है। - राजीव अवस्थी, सीडीओ सीएंडडब्लू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed